फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP: Nursing scam whistleblower stopped from doing MSC Nursing, Parmar reached High Court, sought permission fo

Mp: नर्सिंग घोटाले के व्हिसलब्लोअर को MSC नर्सिंग करने से रोका, हाईकोर्ट पहुंचे परमार, परीक्षा की मांगी अनुमति

Tue, 15 Oct 2024 03:44 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Tue, 15 Oct 2024 03:44 PM IST
सार

नर्सिंग घोटाले के व्हिसलब्लोअर रवि परमार ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) द्वारा आयोजित मास्टर ऑफ साइंस नर्सिंग (एमएससी नर्सिंग) में प्रवेश की परीक्षा में शामिल करने की अनुमति की मांग की हैं।

विज्ञापन
MP: Nursing scam whistleblower stopped from doing MSC Nursing, Parmar reached High Court, sought permission fo
नर्सिंग घोटाले के व्हिसलब्लोअर रवि परमार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में नर्सिंग घोटाले के व्हिसलब्लोअर एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार के अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) द्वारा आयोजित मास्टर ऑफ साइंस नर्सिंग (एमएससी नर्सिंग) में प्रवेश की परीक्षा में शामिल करने की अनुमति की मांग की हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा पोस्ट बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग की प्रवेश परीक्षा के लिए जारी की गई नियमावली में यह स्पष्ट किया गया है कि कोई भी उम्मीदवार, जिसके विरुद्ध थाने में कोई (चाहे कोई राजनीतिक धरना प्रदर्शन के भी प्रकरण हो) एफआईआर या आपराधिक मामला न्यायालय में लंबित हैं या जिसे न्यायालय द्वारा दंडित किया गया है, वह परीक्षा के लिए अयोग्य होगा।
विज्ञापन



परीक्षा में शामिल होने से वंचित करना अनुचित
परमार के अधिवक्ता, अभिषेक पाण्डेय ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर यह तर्क दिया है कि केवल एफआईआर दर्ज होने के कारण परीक्षा में शामिल होने से वंचित करना अनुचित है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया है कि परमार को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए ताकि वे अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर सकें I जब परमार ने छात्रहित में नर्सिंग घोटाले के खिलाफ आवाज उठाई तो उनके एफआईआर दर्ज की गई हैं इसी आधार पर उन्हें 26 सितंबर को आयोजित होने वाली एमएससी नर्सिंग की प्रवेश परीक्षा में बैठने से रोका जा रहा है।
विज्ञापन



शिक्षा का अधिकार सभी के लिए समान होना चाहिए
रवि परमार ने कहा है कि यह लड़ाई सिर्फ मेरी शिक्षा की नहीं है, बल्कि उन सभी छात्रों की है जिनके मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। शिक्षा का अधिकार सभी के लिए समान होना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि भविष्य में राजनीति से प्रेरित इन मुकदमों में न्यायालय के समक्ष दोषमुक्त साबित होऊंगा, क्योंकि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज किए गए सभी प्रकरण असत्य हैं और सरकार की साजिश का हिस्सा हैं। इन प्रकरणों का कोई ठोस प्रमाण नहीं है; तो यह बस विपक्ष के छात्र नेताओं को डराने का एक पुराना हथकंडा है।
विज्ञापन
विज्ञापन



प्रवेश परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की जाए
परमार ने आगे कहा कि देश की कानून व्यवस्था जटिल और लंबी है, जिसके चलते हम जैसे छात्र नेताओं को दशकों तक न्यायालय के फैसले का इंतजार करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मैं निवेदन करता हूं कि जब मैं निर्दोष साबित होऊंगा, तब शायद इस परीक्षा को देने का अवसर मेरे पास नहीं रहेगा। इसलिए, कृपया मुझे इस प्रवेश परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की जाए। यदि भविष्य में माननीय न्यायालय का निर्णय मेरे पक्ष में नहीं आता है, तो मेरे परीक्षा परिणाम को विलोपित कर विधि संवंत उचित कार्यवाही की जा सकती है। "
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed