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MP News: 2028 तक 20,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य, सागर और धार में सोलर पार्क को मंजूरी
Wed, 23 Oct 2024 09:58 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 23 Oct 2024 09:58 PM IST
सार
मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि प्रदेश का लक्ष्य 2028 तक 20,000 मेगावाट सोलर एनर्जी उत्पादन का है। सरकार ने सागर और धार के लिए 300-300 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इससे उत्पादित बिजली का क्रय एमपीपीएमसीएल द्वारा निविदा के माध्यम से न्यूनतम दर निर्धारित कर किया जाएगा।
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मंत्री राकेश शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राज्य सरकार ने प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन 20 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य किया है। बुधवार को राज्य के नव-करणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने भोपाल स्थित अपने सरकारी आवास पर मीडिया से चर्चा में बताया कि वर्तमान में राज्य में 7,000 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है और 8,000 मेगावाट उत्पादन बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच 8,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए करार हुआ है, जिसके तहत दोनों राज्य छह-छह महीनों के अंतराल से इस ऊर्जा का उपयोग करेंगे।
धार और सागर में सोलर पार्क
मंत्री ने कहा कि प्रदेश का लक्ष्य 2028 तक 20,000 मेगावाट सोलर एनर्जी उत्पादन का है। सरकार ने सागर और धार के लिए 300-300 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इससे उत्पादित बिजली का क्रय एमपीपीएमसीएल द्वारा निविदा के माध्यम से न्यूनतम दर निर्धारित कर किया जाएगा। इससे प्रदेश को सस्ती बिजली प्राप्त हो सकेगी। मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश सौर ऊर्जा से समृद्ध प्रदेश है। पूर्व में रीवा की गुढ परियोजना, पश्चिम में ओंकारेश्वर एवं नीमच परियोजनाएं, मध्य एवं दक्षिण में सागर की प्रस्तावित परियोजनाएं शामिल हैं।
किसानों बिजली का करेंगे उत्पादन
प्रदेश में किसानों को भी ऊर्जा उत्पादक बनने का अवसर दिया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम अ एवं कुसुम स के माध्यम से हम अन्नदाताओं को ऊर्जदाता बनाने का कार्य पूरा कर रहे हैं। कुसुम अ के तहत दो मेगावाट तक की परियोजनाएं किसान अपनी जमीन पर लगा सकते हैं। परियोजना चिन्हित सब स्टेशन से पांच किमी की परिधि में कर सकते हैं। किसान अपनी भूमि को कुसुम अ परियोजनाओं के लिए लीज पर भी दे सकते है। इस परियोजना में उत्पादित बिजली को पावर मेनजमेंट कंपनी 3.25 प्रति यूनिट की दर से खरीदेगी। किसानों द्वारा कुसुम अ अंतर्गत 30 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्रों की स्थापना की जा चुकी है। इसमें 600 मेगावाट की परियोजनाओं का चयन किया जा चुका है और एक हजार मेगावाट की अतिरिक्त परियोजनाआ का लक्ष्य रखा गया है।
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21 हजार पंप स्थापित किए
वहीं, कुसुम स परियोजना कृषि के लिए दिन में बिजली प्रदाय के लिए उपयोगी है। इस परियोजना में 529 मेगावाट की परियोजनाओं का चयन किया जा चुका है एवं कुल तीन हजार मेगावाट की परियोजनाएं लक्षित हैं। कुसम ब के अंतर्गत अभी तक प्रदेश में करीब 21 हजार पंप स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा प्रदेश के किसानों के लिए सोलर पंप की उपलब्धता के लिए एक लाख सोलर पंपों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में 52 हजार सौर पंपों की स्थापना के लिए निविदा जारी की गई है।
सभी सरकारी भवनों पर सोलर रूफटॉप
मंत्री ने बताया कि मिशन मोड में सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप की स्थापना का काम 2925 के अंत तक नवाचार के माध्यम से पूर्ण किया जाना लक्षित है। इन संयंत्रों की स्थापना रेस्को परियोजना के अंतर्गत की जाएगी। इसमें शासकीय भवनों पर शून्य निवेश पर संयंत्रों की स्थापना की जाएगी।
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धार और सागर में सोलर पार्क
मंत्री ने कहा कि प्रदेश का लक्ष्य 2028 तक 20,000 मेगावाट सोलर एनर्जी उत्पादन का है। सरकार ने सागर और धार के लिए 300-300 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इससे उत्पादित बिजली का क्रय एमपीपीएमसीएल द्वारा निविदा के माध्यम से न्यूनतम दर निर्धारित कर किया जाएगा। इससे प्रदेश को सस्ती बिजली प्राप्त हो सकेगी। मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश सौर ऊर्जा से समृद्ध प्रदेश है। पूर्व में रीवा की गुढ परियोजना, पश्चिम में ओंकारेश्वर एवं नीमच परियोजनाएं, मध्य एवं दक्षिण में सागर की प्रस्तावित परियोजनाएं शामिल हैं।
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किसानों बिजली का करेंगे उत्पादन
प्रदेश में किसानों को भी ऊर्जा उत्पादक बनने का अवसर दिया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम अ एवं कुसुम स के माध्यम से हम अन्नदाताओं को ऊर्जदाता बनाने का कार्य पूरा कर रहे हैं। कुसुम अ के तहत दो मेगावाट तक की परियोजनाएं किसान अपनी जमीन पर लगा सकते हैं। परियोजना चिन्हित सब स्टेशन से पांच किमी की परिधि में कर सकते हैं। किसान अपनी भूमि को कुसुम अ परियोजनाओं के लिए लीज पर भी दे सकते है। इस परियोजना में उत्पादित बिजली को पावर मेनजमेंट कंपनी 3.25 प्रति यूनिट की दर से खरीदेगी। किसानों द्वारा कुसुम अ अंतर्गत 30 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्रों की स्थापना की जा चुकी है। इसमें 600 मेगावाट की परियोजनाओं का चयन किया जा चुका है और एक हजार मेगावाट की अतिरिक्त परियोजनाआ का लक्ष्य रखा गया है।
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21 हजार पंप स्थापित किए
वहीं, कुसुम स परियोजना कृषि के लिए दिन में बिजली प्रदाय के लिए उपयोगी है। इस परियोजना में 529 मेगावाट की परियोजनाओं का चयन किया जा चुका है एवं कुल तीन हजार मेगावाट की परियोजनाएं लक्षित हैं। कुसम ब के अंतर्गत अभी तक प्रदेश में करीब 21 हजार पंप स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा प्रदेश के किसानों के लिए सोलर पंप की उपलब्धता के लिए एक लाख सोलर पंपों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में 52 हजार सौर पंपों की स्थापना के लिए निविदा जारी की गई है।
सभी सरकारी भवनों पर सोलर रूफटॉप
मंत्री ने बताया कि मिशन मोड में सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप की स्थापना का काम 2925 के अंत तक नवाचार के माध्यम से पूर्ण किया जाना लक्षित है। इन संयंत्रों की स्थापना रेस्को परियोजना के अंतर्गत की जाएगी। इसमें शासकीय भवनों पर शून्य निवेश पर संयंत्रों की स्थापना की जाएगी।
