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MP High Court: कागजों पर पौधों की खरीद करने के दोषी रायसेन डीएफओ पर नहीं हुई कार्रवाई, नोटिस जारी
Tue, 13 Sep 2022 08:09 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 13 Sep 2022 08:09 PM IST
सार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में फर्जीवाड़े की जांच में दोषी पाए गए आईएफएस अधिकारी पर कोई कार्रवाई न करने को लेकर वन विभाग के प्रमुख अधिकारियों से जवाब-तलब किया है।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : Social Media
विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद भी एक आईएफएस अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के मामले में वन विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जांच में दोषी होने के बाद भी अधिकारी को प्रमोशन दे दिया गया था। इसे ही हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
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चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की बैंच ने इस मामले में प्रमुख मुख्य वनसंरक्षक को नोटिस जारी किया है। डिप्टी कंजर्वेटर फॉरेस्ट पद से रिटायर हुए मधुकर चतुर्वेदी ने ही रायसेन डीएफओ अजय पांडे के खिलाफ याचिका दाखिल की है। चतुर्वेदी ने दावा किया कि पांडे होशंगाबाद में पदस्थ थे। वहां उन्होंने बिना टेंडर बुलाए पौधे खरीदे थे। जिस कंपनी से यह पौधे खरीदे गए, वह फर्जी थी। यह खरीद-फरोख्त भी सिर्फ कागजों पर ही हुई थी। विभागीय जांच में उन्हें दोषी पाया गया था।
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याचिका के अनुसार दो साल पहले जांच रिपोर्ट तैयार हुई थी। उसके बाद भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। और तो और, डीपीसी के माध्यम से उन्हें प्रमोशन दे दिया गया। चीफ जस्टिस की बैंच ने याचिकाकर्ता के वकील डीके त्रिपाठी का पक्ष सुनने के बाद वन विभाग को नोटिस जारी कर दिया।
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