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MP News: सीया विवाद पर मुख्यमंत्री के विदेश यात्रा से लौटने के बाद होगा फैसला,
Sat, 19 Jul 2025 09:46 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 19 Jul 2025 09:46 PM IST
सार
राज्य पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरण (सीया) से जुड़े विवाद का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेश दौरे से लौटने के बाद समाधान हो सकता है। इस मामले में सीएम बैठक बुला सकते हैं।
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राज्य प्रभाव मूल्यांकन समिति के चेयरमैन शिवनारायण सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राज्य पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरण (सीया) से जुड़े विवाद को लेकर जल्द ही समाधान निकलने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विदेश यात्रा से लौटने के बाद इस विषय पर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विदेश प्रवास के दौरान इस मुद्दे पर विस्तृत फीडबैक लिया है और अब वे स्वयं इस विषय पर निर्णय ले सकते हैं। बीते दो महीनों से सीया की बैठक नहीं हो पाई, जिससे कई परियोजनाएं अटक गई हैं। कुछ मामले में पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव ने डीम्ड स्वीकृति दे दी, जिसे लेकर विवाद बढ़ गया है। सीया के अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान और पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत कोठारी के बीच मतभेद सामने आए हैं।
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इस मामले में सीया अध्यक्ष ने प्रमुख सचिव, सीया के सदस्य सचिव समेत तीन आईएएस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर कराने मुख्य सचिव को पत्र लिखा गया है। जिसके बाद ही सीया अध्यक्ष का दफ्तर सील करने का मामला सामने आया था। इसका आरोप पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत कोठारी पर था। हालांकि बाद में एप्को की तरफ से शॉर्ट सर्किट की घटना के चलते दफ्तर बंद करने की सफाई दी गई थी। हालांकि इसे सीया अध्यक्ष ने उनके द्वारा भ्रष्टाचार के मामले को उजागर करने पर उनको हटाने की साजिश के रूप में बताया था। बताया जा रहा है कि शिवनारायण सिंह चौहान को सीया अध्यक्ष बनाने की सिफारिश संघ और भाजपा संगठन ने की थी। इसी वजह से सरकार बिना संगठन की सहमति के चौहान पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकती। ऐसे में सरकार ने विवाद को सुलझाने के लिए विभागीय अधिकारियों को हटाने का विकल्प चुना है।
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सीएम के लौटने के बाद निर्णय
जानकारों का कहना है कि इस मामले को खत्म करने के लिए सरकार कोई बड़ा कदम उठा सकती है। इसमें अधिकारियों का विभाग से ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके बाद सीया की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें उन मामलों की समीक्षा की जाएगी, जिनमें माना गया कि मंजूरी मिल गई जबकि बैठक ही नहीं हुई थी। साथ ही लंबे समय से लंबित मामलों को भी निपटाने पर जोर रहेगा।
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इस मामले में सीया अध्यक्ष ने प्रमुख सचिव, सीया के सदस्य सचिव समेत तीन आईएएस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर कराने मुख्य सचिव को पत्र लिखा गया है। जिसके बाद ही सीया अध्यक्ष का दफ्तर सील करने का मामला सामने आया था। इसका आरोप पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत कोठारी पर था। हालांकि बाद में एप्को की तरफ से शॉर्ट सर्किट की घटना के चलते दफ्तर बंद करने की सफाई दी गई थी। हालांकि इसे सीया अध्यक्ष ने उनके द्वारा भ्रष्टाचार के मामले को उजागर करने पर उनको हटाने की साजिश के रूप में बताया था। बताया जा रहा है कि शिवनारायण सिंह चौहान को सीया अध्यक्ष बनाने की सिफारिश संघ और भाजपा संगठन ने की थी। इसी वजह से सरकार बिना संगठन की सहमति के चौहान पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकती। ऐसे में सरकार ने विवाद को सुलझाने के लिए विभागीय अधिकारियों को हटाने का विकल्प चुना है।
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सीएम के लौटने के बाद निर्णय
जानकारों का कहना है कि इस मामले को खत्म करने के लिए सरकार कोई बड़ा कदम उठा सकती है। इसमें अधिकारियों का विभाग से ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके बाद सीया की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें उन मामलों की समीक्षा की जाएगी, जिनमें माना गया कि मंजूरी मिल गई जबकि बैठक ही नहीं हुई थी। साथ ही लंबे समय से लंबित मामलों को भी निपटाने पर जोर रहेगा।
