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Bhopal Crime: ADRM पर रेप का मामला दर्ज कराने वाली महिला पर SC-ST एक्ट में केस, ADRM को कोर्ट कर चुका दोषमुक्त
Wed, 17 May 2023 11:50 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 17 May 2023 11:50 PM IST
सार
भोपाल डीआरएम कार्यालय में पदस्थ एडीआरएम गौरव सिंह चढार पर 8 मई 2022 को एक महिला ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। महिला द्वारा दर्ज कराए गए दुष्कर्म के मामले में गौरव सिंह को उच्च न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
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विस्तार
बीते वर्ष भोपाल रेल मंडल के अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) रहे गौरव सिंह पर गोविंदपुरा थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने वाली महिला के खिलाफ अजाक थाने में एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि, महिला की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
अजाक पुलिस के अनुसार भोपाल डीआरएम कार्यालय में पदस्थ एडीआरएम गौरव सिंह चढार पर 8 मई 2022 को एक महिला ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। महिला द्वारा दर्ज कराए गए दुष्कर्म के मामले में गौरव सिंह को उच्च न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया है। आरोप है कि फरियादी महिला उनके खिलाफ लगातार मिथ्या साक्ष्य और छवि धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया पर मैसेज डाल रही थी। इसकी शिकायत गौरव की ओर से बीती सात मई को अजाक थाने में की गई थी। जांच के बाद पुलिस ने बीती रात महिला पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
ये है पूरा मामला
गोविंदपुरा पुलिस को नर्मदापुरम पुलिस की तरफ से सात मई 2022 को केस डायरी मिली थी। उस समय लगे आरोप के अनुसार तत्कालीन एडीआरएम गौरव सिंह ने अपने सरकारी आवास पर ही पीड़िता के साथ कई बार दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि एडीआरएम ने उसके साथ अनुकंपा नौकरी दिलाने के नाम पर दुष्कर्म किया था। महिला को मार्च 2021 में नौकरी लगने के बाद भी लगातार शोषण किया जाता रहा। तब महिला ने बताया था कि दो महीने पहले उसकी शादी हरदा में हुई, इसके बाद भी आरोपी उसे परेशान कर रहा था। पीड़िता ने हाथ की नस काट कर आत्महत्या का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने महिला का इलाज कराने के बाद वन स्टॉप सेंटर में काउंसलिंग कराई। जहां पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया। गौरव सिंह सागर के रहने वाले हैं और शादीशुदा हैं। पीड़िता के पिता रेलवे में नौकरी करते थे। तीन साल पहले उनकी मृत्यु हो गई थी। कोरोनाकाल में मां की भी मृत्यु हो गई। पिता की जगह महिला को अनुकंपा नौकरी मिली है। आरोपी महिला दुष्कर्म पीड़िता रही है, इसलिए उसकी पहचान उजागर नहीं की जा रही है।
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अजाक पुलिस के अनुसार भोपाल डीआरएम कार्यालय में पदस्थ एडीआरएम गौरव सिंह चढार पर 8 मई 2022 को एक महिला ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। महिला द्वारा दर्ज कराए गए दुष्कर्म के मामले में गौरव सिंह को उच्च न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया है। आरोप है कि फरियादी महिला उनके खिलाफ लगातार मिथ्या साक्ष्य और छवि धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया पर मैसेज डाल रही थी। इसकी शिकायत गौरव की ओर से बीती सात मई को अजाक थाने में की गई थी। जांच के बाद पुलिस ने बीती रात महिला पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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ये है पूरा मामला
गोविंदपुरा पुलिस को नर्मदापुरम पुलिस की तरफ से सात मई 2022 को केस डायरी मिली थी। उस समय लगे आरोप के अनुसार तत्कालीन एडीआरएम गौरव सिंह ने अपने सरकारी आवास पर ही पीड़िता के साथ कई बार दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि एडीआरएम ने उसके साथ अनुकंपा नौकरी दिलाने के नाम पर दुष्कर्म किया था। महिला को मार्च 2021 में नौकरी लगने के बाद भी लगातार शोषण किया जाता रहा। तब महिला ने बताया था कि दो महीने पहले उसकी शादी हरदा में हुई, इसके बाद भी आरोपी उसे परेशान कर रहा था। पीड़िता ने हाथ की नस काट कर आत्महत्या का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने महिला का इलाज कराने के बाद वन स्टॉप सेंटर में काउंसलिंग कराई। जहां पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया। गौरव सिंह सागर के रहने वाले हैं और शादीशुदा हैं। पीड़िता के पिता रेलवे में नौकरी करते थे। तीन साल पहले उनकी मृत्यु हो गई थी। कोरोनाकाल में मां की भी मृत्यु हो गई। पिता की जगह महिला को अनुकंपा नौकरी मिली है। आरोपी महिला दुष्कर्म पीड़िता रही है, इसलिए उसकी पहचान उजागर नहीं की जा रही है।
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