{"_id":"67fd0070230aa1033e0b381f","slug":"mp-news-union-agriculture-minister-shivraj-singh-chouhan-got-his-kisan-id-made-made-this-appeal-to-the-farme-2025-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बनवाई अपनी किसान आईडी, किसानों से की यह अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बनवाई अपनी किसान आईडी, किसानों से की यह अपील
Mon, 14 Apr 2025 06:02 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 14 Apr 2025 06:02 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत अपनी किसान आईडी बनाकर किसानों को तकनीक से जुड़ने का संदेश दिया। विदिशा में आईडी बनवाते हुए उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस डिजिटल पहल का हिस्सा बनें और सरकारी योजनाओं का लाभ सहजता से प्राप्त करें।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत अपनी किसान आईडी बनवाई। इस मौके पर उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़ें और अपनी आईडी जल्द से जल्द बनवाएं, ताकि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर और पारदर्शी तरीके से मिल सके।
डिजिटल आईडी में मिलेगी हर जानकारी
चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन का उद्देश्य किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और तकनीक-सक्षम बनाना है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के अंतर्गत प्रत्येक किसान को एक डिजिटल पहचान (Farmer ID) प्रदान की जाएगी, जिसमें खेती से जुड़ी हर जानकारी-जैसे कि जमीन का कौन-सा रकबा है, उसके परिवार में कौन-कौन सदस्य हैं, उसने कौन-सी फसल बोई है, उसकी खेत की मिट्टी का स्वास्थ्य कैसा है, मिट्टी में कौन-कौन से तत्व हैं, सॉइल हेल्थ कार्ड की जानकारी उसके पास खेती के अलावा पशु धन या और कोई संपत्ति है तो उसकी जानकारी भी होगी।
बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं
उन्होंने कहा कि इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में अब बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। जैसे फसल बीमा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, और कृषि ऋण जैसी योजनाओं का लाभ अब सीधा और त्वरित मिलेगा। किसान केवल अपनी आईडी दिखाकर संबंधित सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
विज्ञापन
एमपी में 78 लाख किसानों की बनी आईडी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अब तक देशभर में 5.5 करोड़ से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी हैं, जिनमें से 78 लाख आईडी केवल मध्य प्रदेश के किसानों की हैं। चौहान ने यह भी स्पष्ट किया कि फार्मर आईडी में दर्ज जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और किसान की सहमति के बिना साझा नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई बार जमीनों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी हो जाती है, लेकिन अब डिजिटल आईडी से यह सब नामुमकिन होगा।
विज्ञापन
डिजिटल आईडी में मिलेगी हर जानकारी
चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन का उद्देश्य किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और तकनीक-सक्षम बनाना है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के अंतर्गत प्रत्येक किसान को एक डिजिटल पहचान (Farmer ID) प्रदान की जाएगी, जिसमें खेती से जुड़ी हर जानकारी-जैसे कि जमीन का कौन-सा रकबा है, उसके परिवार में कौन-कौन सदस्य हैं, उसने कौन-सी फसल बोई है, उसकी खेत की मिट्टी का स्वास्थ्य कैसा है, मिट्टी में कौन-कौन से तत्व हैं, सॉइल हेल्थ कार्ड की जानकारी उसके पास खेती के अलावा पशु धन या और कोई संपत्ति है तो उसकी जानकारी भी होगी।
विज्ञापन
बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं
उन्होंने कहा कि इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में अब बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। जैसे फसल बीमा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, और कृषि ऋण जैसी योजनाओं का लाभ अब सीधा और त्वरित मिलेगा। किसान केवल अपनी आईडी दिखाकर संबंधित सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
विज्ञापन
एमपी में 78 लाख किसानों की बनी आईडी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अब तक देशभर में 5.5 करोड़ से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी हैं, जिनमें से 78 लाख आईडी केवल मध्य प्रदेश के किसानों की हैं। चौहान ने यह भी स्पष्ट किया कि फार्मर आईडी में दर्ज जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और किसान की सहमति के बिना साझा नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई बार जमीनों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी हो जाती है, लेकिन अब डिजिटल आईडी से यह सब नामुमकिन होगा।
