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मध्यप्रदेश: एमपी में मंत्री से मिलने के लिए भी अनुमति जरूरी! बिना परमिशन पहुंचे तो होगी कार्रवाई
Fri, 18 Sep 2026 08:01 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 18 Sep 2026 08:01 AM IST
सार
मध्यप्रदेश के जल संसाधन विभाग में मंत्री से मिलने के लिए अब अधिकारियों-कर्मचारियों को पहले अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति पहुंचे तो विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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मंत्री तुलसी सिलावट।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के जल संसाधन विभाग में अब अधिकारी और कर्मचारियों को विभागीय मंत्री तुलसीराम सिलावट से मिलने से पहले अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति मंत्री से मिलने पहुंचने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को लेकर विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। दोबारा ऐसी स्थिति बनने पर संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जल संसाधन विभाग के कार्यालय प्रमुख अभियंता की ओर से प्रदेश के सभी मुख्य अभियंताओं और परियोजना संचालकों को इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। पत्र में 15 सितंबर को जल संसाधन मंत्री की ओर से जारी पत्र का हवाला दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी बिना अनुमति प्राप्त किए जल संसाधन मंत्री से भेंट करने के लिए उपस्थित हो जाते हैं। इसे विभाग ने शिष्टाचार के विरुद्ध बताया है।
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प्रमुख अभियंता कार्यालय ने सभी मुख्य अभियंताओं और परियोजना संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों में पदस्थ सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस संबंध में सूचित करें। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी भविष्य में बिना अनुमति मंत्री से मिलने के लिए पहुंचता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यानी अब जल संसाधन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को मंत्री से मुलाकात के लिए पहले अनुमति की प्रक्रिया का पालन करना होगा।
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प्रमुख अभियंता कार्यालय ने सभी मुख्य अभियंताओं और परियोजना संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों में पदस्थ सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस संबंध में सूचित करें। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी भविष्य में बिना अनुमति मंत्री से मिलने के लिए पहुंचता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यानी अब जल संसाधन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को मंत्री से मुलाकात के लिए पहले अनुमति की प्रक्रिया का पालन करना होगा।
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