{"_id":"6abfa2905e69a7ae660058c6","slug":"mp-plot-to-grab-ex-cm-kamal-nath-s-26-bigha-land-fake-will-and-death-certificate-alleged-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्यप्रदेश: पूर्व सीएम कमलनाथ की 26 बीघा जमीन हड़पने की साजिश,पिता की फर्जी वसीयत-मृत्यु प्रमाणपत्र से रचा खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्यप्रदेश: पूर्व सीएम कमलनाथ की 26 बीघा जमीन हड़पने की साजिश,पिता की फर्जी वसीयत-मृत्यु प्रमाणपत्र से रचा खेल
Fri, 02 Oct 2026 05:54 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 02 Oct 2026 05:54 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की बिजनौर में करीब 26 बीघा जमीन को लेकर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, जमीन हड़पने के लिए उनके पिता के नाम फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र इस्तेमाल किए गए, दो आरोपी गिरफ्तार हैं।
विज्ञापन
पूर्व सीएम कमलनाथ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के परिवार की जमीन को लेकर उत्तर प्रदेश के बिजनौर में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, नजीबाबाद तहसील क्षेत्र में करीब 26 बीघा जमीन को अपने नाम कराने के लिए कमलनाथ के पिता महेंद्रनाथ के नाम कथित फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कर इस्तेमाल किया गया। मामले में कमलनाथ की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हल्का लेखपाल समेत दो लोगों की तलाश जारी है।
ये भी पढ़ें- शाह के दौरे से भोपाल में बदली ट्रैफिक व्यवस्था: आज शाम से कई रास्तों पर डायवर्जन; कल भेल क्षेत्र में भी बदलाव
जमीन के कागजों में सामने आया फर्जीवाड़ा
पुलिस के मुताबिक, कमलनाथ ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पिता के नाम नजीबाबाद तहसील के अमीखानपुर गांव में कृषि भूमि दर्ज है। इस जमीन की विरासत अपने नाम दर्ज कराने के लिए उन्होंने 18 मई 2026 को तहसीलदार न्यायालय में आवेदन दिया था। आवेदन की प्रक्रिया के दौरान लेखपाल की रिपोर्ट में जमीन को विवादित बताया गया। इसके बाद तहसीलदार न्यायालय में धर्मपाल सिंह बनाम ग्राम सभा का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, इसी मामले में धर्मपाल सिंह की ओर से महेंद्रनाथ के नाम एक कथित फर्जी वसीयत प्रस्तुत की गई थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- भोपाल एम्स: अमृत की खरीदी में हेराफेरी का शक, आरटीआई में पूछा 'खेत' का सवाल तो जवाब दिया 'खलिहान' का
वास्तविक मौत से पहले का मृत्यु प्रमाणपत्र
जांच में मृत्यु प्रमाणपत्र को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, पेश किए गए प्रमाणपत्र में महेंद्रनाथ की मृत्यु 10 अप्रैल 2003 को होना दर्ज है और इसे नजीबाबाद से जारी बताया गया है। वहीं, कमलनाथ की शिकायत के मुताबिक उनके पिता की मृत्यु 7 सितंबर 2004 को दिल्ली में हुई थी। यानी शिकायत में बताए गए वास्तविक मृत्यु दिवस से करीब डेढ़ साल पहले की तारीख वाला मृत्यु प्रमाणपत्र दस्तावेजों में इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।
ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश: गांधी-शास्त्री जयंती पर सीएम मोहन ने किया नमन, बोले- आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ रहा देश
लेखपाल की रिपोर्ट भी जांच के दायरे में
कमलनाथ ने पुलिस को दी शिकायत में धर्मपाल सिंह निवासी महावतपुर, जसबिंदर सिंह ढिल्लो, विजय शंकर पांडेय निवासी नजीबाबाद और हल्का लेखपाल डेविड कुमार पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि जमीन को फर्जी तरीके से अपने नाम कराने के बाद उसे बेचने की कोशिश की गई। पुलिस के मुताबिक, लेखपाल की रिपोर्ट में एक आरोपी को जमीन का काश्तकार बताया गया था। अब पुलिस इस रिपोर्ट और तहसील न्यायालय में पेश किए गए दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
ये भी पढ़ें- मध्य प्रदेश भाजपा में नई पारी का पहला संदेश: गुटबाजी खत्म करो, पोस्टर में नेताओं के चेहरे नहीं योजनाएं दिखाओ
दो गिरफ्तार, वसीयत टाइप करने का आरोप
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक, पूर्व सीएम कमलनाथ की शिकायत के आधार पर नजीबाबाद थाने में चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने धर्मपाल सिंह और विजय शंकर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में विजय शंकर द्वारा कथित फर्जी वसीयत टाइप किए जाने की बात सामने आई है। वहीं, हल्का लेखपाल डेविड कुमार समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस जमीन से जुड़े दस्तावेजों, कथित वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र की जांच कर रही है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- शाह के दौरे से भोपाल में बदली ट्रैफिक व्यवस्था: आज शाम से कई रास्तों पर डायवर्जन; कल भेल क्षेत्र में भी बदलाव
विज्ञापन
जमीन के कागजों में सामने आया फर्जीवाड़ा
पुलिस के मुताबिक, कमलनाथ ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पिता के नाम नजीबाबाद तहसील के अमीखानपुर गांव में कृषि भूमि दर्ज है। इस जमीन की विरासत अपने नाम दर्ज कराने के लिए उन्होंने 18 मई 2026 को तहसीलदार न्यायालय में आवेदन दिया था। आवेदन की प्रक्रिया के दौरान लेखपाल की रिपोर्ट में जमीन को विवादित बताया गया। इसके बाद तहसीलदार न्यायालय में धर्मपाल सिंह बनाम ग्राम सभा का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, इसी मामले में धर्मपाल सिंह की ओर से महेंद्रनाथ के नाम एक कथित फर्जी वसीयत प्रस्तुत की गई थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- भोपाल एम्स: अमृत की खरीदी में हेराफेरी का शक, आरटीआई में पूछा 'खेत' का सवाल तो जवाब दिया 'खलिहान' का
वास्तविक मौत से पहले का मृत्यु प्रमाणपत्र
जांच में मृत्यु प्रमाणपत्र को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, पेश किए गए प्रमाणपत्र में महेंद्रनाथ की मृत्यु 10 अप्रैल 2003 को होना दर्ज है और इसे नजीबाबाद से जारी बताया गया है। वहीं, कमलनाथ की शिकायत के मुताबिक उनके पिता की मृत्यु 7 सितंबर 2004 को दिल्ली में हुई थी। यानी शिकायत में बताए गए वास्तविक मृत्यु दिवस से करीब डेढ़ साल पहले की तारीख वाला मृत्यु प्रमाणपत्र दस्तावेजों में इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।
ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश: गांधी-शास्त्री जयंती पर सीएम मोहन ने किया नमन, बोले- आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ रहा देश
लेखपाल की रिपोर्ट भी जांच के दायरे में
कमलनाथ ने पुलिस को दी शिकायत में धर्मपाल सिंह निवासी महावतपुर, जसबिंदर सिंह ढिल्लो, विजय शंकर पांडेय निवासी नजीबाबाद और हल्का लेखपाल डेविड कुमार पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि जमीन को फर्जी तरीके से अपने नाम कराने के बाद उसे बेचने की कोशिश की गई। पुलिस के मुताबिक, लेखपाल की रिपोर्ट में एक आरोपी को जमीन का काश्तकार बताया गया था। अब पुलिस इस रिपोर्ट और तहसील न्यायालय में पेश किए गए दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
ये भी पढ़ें- मध्य प्रदेश भाजपा में नई पारी का पहला संदेश: गुटबाजी खत्म करो, पोस्टर में नेताओं के चेहरे नहीं योजनाएं दिखाओ
दो गिरफ्तार, वसीयत टाइप करने का आरोप
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक, पूर्व सीएम कमलनाथ की शिकायत के आधार पर नजीबाबाद थाने में चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने धर्मपाल सिंह और विजय शंकर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में विजय शंकर द्वारा कथित फर्जी वसीयत टाइप किए जाने की बात सामने आई है। वहीं, हल्का लेखपाल डेविड कुमार समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस जमीन से जुड़े दस्तावेजों, कथित वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र की जांच कर रही है।
