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MP News: हर संभाग में होंगे वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर, कुनो के बाद गांधी सागर अभ्यारण में आएंगे चीते, तैयारी
Wed, 12 Jun 2024 08:44 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 12 Jun 2024 08:44 AM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की 26वीं बैठक हुई। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में दुर्लभ व लुप्तप्राय प्रजातियों के वन्य प्राणियों को लाने की संभावनाओं का अध्ययन कराएं।
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मां के साथ चीता शावक।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की 26वीं बैठक मंगलवार को आयोजित हुई। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के वन क्षेत्र में रायनो तथा अन्य दुर्लभ व लुप्तप्राय प्रजातियों के वन्य प्राणियों को लाने की संभावनाओं का अध्ययन कराया जाए। जंगली जानवरों से जान-माल की रक्षा के लिए पर्याप्त और प्रभावी उपाय किए जाएं। वन्य प्राणियों के लिए हर संभाग में रेस्क्यू सेंटर आरंभ करने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए।
बैठक में वन मंत्री नागर सिंह चौहान, वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव वन जे.एन. कंसोटिया उपस्थित थे।
गांधी सागर अभयारण्य में चीता पुनर्स्थापना की तैयारी पूरी
बैठक में बताया गया कि चीता प्रोजेक्ट के आगामी चरणों के लिए दक्षिण अफ्रीका तथा केन्या के दलों द्वारा गांधी सागर अभयारण्य और कूनो राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण किया गया है। गांधी सागर अभयारण्य में चीता पुनर्स्थापना के लिए सभी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। क्षेत्र में चीतलों की संख्या बढ़ाने के लिए कान्हा और अन्य स्थानों से उनका पुनर्स्थापना किया गया है। कान्हा और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से संजय टाइगर रिजर्व में 50 गौरों की सफलतापूर्वक पुनर्स्थापना भी की गई है।
ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की अनुमति जारी
बैठक में रातापानी अभयारण्य के अंतर्गत बमनई जीपी से देलावाड़ी तक मार्ग के किनारे-किनारे राइट-ऑफ-वे में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए 0.090 हेक्टेयर वन भूमि भारत संचार निगम, औबेदुल्लागंज को उपयोग पर दिए जाने की वन्यप्राणी अनुमति को अनुमोदन प्रदान किया गया। इसी क्रम में माधव राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत वन भूमि में मुख्य पेयजल पाइप लाइन संबंधी विषय, बैतूल और नर्मदापुरम जिले में जुझारपुर से ढोहरामोहार के मध्य तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण के लिए वन भूमि सेन्ट्रल रेलवे को देने संबंधी वन्य प्राणी अनुमति और रातापानी अभयारण्य को रातापानी टाइगर रिजर्व घोषित करने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श हुआ। वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में वन विभाग के अधिकारी तथा बोर्ड के अशासकीय सदस्य भी शामिल हुए।
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बैठक में वन मंत्री नागर सिंह चौहान, वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव वन जे.एन. कंसोटिया उपस्थित थे।
गांधी सागर अभयारण्य में चीता पुनर्स्थापना की तैयारी पूरी
बैठक में बताया गया कि चीता प्रोजेक्ट के आगामी चरणों के लिए दक्षिण अफ्रीका तथा केन्या के दलों द्वारा गांधी सागर अभयारण्य और कूनो राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण किया गया है। गांधी सागर अभयारण्य में चीता पुनर्स्थापना के लिए सभी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। क्षेत्र में चीतलों की संख्या बढ़ाने के लिए कान्हा और अन्य स्थानों से उनका पुनर्स्थापना किया गया है। कान्हा और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से संजय टाइगर रिजर्व में 50 गौरों की सफलतापूर्वक पुनर्स्थापना भी की गई है।
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ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की अनुमति जारी
बैठक में रातापानी अभयारण्य के अंतर्गत बमनई जीपी से देलावाड़ी तक मार्ग के किनारे-किनारे राइट-ऑफ-वे में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए 0.090 हेक्टेयर वन भूमि भारत संचार निगम, औबेदुल्लागंज को उपयोग पर दिए जाने की वन्यप्राणी अनुमति को अनुमोदन प्रदान किया गया। इसी क्रम में माधव राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत वन भूमि में मुख्य पेयजल पाइप लाइन संबंधी विषय, बैतूल और नर्मदापुरम जिले में जुझारपुर से ढोहरामोहार के मध्य तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण के लिए वन भूमि सेन्ट्रल रेलवे को देने संबंधी वन्य प्राणी अनुमति और रातापानी अभयारण्य को रातापानी टाइगर रिजर्व घोषित करने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श हुआ। वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में वन विभाग के अधिकारी तथा बोर्ड के अशासकीय सदस्य भी शामिल हुए।
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