फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Three-time minister and five-time MLA Kamal Patel's protocol is less than that of councilor

MP News: तीन बार मंत्री और पांच बार के विधायक कमल पटेल का प्रोटोकाल पार्षद से भी कम, जानें अब क्या जिम्मेदारी

Mon, 23 Sep 2024 04:48 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 23 Sep 2024 04:48 PM IST
सार

कमल पटेल पिछली सरकार में कृषि मंत्री थे। जिन्हें अब केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने अपने सांसद प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया है। संभवत: प्रदेश के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि इतने वरिष्ठ नेता को सांसद प्रतिनिधि की जिम्मेदारी दी गई है।

विज्ञापन
MP News: Three-time minister and five-time MLA Kamal Patel's protocol is less than that of councilor
पूर्व मंत्री कमल पटेल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कमल पटेल को सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके के सांसद प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया है। उइके ने अपने आधिकारिक पत्र पर इस नियुक्ति की घोषणा की, जिसमें पटेल को हरदा जिले के लिए सांसद प्रतिनिधि बनाया गया है। यह नियुक्ति इसलिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि यह संभवत: प्रदेश के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि इतने वरिष्ठ नेता को सांसद प्रतिनिधि की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन


कमल पटेल पिछली सरकार में कृषि मंत्री थे। जिन्हें अब केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने अपने सांसद प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया है। यह नियुक्ति इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि आमतौर पर जिले में सांसद प्रतिनिधि के रूप में पार्टी के पदाधिकारी या सांसद के करीबी लोगों को नियुक्त किया जाता है, लेकिन इस बार उइके ने परंपरा से हटकर वरिष्ठ नेता कमल पटेल को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
विज्ञापन


इस बार मिली शिकस्त
कमल पटेल इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के विधायक आरके दोगने से हार गए थे। हालांकि, उनका राजनीतिक अनुभव गहरा है। वे पांच बार विधायक रह चुके हैं और दो बार कैबिनेट मंत्री व एक बार राज्यमंत्री के पद पर भी रहे हैं। उनकी यह नियुक्ति उनके राजनीतिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए की गई है, जो जिले में राजनीतिक संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रोटोकॉल हो गया नीचे
कमल पटेल पहले कृषि मंत्री रह चुके हैं। आपको बता दें कि अब सांसद प्रतिनिधि बनने के बाद प्रोटोकॉल में काफी नीचे आ जाएंगे। नगर पालिका और नगर पंचायतों में उन्हें पार्षद से भी नीचे का दर्जा मिलेगा, जबकि जनपद पंचायतों में सदस्य से भी निचले स्तर का प्रोटोकॉल होगा। हालांकि, सांसद प्रतिनिधि के रूप में उन्हें सरकारी बैठकों में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा, जो उन्हें जिले के प्रशासनिक मामलों में सक्रिय बनाए रखेगा।


मामला कुछ अलग
यह बदलाव एक अनुभवी और सीनियर नेता के लिए असामान्य है, क्योंकि आमतौर पर उच्च पदों पर रह चुके नेता को इतना निम्न प्रोटोकॉल नहीं दिया जाता, लेकिन फिर भी यह जिम्मेदारी उन्हें स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक प्रक्रिया से जुड़े रहने का एक नया मौका देती है।

(भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed