फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Preparations to give money every month to 27 lakh poor elderly people in Madhya Pradesh

MP: मोहन सरकार बुजुर्गों के लिए करेगी ये बड़ा काम, 496 करोड़ रुपये का हर महीने पड़ेगा भार; जानें पूरी स्कीम

Sun, 09 Feb 2025 07:00 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: शबाहत हुसैन Updated Sun, 09 Feb 2025 07:00 AM IST
सार

Pension Scheme: सामाजिक न्याय विभाग की प्रमुख सचिव सोनाली पोंक्षे वायंगणकर ने कहा कि विभाग से गरीब बुजुर्गों, दिव्यांगों और कल्याणियों को पेंशन दी जाती है। इनकी पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव पर शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है।

विज्ञापन
Preparations to give money every month to 27 lakh poor elderly people in Madhya Pradesh
बुजुर्गों को मिलेगा फायदा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार गरीब बुजुर्गों, दिव्यांग, कल्याणी की पेंशन की राशि बढ़ाने की तैयारी कर रही है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने 600 रुपये प्रतिमाह को दोगुने से ज्यादा बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव दिया है। यह मंजूर होने पर 55 लाख लोगों को फायदा होगा। 

विज्ञापन


अगर सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकृति देती है तो 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की वृद्ध महिलाओं और पुरुषों को लाडली बहनों से ज्यादा राशि मिलेगी। अभी महिला एवं बाल विकास की तरफ से लाडली बहनों में शामिल महिलाओं को 1250 रुपये प्रतिमाह राशि दी जाती है। इसमें 60 साल की उम्र पार करने वाली महिलाओं का नाम काट दिया जाता है, उनको सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की वृद्धजन पेंशन योजना का लाभ दिया जाता है। इसमें अभी प्रतिमाह मात्र 600 रुपये मिलते हैं। इसको लेकर लंबे समय से सवाल खड़े हो रहे हैं? 
विज्ञापन


क्यों जरूरी है पेंशन राशि में वृद्धि?
वर्तमान में, 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों को 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है, जो काफी कम मानी जा रही है। यह राशि वृद्धों की मौलिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है। यदि पेंशन राशि बढ़ाई जाती है, तो यह वृद्धजनों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इसके तहत सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने पेंशन राशि में बढ़ोतरी का प्रस्ताव बनाया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


1.63 लाख नाम काटने पर कमलनाथ ने उठाए थे सवाल 
लाडली बहना योजना में पिछले माह महिला एवं बाल विकास विभाग ने 1.63 लाख महिलाओं के नाम काट दिए थे। इसको लेकर पूर्व सीएम कमलनाथ ने सवाल उठाए थे। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि सरकार लाडली बहना योजना बंद करना चाहती है। 

कमलनाथ ने कहा था कि सरकार लाडली बहनों की राशि बढ़ाने की जगह उनकी संख्या घटाने में लगी है। पूर्व सीएम ने कहा था कि दावा किया जा रहा है कि 60 वर्ष की उम्र पार करने वाली महिलाओं के नाम काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं की उम्र लाडली बहना योजना की पात्रता लायक हो गई, उनका योजना में नाम जोड़ने के लिए पंजीकरण क्यों नहीं किया जा रहा है? 
सरकार पर हर माह बढ़ेगा 496 करोड़ रुपये का बोझ 
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की तरफ से वर्तमान में करीब 55 लाख 17 हजार गरीब बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवा (कल्याणी) महिलाओं को पेंशन दी जाती है। 

यह राशि करीब 331 करोड़ रुपये प्रतिमाह होती है। सरकार इसमें बढ़ोतरी के प्रस्ताव को स्वीकार करती है तो हर माह करीब 827 करोड़ रुपये पेंशन भुगतान के लिए चाहिए। इस तरह सरकार पर प्रतिमाह करीब 496 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ने की संभावना है। 

1.27 करोड़ लाड़ली बहना, अब तक तीन लाख नाम कटे 
सरकार प्रदेश में 1.27 लाख लाडली बहनों के खाते में प्रतिमाह 1250 रुपए की राशि जारी करती है। योजना की शुरुआत से अब तक करीब तीन लाख लाडलियों के नाम योजना से कट चुके हैं। इसमें 60 साल की उम्र सीमा के अलावा भी कुछ अलग-अलग कारण रहे हैं। सरकार को लाडली बहनों के खाते ट्रांसफर करने के लिए प्रतिमाह करीब 1500 करोड़ रुपये राशि की जरूरत होती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed