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डीपीआई के बाहर फूटा चयनित शिक्षकों का गुस्सा: 13 हजार अभ्यर्थियों की जॉइनिंग अटकी, डीवी शुरू करने की मांग

Mon, 11 May 2026 05:27 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Mon, 11 May 2026 05:27 PM IST
सार

भोपाल में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के चयनित अभ्यर्थियों ने डीपीआई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर दस्तावेज सत्यापन (डीवी) और जॉइनिंग प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की। 13,089 पदों पर भर्ती का रिजल्ट 27 फरवरी 2026 को जारी हुआ था, लेकिन ढाई महीने बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।

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Selected Teachers' Outrage Erupts Outside DPI: Joining of 13,000 Candidates Stalled; Demand Raised to Commence
डीपीआई के बाहर अभयर्थियों का विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-3 के चयनित अभ्यर्थियों ने सोमवार को भोपाल स्थित डीपीआई कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने दस्तावेज सत्यापन (डीवी) और जॉइनिंग प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रिजल्ट जारी हुए ढाई महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई।
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अक्टूबर 2025 में हुई धी परीक्षा
दरअसल, जुलाई 2025 में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के 13 हजार 89 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। अक्टूबर 2025 में परीक्षा हुई और 27 फरवरी 2026 को परिणाम घोषित किया गया। इसके बावजूद अब तक दस्तावेज सत्यापन तक शुरू नहीं हो सका है। अभ्यर्थियों का कहना है कि डीपीआई की रूल बुक के अनुसार रिजल्ट आने के तीन महीने के भीतर जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए थी।
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केस माफिया पर भर्ती रोकने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि कुछ अभ्यर्थियों और तथाकथित केस माफिया के कारण पूरी भर्ती प्रक्रिया अटक गई है। उनका कहना है कि विशेष शिक्षा श्रेणी में कुछ सामान्य अभ्यर्थियों ने गलत जानकारी भर दी थी। विभाग ने सुधार के लिए दो बार पोर्टल भी खोला, लेकिन संबंधित अभ्यर्थियों ने सुधार नहीं किया। अब वही लोग भर्ती प्रक्रिया को कोर्ट में चुनौती देकर अड़चन पैदा कर रहे हैं।
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सीआरआर नंबर को लेकर भी जानबूझकर खड़ा किया विवाद
अभ्यर्थियों का कहना है कि सीआरआर नंबर को लेकर भी जानबूझकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आवेदन के समय सीआरआर नंबर अपलोड करना अनिवार्य नहीं था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सोशल मीडिया और यूट्यूब के जरिए छात्रों को भड़काकर नए-नए केस लगवा रहे हैं।

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13 हजार परिवारों का भविष्य अधर में
चयनित उम्मीदवारों ने कहा कि कुछ लोगों की गलती का नुकसान 13 हजार चयनित अभ्यर्थियों को उठाना पड़ रहा है। मेरिट में आने के बावजूद युवा महीनों से जॉइनिंग का इंतजार कर रहे हैं और मानसिक तनाव झेल रहे हैं। अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि जानबूझकर गलत जानकारी देने वालों को प्रक्रिया से बाहर कर दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
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