{"_id":"68cd68f3b2413ade3d0cfe9e","slug":"retired-excise-deputy-commissioner-arrested-sentenced-to-four-years-in-prison-bhopal-news-c-1-1-noi1404-3424143-2025-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhopal News: रिटायर्ड आबकारी उपायुक्त गिरफ्तार, जुलाई में कोर्ट ने सुनाई थी चार साल की सजा, तब से थे फरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhopal News: रिटायर्ड आबकारी उपायुक्त गिरफ्तार, जुलाई में कोर्ट ने सुनाई थी चार साल की सजा, तब से थे फरार
Fri, 19 Sep 2025 08:49 PM IST
भोपाल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: भोपाल ब्यूरो
Updated Fri, 19 Sep 2025 08:49 PM IST
सार
भोपाल में आबकारी विभाग के सेवानिवृत्त उपायुक्त विनोद रघुवंशी को शाहपुरा पुलिस ने गिरफ्तार किया। वर्ष 2003 में शराब ठेकों में फर्जीवाड़ा कर पार्टनर को बाहर करने के मामले में कोर्ट ने उन्हें चार साल की सजा सुनाई थी। सजा के बाद फरार चल रहे रघुवंशी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं।
विज्ञापन
फोटो विनोद रघुवंशी
विस्तार
वर्ष 2003 में शराब ठेकों में फर्जीवाड़ा करने के मामले में चार साल की सजा पा चुके आबकारी विभाग के सेवानिवृत्त उपायुक्त विनोद रघुवंशी को शाहपुरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। भोपाल जिला अदालत ने इस साल सात जुलाई को उपायुक्त रघुवंशी को चार साल की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद वह कोर्ट में पेश नहीं हुए और अभी तक फरार चल रहे थे।
भोपाल की शाहपुरा पुलिस के अनुसार वर्ष 2003 में एक शराब ठेका कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोप में शासकीय रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और पार्टनरशिप डीड में हेराफेरी कर दी थी। उपायुक्त रघुवंशी की हेराफेरी के कारण शराब कंपनी का एक पार्टनर फर्म से बाहर हो गया था। इस मामले में पार्टनरशिप से बाहर हुए शराब कारोबारी की शिकायत पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। रघुवंशी ने यह फर्जीवाड़ा भोपाल के जिला आबकारी अधिकारी रहते किया था।
ये भी पढ़ें- MP ने बनाया नया रिकॉर्ड: एक दिन में 14,573 यूनिट रक्तदान और 20 हजार से अधिक की सिकल सेल जांच
विज्ञापन
उपायुक्त विनोद रघुवंशी को वर्ष 2023 में मजिस्ट्रेट कोर्ट से सजा सुनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने जमानत कराई और फैसले को जिला एवं सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी। सुनवाई के बाद सात जुलाई 2025 को जिला एवं सत्र न्यायालय ने उन्हें चार साल की सुजा सुनाई है।
उल्लेखनीय है कि फरियादी अजय अरोरा ने न्यायालय में प्राइवेट इस्तगासा दायर किया था कि मैं अशोक ट्रेडर्स में पार्टनर था और मेरी 18 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। लेकिन पार्टनर आबकारी विभाग के तत्कालीन क्लर्क ओपी शर्मा ने तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी विनोद रघुवंशी के साथ मिलकर 6 मार्च 2003 को नकली पार्टनरशिप डीड तैयार कर मुझे फर्म से बाहर निकाल दिया। इस कारण उस वर्ष के ठेके से अरोरा बाहर हो गए और फर्म की पूरा हिस्सेदारी उनके पार्टनर के पास पहुंच गई। मामले में आबकारी विभाग के सेवानिवृत्त क्लर्क ओपी शर्मा को कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन
भोपाल की शाहपुरा पुलिस के अनुसार वर्ष 2003 में एक शराब ठेका कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोप में शासकीय रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और पार्टनरशिप डीड में हेराफेरी कर दी थी। उपायुक्त रघुवंशी की हेराफेरी के कारण शराब कंपनी का एक पार्टनर फर्म से बाहर हो गया था। इस मामले में पार्टनरशिप से बाहर हुए शराब कारोबारी की शिकायत पर धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। रघुवंशी ने यह फर्जीवाड़ा भोपाल के जिला आबकारी अधिकारी रहते किया था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP ने बनाया नया रिकॉर्ड: एक दिन में 14,573 यूनिट रक्तदान और 20 हजार से अधिक की सिकल सेल जांच
विज्ञापन
उपायुक्त विनोद रघुवंशी को वर्ष 2023 में मजिस्ट्रेट कोर्ट से सजा सुनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने जमानत कराई और फैसले को जिला एवं सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी। सुनवाई के बाद सात जुलाई 2025 को जिला एवं सत्र न्यायालय ने उन्हें चार साल की सुजा सुनाई है।
उल्लेखनीय है कि फरियादी अजय अरोरा ने न्यायालय में प्राइवेट इस्तगासा दायर किया था कि मैं अशोक ट्रेडर्स में पार्टनर था और मेरी 18 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। लेकिन पार्टनर आबकारी विभाग के तत्कालीन क्लर्क ओपी शर्मा ने तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी विनोद रघुवंशी के साथ मिलकर 6 मार्च 2003 को नकली पार्टनरशिप डीड तैयार कर मुझे फर्म से बाहर निकाल दिया। इस कारण उस वर्ष के ठेके से अरोरा बाहर हो गए और फर्म की पूरा हिस्सेदारी उनके पार्टनर के पास पहुंच गई। मामले में आबकारी विभाग के सेवानिवृत्त क्लर्क ओपी शर्मा को कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
