Drivers Strike in MP Live: नए साल पर मध्यप्रदेश की जनता के हाल बेहाल, हड़ताल के चलते थमे टैंकर के पहिए
Bus Driver Strike in MP News Live Updates: देश में लागू हिट एंड रन कानून में किए गए बदलाव का मध्यप्रदेश में जमकर विरोध हो रहा है। इस कानून के विरोध में पूरे मध्यप्रदेश में बस-ट्रक ड्राइवर हड़ताल पर हैं। नए साल के मौके पर जहां लोग घूमने निकलते हैं, वहीं आज अधिकतर जिलों में बसों के पहिए थमे हुए हैं।
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कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी ने दिए पेट्रोल-डीजल-एलपीजी की आपूर्ति बाधित न होने के निर्देश
कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में इंदौर जिले में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी की आपूर्ति सतत बनाए रखने के लिए अपर कलेक्टर गौरव बैनल द्वारा ऑयल कंपनी बीपीसीएल, आईओसीएल, एचपीसीएल, टैंकर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, ड्राइवर यूनियन डिपो, पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन, आरटीओ, पुलिस इत्यादि के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी को पेट्रोल, डीजल, एलपीजी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए कहा गया।
बैठक में ड्राइवर यूनियन ट्रांसपोर्ट यूनियन को सुना गया, उनकी भ्रांतियों का निराकरण भी किया गया। उन्हें समझाइश दी गई कि किसी के बहकावे में न आएं। किसी भी प्रकार का विरोध है तो ज्ञापन प्रस्तुत करके लिखित में जिला प्रशासन को प्रस्तुत करें, उनकी मांग को शासन में उच्च स्तर तक उचित कार्रवाई के लिए तत्काल भेजा जाएगा।
इंदौर ऑपरेटर एवं ट्रक एसोसिएशन के सीएल मुकाती ने भी समझाइश दी कि अभी अधिकृत किसी प्रकार की हड़ताल नहीं की गई है। कृपया आम जनता की सुविधा के लिए निर्बाध रूप से डीजल, पेट्रोल, एलपीजी का परिवहन निरंतर करते रहें। तत्पश्चात सभी ड्राइवर और टैंक लॉरी के ट्रांसपोर्टर काम पर लौटें। आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पेट्रोल, डीजल की सतत आपूर्ति बनाए रखने के लिए तत्काल काम शुरू कराया गया और अभी तक 100 से ज्यादा टैंकर पेट्रोल-डीजल लेकर निकल चुके हैं। कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी द्वारा सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आम जनता को पेट्रोल, डीजल, एलपीजी की आपूर्ति किसी प्रकार भी बाधित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
सैकड़ों ड्राइवरों ने हड़ताल कर सीहोर शहर में निकाली आक्रोश रैली
केंद्र सरकार के द्वारा पारित किए गए हिट-एंड-रन कानून के खिलाफ सोमवार को सीहोर जिले में बसों ट्रकों के पहिए थम गए। बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहा। सैकड़ों ड्राइवरों की हड़ताल का व्यापक असर देखा गया। ड्राइवरों ने एकजुट होकर शहर में नारेबाजी करते हुए आक्रोश रैली निकाली।
ड्राइवरों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर काग्रेस परिवहन प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष जसबीर सिंह खनूजा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नाम का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर सतीष राय को दिया। ड्राइवरों ने हिट-एंड-रन कानून के मुताबिक, हादसे में शामिल ड्राइवर्स के लिए 10 वर्ष की कैद और भारी भरकम जुर्माने की सजा तय की गई है। इस कानून का असर परिवहन उद्योग के लिए भी बढ़ा खतरा बना हुआ है। देश की अर्थ व्यवस्था भी बिगड़ने का अंदेशा बना हुआ है, जिसके चलते इस काले कानून को वापस लेने की मांग की है।
कांग्रेस परिवहन प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष जसबीर सिंह खनूजा ने कहा कि अब हादसे में शामिल ड्राइवर्स के लिए 10 वर्ष की कैद का प्रावधान हमारे परिवहन उद्योग को खतरे में डाल रहा है। भारत की सड़क परिवहन बिरादरी भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत हिट एड-रन मामलों पर प्रस्तावित कानून के तहत कठोर प्रावधानों के संबंध में कड़ा विरोध और चिंता जता रही है। हिट-एंड रन मामलों पर प्रस्तावित कानून के संबंध में भारत के परिवहन समुदाय की व्यापक चिंताओं को आपके ध्यान में जाने के लिए लिख रहे हैं। हालांकि हिट-एंड-रन की घटनाओं से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने के पीछे का इरादा अच्छा हो सकता है। लेकिन प्रस्तावित कानून में महत्वपूर्ण खामियां हैं, जिन पर तत्काल पुर्नविचार की आवश्यकता है। देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला परिवहन क्षेत्र और ट्रक चालक इस कानून के संभावित प्रभावों को लेकर बेहद आशंकित है।
