फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   NGT takes strict action: Bhopal Municipal Corporation ordered to pay ₹8.94 crore within 30 days, also repriman

एनजीटी सख्त: भोपाल निगम को 30 दिन में भरना होगा 8.94 करोड़, कलियासोत-भोज वेटलैंड अतिक्रमण पर भी फटकार

Fri, 30 Jan 2026 07:31 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Fri, 30 Jan 2026 07:31 PM IST
सार

पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर एनजीटी ने भोपाल नगर निगम पर लगाए गए 8.94 करोड़ के जुर्माने को बरकरार रखा है। निगम को 30 दिन में राशि जमा करनी होगी। साथ ही कलियासोत डैम और भोज वेटलैंड क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और सीवेज प्रबंधन में लापरवाही पर एनजीटी ने प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
NGT takes strict action: Bhopal Municipal Corporation ordered to pay ₹8.94 crore within 30 days, also repriman
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पर्यावरण नियमों की अनदेखी भोपाल नगर निगम को भारी पड़ गई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने कचरा प्रबंधन और सीवेज ट्रीटमेंट में लापरवाही के मामले में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) द्वारा लगाए गए ₹8.94 करोड़ के जुर्माने को बरकरार रखा है। निगम को यह राशि 30 दिन के भीतर जमा करनी होगी, अन्यथा वसूली की कार्रवाई की जाएगी। एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच ने निगम की अपील खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय जिम्मेदारियों से किसी भी समझौते के जरिए बचा नहीं जा सकता। अधिकरण ने कहा कि प्रदूषक भुगतान सिद्धांत के तहत पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई अनिवार्य है।
विज्ञापन


STP बंद, बिना उपचार बहता रहा सीवेज
अधिकरण ने पाया कि दिसंबर 2023 में हुए संयुक्त निरीक्षण के दौरान बागमुगलिया स्थित एक मल्टी-स्टोरी आवासीय परिसर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) काम नहीं कर रहा था और बिना उपचारित गंदा पानी परिसर के बाहर छोड़ा जा रहा था। इसके अलावा परियोजना संचालक के पास अनिवार्य कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) भी नहीं था, जो जल और वायु प्रदूषण कानूनों का सीधा उल्लंघन है। एनजीटी ने साफ कहा कि यदि तय समय में जुर्माना जमा नहीं किया गया तो बोर्ड कानून के तहत सख्त कार्रवाई करेगा। यह राशि पर्यावरण पुनर्स्थापन कार्यों में खर्च की जाएगी।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-आधे प्रदेश में छाया कोहरा,स्ट्रॉन्ग सिस्टम से 3 दिन बदलेगा मौसम,भोपाल-इंदौर-ग्वालियर भीगेंगे
विज्ञापन
विज्ञापन


कलियासोत-भोज वेटलैंड में अतिक्रमण पर नाराजगी
एक अन्य मामले में एनजीटी ने कलियासोत डैम और भोज वेटलैंड क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण को लेकर राज्य प्रशासन और नगर निगम को कड़ी फटकार लगाई है। अधिकरण ने कहा कि भोपाल मास्टर प्लान 2005 का खुलेआम उल्लंघन कर जलाशय भूमि, हरित पट्टी और उद्यान क्षेत्र में निर्माण किए गए हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन और जलीय जीवों के आवास पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। रिकॉर्ड के अनुसार, कलियासोत क्षेत्र में कम से कम 97 अवैध अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं, लेकिन 2023 से लगातार निर्देशों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। STP अब तक पूरी तरह चालू नहीं होने से बिना उपचारित सीवेज जलाशयों में जा रहा है।

यह भी पढ़ें-सड़क सुरक्षा कानून नहीं, जीवन का सवाल, भोपाल में जीवन रक्षा प्रशिक्षण में आयुक्त का सख्त संदेश

मुख्य सचिव तक पहुंचेगा आदेश
याचिकाकर्ताओं की ओर से एनजीटी को बताया गया कि अतिक्रमण हटाने के बजाय नए अवैध निर्माण सामने आ रहे हैं। इस पर अधिकरण ने निर्देश दिए कि आदेश मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन तक पहुंचाया जाए, ताकि तत्काल और प्रभावी कार्रवाई हो सके। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed