मध्यप्रदेश में कोरोना: महाराष्ट्र से आने वालों के लिए जरूरी होगी निगेटिव कोविड रिपोर्ट
मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से आने वाले लोगों के लिए कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य करने जा रही है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में बताया गया कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में कोविड-19 की समीक्षा बैठक के दौरान इस संबंध में निर्देश दिए हैं।
समीक्षा बैठक में चौहान ने कहा, 'भोपाल, इंदौर, जबलपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, उज्जैन और महाराष्ट्र से लगे जिलों में कोरोना के मामलों की संख्या बढ़ रही है। प्रदेश में किसी भी हालत में स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया जाए।' महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगा। इसकी जिम्मेदारी बस ऑपरेटरों की होगी। रिपोर्ट के आधार पर ही यात्रियों को बस में प्रवेश मिले।'
स्थिति नहीं सुधरी तो भोपाल-इंदौर में नाइट कर्फ्यू
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सीमा पर जांच की पुख्ता व्यवस्था की जाए। चौहान ने प्रदेश की महाराष्ट्र सीमा से लगे सभी जिलों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा है भोपाल और इंदौर में कोरोना के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर अगले तीन दिन में इसमें गिरावट नहीं हुई तो आठ मार्च से भोपाल और इंदौर में रात्रि कर्फ्यू लगाया जाएगा।
इंदौर में ब्रिटेन वेरिएंट से संक्रमित मिले छह लोग
इससे पहले इंदौर के जिलाधिकारी मनीष सिंह ने शुक्रवार को कहा था कि जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए करीब 100 लोगों के नमूने दिल्ली भेजे गए थे। इनमें से छह ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए स्वरूप से संक्रमित मिले। ये सभी पुरुष हैं और उनकी उम्र 19 से 49 साल के बीच है। शुक्रवार को राज्य में कोरोना के 457 नए मामले मिले, जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या 2,63,747 हो गई है।
औरंगाबाद में 459 नए मामले, पांच की मौत
महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में कोरोना वायरस के 459 नए मामले सामने आए, जिससे जिले में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 52,103 हो गए। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये नए मामले शुक्रवार को सामने आए। अधिकारी ने कहा कि शुक्रवार रात तक जिले में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 2,910 थी। उन्होंने कहा कि 179 और मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई, जिससे जिले में अब तक ठीक हो चुके लोगों की संख्या 47,909 हो गई। उन्होंने कहा कि जिले में शुक्रवार को पांच मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,284 हो गई।
औरंगाबाद नगर निगम के आयुक्त आस्तिक कुमार पांडे ने कहा, 'प्रशासन स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है। पहले जब मामलों की संख्या बढ़ी थी, तो हमने इसे अच्छी तरह से संभाल लिया था। हालांकि तब लॉकडाउन की अवधि थी। लेकिन अब यह एक चुनौती होगी।' अधिकारी ने कहा कि एक मार्च के बाद से, औरंगाबाद जिले में कोविड-19 के 1,737 नए मामले सामने आ चुके हैं और 911 रोगियों को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई। एक मार्च से शुक्रवार रात तक 17 मरीजों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा क्षेत्र के अन्य जिलों में भी संक्रमण के मामले बढ़े हैं।
जालना जिले में 202 नए मामले, बीड में 97, लातूर में 108, नांदेड़ में 128, उस्मानाबाद में 26, हिंगोली में 46 और परभणी में 47 मामले आए हैं। अधिकारी ने कहा कि परभणी में, विदर्भ क्षेत्र के जिलों से आने वाली बसों पर प्रतिबंध, राजनीतिक मार्च, आंदोलन और धार्मिक पूजा स्थलों पर प्रतिबंध 15 मार्च तक जारी रहेंगे।
