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MP Weather: एमपी में नवंबर में भी होगी बारिश, आज कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट, अगले हफ्ते से बढ़ेगी ठंडी
Sat, 01 Nov 2025 07:46 AM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 01 Nov 2025 07:46 AM IST
सार
शनिवार को जारी चेतावनी के अनुसार, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी जिलों में अगले 24 घंटों में चार से साढ़े चार इंच तक वर्षा हो सकती है। वहीं, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, इंदौर, खरगोन, बुरहानपुर, श्योपुर, मुरैना, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में हल्की बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश में पिछले एक दशक से नवंबर का महीना सिर्फ ठंड नहीं, बल्कि बारिश भी लेकर आता है। इस बार भी मौसम का रुख कुछ ऐसा ही रहने वाला है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।शनिवार को जारी चेतावनी के अनुसार, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी जिलों में अगले 24 घंटों में चार से साढ़े चार इंच तक वर्षा हो सकती है। वहीं, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, इंदौर, खरगोन, बुरहानपुर, श्योपुर, मुरैना, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में हल्की बारिश का सिलसिला बना रहेगा। राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहेंगे और शाम के समय हल्की फुहारें पड़ने की संभावना है।
पहले हफ्ते में बारिश, दूसरे में बढ़ेगी सर्दी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर के पहले सप्ताह में वर्षा का दौर जारी रहेगा, जबकि दूसरे सप्ताह से उत्तरी हवाएं सक्रिय होने लगेंगी, जिससे ठिठुरन में बढ़ोतरी होगी।
अक्टूबर में रिकॉर्ड बारिश और ठंड
अक्टूबर माह इस बार उम्मीदों से कहीं ज्यादा बरसात भरा रहा। राज्य में औसतन 2.8 इंच बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 1.3 इंच की तुलना में 121 प्रतिशत अधिक है। बारिश के कारण दिन का तापमान भी नीचे चला गया — भोपाल में अधिकतम पारा 24 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो पिछले 25 वर्षों में सबसे कम दर्ज हुआ।
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यह भी पढ़ें-एमपी के कई जिलों में हुई हल्की बारिश, तेज हवाओं के साथ गरज-चमक का दौर, तापमान में आई गिरावट
मानसून गया, पर बादल नहीं हटे
आमतौर पर अक्टूबर में मानसून की विदाई के बाद आसमान साफ हो जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। लगभग चार महीने सक्रिय रहने के बाद 13 अक्टूबर को मानसून विदा हुआ, पर बारिश का दौर जारी रहा। IMD भोपाल की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अक्टूबर में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना पहले ही जताई गई थी। दूसरे सप्ताह में मानसून विदा होने के बाद भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन, लो प्रेशर एरिया और डिप्रेशन सिस्टम के असर से अतिरिक्त 121 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई।
यह भी पढ़ें-70 वें स्थापना दिवस की प्रदेशवासियों को दी बधाई, सीएम बोले-देश के मानचित्र पर एमपी की विशिष्ट पहचान
तेज हवाओं से फसलें भी हुईं प्रभावित
अक्टूबर के अंतिम दिनों में बने मजबूत मौसमीय सिस्टम के कारण नर्मदापुरम, श्योपुर, मुरैना और भिंड जैसे जिलों में तेज हवाओं और वर्षा से खेतों में खड़ी फसलें नुकसानग्रस्त हुईं। इसी दौरान कई शहरों में अधिकतम तापमान 24 डिग्री से नीचे चला गया उज्जैन, छतरपुर और नरसिंहपुर में भी ठंड का असर बढ़ गया।
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पहले हफ्ते में बारिश, दूसरे में बढ़ेगी सर्दी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर के पहले सप्ताह में वर्षा का दौर जारी रहेगा, जबकि दूसरे सप्ताह से उत्तरी हवाएं सक्रिय होने लगेंगी, जिससे ठिठुरन में बढ़ोतरी होगी।
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अक्टूबर में रिकॉर्ड बारिश और ठंड
अक्टूबर माह इस बार उम्मीदों से कहीं ज्यादा बरसात भरा रहा। राज्य में औसतन 2.8 इंच बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 1.3 इंच की तुलना में 121 प्रतिशत अधिक है। बारिश के कारण दिन का तापमान भी नीचे चला गया — भोपाल में अधिकतम पारा 24 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो पिछले 25 वर्षों में सबसे कम दर्ज हुआ।
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मानसून गया, पर बादल नहीं हटे
आमतौर पर अक्टूबर में मानसून की विदाई के बाद आसमान साफ हो जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। लगभग चार महीने सक्रिय रहने के बाद 13 अक्टूबर को मानसून विदा हुआ, पर बारिश का दौर जारी रहा। IMD भोपाल की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अक्टूबर में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना पहले ही जताई गई थी। दूसरे सप्ताह में मानसून विदा होने के बाद भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन, लो प्रेशर एरिया और डिप्रेशन सिस्टम के असर से अतिरिक्त 121 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई।
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तेज हवाओं से फसलें भी हुईं प्रभावित
अक्टूबर के अंतिम दिनों में बने मजबूत मौसमीय सिस्टम के कारण नर्मदापुरम, श्योपुर, मुरैना और भिंड जैसे जिलों में तेज हवाओं और वर्षा से खेतों में खड़ी फसलें नुकसानग्रस्त हुईं। इसी दौरान कई शहरों में अधिकतम तापमान 24 डिग्री से नीचे चला गया उज्जैन, छतरपुर और नरसिंहपुर में भी ठंड का असर बढ़ गया।
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