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MP: बाघों की मौत पर शुरू हुई सियासत, कमलनाथ- बोले मध्य प्रदेश वन्य प्राणियों के लिए भी असुरक्षित प्रदेश
Thu, 11 Jul 2024 10:12 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 11 Jul 2024 10:12 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में वन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार mp बाघों की मौत में देश में एक नंबर पर है। जिसे लेकर कमलनाथ ने कहा है कि वन्य प्राणियों के लिए भी प्रदेश असुरक्षित है।
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कामलनाथ
- फोटो : SOCIAL MEDIA
विस्तार
टाइगर स्टेट के नाम से प्रसिद्ध मध्य प्रदेश में बाघों की स्थित को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। वन विभाग की कमेटी में बताया गया कि बाघों की मौत के मामले में एमपी नंबर वन बन गया है। पिछले छह महीनों में कुल 26 बाघों की मौत हुई, जिसमें से 12 मौतें बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हुई हैं। इसे लेकर प्रदेश में सियासत शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक्स पर ट्वीट कर जांच की मांग की है।
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कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि, मध्य प्रदेश वन्य प्राणियों के लिए भी असुरक्षित प्रदेश बनता जा रहा है। टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश में पिछले छह महीनों में 23 बाघों की मौत हुई है, जिसमें से अकेले बांधवगढ में 12 बाघों की मौत हुई है। उन्होंने लिखा कि वर्ष 2024 में देश में अब तक कुल 75 बाघों की मौत हुई है, जिसमें अकेले मध्य प्रदेश में 23 बाघों की मौत हुई है। देश में कुल बाघों की मौत का 30% आंकड़ा अकेले मध्य प्रदेश से है।
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बांधवगढ में शिकारियों और अंतरराष्ट्रीय तस्करों की सांठगांठ
नाथ ने आगे लिखा कि बताया जा रहा है कि बांधवगढ में शिकारियों और अंतरराष्ट्रीय तस्करों की सांठगांठ से बाघों की मौत का घिनौना खेल खेला जा रहा है। वन विभाग को कुछ शिकारियों के खातों में अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के भी सबूत मिले हैं। हम बाघों की मौत के मामले में पूरे देश में नंबर वन आ चुके हैं, बावजूद इसके सरकार कोई भी ठोस कदम उठाने में नाकाम साबित हुई है।
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सरकार की उदासीनता से तस्करों की मौज
नाथ ने लिखा कि सरकार की उदासीनता से जहां तस्करों की मौज हो रही है, वहीं वन्य जीवों का जीवन संकट में आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लिखा कि मै सरकार से मांग करता हूं कि बाघों की असामान्य मौतों को गंभीरता से लें और शिकारियों एवं तस्करों की भूमिका की जांच कर अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की पहल करें।
