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Saurabh Sharma Case: ईडी ने पूछा 52 किलो सोना व 11 करोड़ कैश की कमाई का सोर्स, सौरभ करता रहा इंकार
Wed, 05 Feb 2025 09:27 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 05 Feb 2025 09:27 PM IST
सार
पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा से लोकायुक्त और ईडी ने पूछताछ की, लेकिन उसने 52 किलो सोना और 11 करोड़ नकदी की संपत्ति से इनकार किया। जांच में पता चला कि सौरभ की बेनामी संपत्तियां रिश्तेदारों और कर्मचारियों के नाम पर हैं।
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सौरभ शर्मा से जेल में ईडी ने पूछताछ की।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
करोड़ों की काली कमाई करने वाले परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा से लोकायुक्त पुलिस पूछताछ में भले ही कुछ नहीं उगलवा पाई है, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है। प्रवर्तन निदेशाला (ईडी) के अधिकारी बुधवार दोपहर भोपाल केंद्रीय जेल पहुंचे और वहां कोर्ट का ऑर्डर दिखाकर सौरभ शर्मा से पूछताछ की।
पूछताछ में ईडी अधिकारियों ने सौरभ से जानना चाहा कि मेंडोरी के उसके करीबी के फार्म हाउस में इनोवा के इंदर मिले 52 किलोग्राम से अधिक सोना और करीब 11 करोड़ कैश कहां से कमाया। सौरभ ने दोनों संपत्तियां का खुद का होने से इंकार कर दिया है, लेकिन ईडी के अधिकारी यह मानने तो तैयार नहीं हैं कि वह संपत्ति सौरभ शर्मा की नहीं है। लोकायुक्त पुलिस ने भी पूछताछ में कुछ हासिल नहीं कर पाई, लेकिन उसकी संपत्ति में जितने भी पार्टनर हैं। उसकी स्कूल और अन्य व्यवसाय में कुछ कर्मचारी ऐसे हैं, जिनके नाम पर करोड़ों की संपत्ति है। लोकायुक्त पुलिस व अन्य जांच एजेंसियों को अब तक की जांच में पता चला है कि वह संपत्ति सौरभ शर्मा की बेनामी संपत्ति है, उसने ही रिश्तेदारों और करीबी कर्मचारियों के नाम पर संपत्ति में निवेश किया है। इस आधार पर लोकायुक्त पुलिस सौरभ शर्मा के कई रिश्तेदारों व कर्मचारियों को भी आरोपी बनाने की तैयारी में है।
शरद और चेतन से आज नहीं हो सकी पूछताछ
ईडी ने बुधवार को सौरभ शर्मा से ही लंबी पूछताछ की है, लेकिन शर्मा के बिजनेस पार्टनर और राजदार चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल से कोई पूछताछ नहीं की जा सकी है। इधर यह भी जानकारी सामने आई है कि सौरभ शर्मा ने शाहपुरा स्थित नवनिर्मित जयपुरिया स्कूल में जब शरद जायसवाल को पार्टनर नहीं बनाया, तो उसने ही सौरभ के पूर्व के कुछ बिजनेर पार्टनर के कहने पर पूरा राज जांच एजेंसियों को दिया, जिसके आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने आनन-फानन में प्रकरण दर्ज कर शर्मा के ठिकानों पर छापा मारा था। हालांकि सौरभ के पेट्रोल पंप व अन्य व्यवसाय में साथ रहे कुछ पुराने पार्टनर को भी धंधे से किनारे करने और उनका पूरा हिसाब चुकता नहीं होने के कारण वे जांच एजेंसियों को पहले ही शिकायत कर चुके थे। शरद जायसवाल के पास महत्वपूर्ण दस्तावेज थे, वह जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया है। हालांकि जांच एजेंसी लोकायुक्त और ईडी इस मामले में अभी कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं।
