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Science Film Festival: फिल्मों के माध्यम से विज्ञान को सरल बनाने की जरूरत, मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण
Mon, 23 Jan 2023 01:13 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, भोपाल
पीटीआई, भोपाल
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 23 Jan 2023 01:13 AM IST
सार
एमिटी साइंटिस्ट और ग्रुप प्रो-वाइस चांसलर (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) डॉ तनु जिंदल ने कहा कि मीडिया का जनता पर बहुत प्रभाव पड़ता है, और इसमें समाज को बदलने की शक्ति होती है।
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International Science Festival
- फोटो : Twitter
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विस्तार
भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव (आईएसएफएफआई) का उद्घाटन शनिवार को पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान भोपाल में हुआ। इस दौरान वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और फिल्म निर्माताओं ने रविवार को फिल्मों के माध्यम से विज्ञान को सरल बनाने की जरूरत का आह्वान किया साथ ही कहा कि विज्ञान को सरल बनाने के लिए मीडिया की बड़ी भूमिका होती है क्योंकि यह जनता और समाज पर तेजी से प्रभाव डालता है।
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मीडिया में समाज को बदलने की शक्ति
8वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएफएस)-2022 के तहत आयोजित भारत के अंतरराष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव के दौरान 'भारत की जी20 प्राथमिकताएं और विज्ञान फिल्मों की भूमिका' विषय पर चर्चा हुई। एमिटी साइंटिस्ट और ग्रुप प्रो-वाइस चांसलर (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) डॉ तनु जिंदल ने कहा कि मीडिया का जनता पर बहुत प्रभाव पड़ता है, और इसमें समाज को बदलने की शक्ति होती है।
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कई तकनीकें जनता से दूर
आगे उन्होंने कहा कि मीडिया इन प्रासंगिक मुद्दों पर फिल्म बनाकर स्वच्छ पर्यावरण, स्थिरता और महिला सशक्तिकरण को प्रभावी ढंग से बढ़ावा दे सकता है, जो जागरूकता फैलाने और समस्याओं का समाधान खोजने में मदद कर सकता है। आगे जिंदल ने कहा कि ऐसी कई प्रौद्योगिकियां हैं जिनके बारे में जनता को जानकारी नहीं है, इसलिए उन प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है और मीडिया ऐसा करने में अत्यधिक मदद कर सकता है।
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युवा पत्रकारों को आगे आना चाहिए
वरिष्ठ विज्ञान संचारक और लेखिका नेहा त्रिपाठी ने कहा कि फिल्मों के माध्यम से विज्ञान को सरल बनाया जाना चाहिए ताकि आम जनता आसानी से प्रौद्योगिकियों और अंतर्निहित अवधारणाओं को समझ सके। जर्मनी में डॉयचे वेले (डीडब्ल्यू) में वरिष्ठ पत्रकार और हिंदी विभाग के प्रमुख महेश झा ने कहा कि हमें विज्ञान फिल्में बनाने के लिए पत्रकारों और फिल्म निर्माताओं की जरूरत है और विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रचार के लिए अधिक युवा पत्रकारों को आगे आना चाहिए।
फिल्म महोत्सव में कोई शुल्क नहीं
भारत, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, रूस, कनाडा, इज़राइल, फिलीपींस, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों की पुरस्कृत विज्ञान फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग फिल्मोत्सव में की जाएगी। फिल्म महोत्सव में किसी प्रकार का शुल्क नहीं रखा गया है। 21 से 23 जनवरी 2023 के दौरान इन फिल्मों की स्क्रीनिंग में बच्चों और छात्रों समेत हर आयु वर्ग के लोग आकर फिल्में देख सकते हैं।