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चेतन और शरद से होगी पूछताछ
सौरभ शर्मा से पूछताछ पूरी होने के बाद चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल से भी ईडी के अधिकारी पूछताछ करेंगे। ईडी की छापेमारी में भी बहुत से ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनमें तीनों की पार्टनरशिप और बेनामी संपत्तियां होने के पुख्ता प्रमाण हैं। सौरभ से पूरी जानकारी लेने के बाद ईडी चेतन और शरद से काउंटर सवाल करने की तैयारी में है। जरूरत पड़ी तो तीनों का आमना-सामना भी कराया जा सकता है। इधर 52 किलो से अधिक सोना और 11 करोड़ नकदी बरामद करने वाले आयकर विभाग भी जांच का मेमोरंडम बना रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की खुफिया राजस्व निदेशालय (डीआरआई) भी सोना और नकदी को लेकर पूछताछ कर सकते हैं। लोकायुक्त पुलिस सौरभ के रिश्तेदार और कर्मचारियों को मिलाकर करीब आधा सैकड़ा लोगों को नोटिस जारी कर बारी-बारी से पूछताछ के लिए बुलाना शुरू करने जा रही है।
जेल में सौरभ, चेतन और शरद की कैमरों से निगरानी
केन्द्रीय जेल में सौरभ, शरद और चेतन को अलग-अलग बैरकों में रखा गया है। वजह ये है कि तीनों के बीच अब पहले जैसे रिश्ते नहीं रहे। लोकायुक्त की पूछताछ में शरद और चेतन ने साफ कह दिया है कि वे तो सिर्फ कर्मचारी हैं। तीनों ही आरोपियों को अलग-अलग सेल में रखा गया है। इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि जब वे सेल से बाहर निकलेंगे, तब भी उन पर सीसीटीवी कैमरे से पूरी निगरानी रहे। तीनों आरोपी किन लोगों से मिल रहे हैं, कौन उनसे मुलाकात के लिए आ रहा है, इस पर भी नजर रखी जाएगी।
जांच एजेंसियों के लिए परीक्षा की घड़ी : उमा भारती
सौरभ शर्मा मामले को लेकर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि जांच एजेंसियां की दक्षता और निष्पक्षता पर लोगों को विश्वास है। अब उन जांच एजेंसियों के लिए ये परीक्षा की घड़ी है कि वे यह बात यहीं खत्म कर देती हैं या गहराई में जाकर असली महा अपराधियों को पकड़ कर, प्रमाण जुटा कर उन्हें कठोरतम दंड दिलाती हैं।
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पूछताछ में ईडी अधिकारियों ने सौरभ से जानना चाहा कि मेंडोरी के उसके करीबी के फार्म हाउस में इनोवा के इंदर मिले 52 किलोग्राम से अधिक सोना और करीब 11 करोड़ कैश कहां से कमाया। सौरभ ने दोनों संपत्तियां का खुद का होने से इंकार कर दिया है, लेकिन ईडी के अधिकारी यह मानने तो तैयार नहीं हैं कि वह संपत्ति सौरभ शर्मा की नहीं है। लोकायुक्त पुलिस ने भी पूछताछ में कुछ हासिल नहीं कर पाई, लेकिन उसकी संपत्ति में जितने भी पार्टनर हैं। उसकी स्कूल और अन्य व्यवसाय में कुछ कर्मचारी ऐसे हैं, जिनके नाम पर करोड़ों की संपत्ति है। लोकायुक्त पुलिस व अन्य जांच एजेंसियों को अब तक की जांच में पता चला है कि वह संपत्ति सौरभ शर्मा की बेनामी संपत्ति है, उसने ही रिश्तेदारों और करीबी कर्मचारियों के नाम पर संपत्ति में निवेश किया है। इस आधार पर लोकायुक्त पुलिस सौरभ शर्मा के कई रिश्तेदारों व कर्मचारियों को भी आरोपी बनाने की तैयारी में है।
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शरद और चेतन से आज नहीं हो सकी पूछताछ
ईडी ने बुधवार को सौरभ शर्मा से ही लंबी पूछताछ की है, लेकिन शर्मा के बिजनेस पार्टनर और राजदार चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल से कोई पूछताछ नहीं की जा सकी है। इधर यह भी जानकारी सामने आई है कि सौरभ शर्मा ने शाहपुरा स्थित नवनिर्मित जयपुरिया स्कूल में जब शरद जायसवाल को पार्टनर नहीं बनाया, तो उसने ही सौरभ के पूर्व के कुछ बिजनेर पार्टनर के कहने पर पूरा राज जांच एजेंसियों को दिया, जिसके आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने आनन-फानन में प्रकरण दर्ज कर शर्मा के ठिकानों पर छापा मारा था। हालांकि सौरभ के पेट्रोल पंप व अन्य व्यवसाय में साथ रहे कुछ पुराने पार्टनर को भी धंधे से किनारे करने और उनका पूरा हिसाब चुकता नहीं होने के कारण वे जांच एजेंसियों को पहले ही शिकायत कर चुके थे। शरद जायसवाल के पास महत्वपूर्ण दस्तावेज थे, वह जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया है। हालांकि जांच एजेंसी लोकायुक्त और ईडी इस मामले में अभी कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं।
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चेतन और शरद से होगी पूछताछ
सौरभ शर्मा से पूछताछ पूरी होने के बाद चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल से भी ईडी के अधिकारी पूछताछ करेंगे। ईडी की छापेमारी में भी बहुत से ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनमें तीनों की पार्टनरशिप और बेनामी संपत्तियां होने के पुख्ता प्रमाण हैं। सौरभ से पूरी जानकारी लेने के बाद ईडी चेतन और शरद से काउंटर सवाल करने की तैयारी में है। जरूरत पड़ी तो तीनों का आमना-सामना भी कराया जा सकता है। इधर 52 किलो से अधिक सोना और 11 करोड़ नकदी बरामद करने वाले आयकर विभाग भी जांच का मेमोरंडम बना रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की खुफिया राजस्व निदेशालय (डीआरआई) भी सोना और नकदी को लेकर पूछताछ कर सकते हैं। लोकायुक्त पुलिस सौरभ के रिश्तेदार और कर्मचारियों को मिलाकर करीब आधा सैकड़ा लोगों को नोटिस जारी कर बारी-बारी से पूछताछ के लिए बुलाना शुरू करने जा रही है।
जेल में सौरभ, चेतन और शरद की कैमरों से निगरानी
केन्द्रीय जेल में सौरभ, शरद और चेतन को अलग-अलग बैरकों में रखा गया है। वजह ये है कि तीनों के बीच अब पहले जैसे रिश्ते नहीं रहे। लोकायुक्त की पूछताछ में शरद और चेतन ने साफ कह दिया है कि वे तो सिर्फ कर्मचारी हैं। तीनों ही आरोपियों को अलग-अलग सेल में रखा गया है। इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि जब वे सेल से बाहर निकलेंगे, तब भी उन पर सीसीटीवी कैमरे से पूरी निगरानी रहे। तीनों आरोपी किन लोगों से मिल रहे हैं, कौन उनसे मुलाकात के लिए आ रहा है, इस पर भी नजर रखी जाएगी।
जांच एजेंसियों के लिए परीक्षा की घड़ी : उमा भारती
सौरभ शर्मा मामले को लेकर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि जांच एजेंसियां की दक्षता और निष्पक्षता पर लोगों को विश्वास है। अब उन जांच एजेंसियों के लिए ये परीक्षा की घड़ी है कि वे यह बात यहीं खत्म कर देती हैं या गहराई में जाकर असली महा अपराधियों को पकड़ कर, प्रमाण जुटा कर उन्हें कठोरतम दंड दिलाती हैं।