पेट्रोल पंप पर लग रही भीड़ को लेकर उज्जैन पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन अध्यक्ष का बयान
देश में लागू हिट एंड रन कानून में किए गए बदलाव का मध्यप्रदेश में जमकर विरोध हो रहा है। इस कानून के विरोध में पूरे मध्यप्रदेश में बस-ट्रक ड्राइवर हड़ताल पर हैं। स्थितियां यह हैं कि पूरे मध्यप्रदेश के साथी उज्जैन के पेट्रोल पंपों पर भी पेट्रोल-डीजल भरवाने वालों की लंबी-लंबी कतारे लगी हुई हैं। यहां खड़े लोग आधे से पौने घंटे तक अपनी बारी आने का इंतजार करने के बाद पेट्रोल भरवा रहे हैं।
पेट्रोल पंपों पर लगी इस लंबी कतार को लेकर उज्जैन पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन अध्यक्ष रवि लोहिया ने अमर उजाला को बताया कि ट्रांसपोर्ट की हड़ताल के कारण पब्लिक में थोड़ा पैनिकनेस है। कोई भी परेशान न हो, प्रशासन व हम कोशिश कर रहे हैं। आज रात को भी तीन से चार गाड़ियां पेट्रोल की आने वाली हैं। साथ ही अन्य गाड़ियां भी आती रहेंगी। लेकिन इतना जरूर है कि जिसको जितनी जरूरत है, वह उतना ही पेट्रोल-डीजल खरीदे इसका स्टॉक न करें।
उन्होंने बताया कि स्टॉक कम जरूर है। लेकिन फिर भी घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन से लगातार हमारी मीटिंग जारी है। हम लोगों को परेशान नहीं होने देंगे। वहीं, वसावडा पेट्रोल पंप के प्रोपराइटर मुकेश पसवाड़ा ने बताया कि हिट एंड रन कानून को लेकर जो संशोधन किया गया है, उसी के बाद तरह-तरह की अफवाहें उड़ाई गई और स्थितियां यह है कि पेट्रोल पंप के बाहर सुबह से ही गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारे लग गई हैं।
कलेक्टर जिला भोपाल
सरकार नया हिट एंड रन कानून वापस ले : मप्र ड्राइवर महासंघ
भारतीय न्याय संहिता 2023 में हुए संशोधन के बाद हिट एंड रन की नई पालिसी के विरोध में मप्र ड्राइवर महासंघ ने सोमवार को 12 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। इस अवसर पर संघ अध्यक्ष राजकुमार रैदास ने कहा कि हादसे घटित होने पर चालकों के विरूद्ध 10 साल की सजा और मोटी रकम की वसूली काले कानून जैसा है। हम इसका विरोध करते हैं, जब तक ऐसा काला कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
ज्ञापन में हिट एंड रन कानून को वापस लेने के साथ 55 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना, हादसों में मृत होने पर 20 लाख, दिव्यांग होने पर 10 लाख और इलाज के लिए पांच लाख आर्थिक मदद की जाए। इसके अलावा आवास के लिए पांच लाख की मदद, बच्चों को उच्च शिक्षा दी जाए, जैसी मांगे भी महासंघ ने प्रशासन से की है। कुल मिलाकर ज्ञापन में ड्राइवर महासंघ ने प्रशासन से 12 सूत्रीय मांग की है।
देखना होगा प्रशासन इन मांगों में से किन मांगों में सहमति जताती है। फिलहाल, ये हड़ताल अगर लंबी हुई तो गरीबों का खाद्यान्न, स्वास्थ्य सुविधाएं, बच्चों की शिक्षा, कारोबार, डीजल-पेट्रोल समेत सभी बुनियादी जरुरतें प्रभावित होने की संभावना है। उम्मीद जताई जा रही है कि हिट एंड रन कानून समेत ड्राइवर महासंघ द्वारा 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार जल्द कुछ फैसला लेगी, जिससे प्रदेशव्यापी हो रही हड़ताल बंद हो और सभी वाहन चालक पुनः काम पर लौटे।
आज साल के पहले दिन जहां पूरे देश में बसों के पहिए थम चुके हैं। वहीं, आज दतिया जिले के भांडेर में भी बसों के पहिए थम गए। सुबह से ही बसों ट्रकों और टैक्सियों के चालक-परिचालक अपने अपने वाहनों को खड़ा कर भांडेर के पटेल चौराहे पर एकत्रित हो गए और सरकार के खिलाफ नारे वाजी करते हुए चक्का जाम कर दिया। करीब एक घंटे चक्का जाम करने के बाद सभी चालक और परिचालक हड़ताल पर चले गए।
ड्राइवर संघ ने सरकार द्वारा लाए गए ड्राइवरों के लिए नए कानून, जिसमें एक्सीडेंट होने पर चालकों को 10 वर्ष का कारावास और सात लाख रुपये का जुर्माना का प्रावधान रखा गया है। इस नए कानून का विरोध आज सड़कों पर देखने को मिला। वहींं, ड्राइवर संघ का कहना है कि जब तक सरकार इस कानून को वापस नहीं लेगी तो तीन दिन तक ड्राइवर संघ शांति पूर्ण तरीके से इसका विरोध करता करेगा। अगर आगे सरकार हमारी जायज मांगों को नहीं मानेगी तो तीन दिन बाद चालक और परिचालक संघ उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होगा।
शहडोल में विरोध
केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए नए कानून का चालक वर्ग विरोध कर रहा है, जिसको लेकर अब जिले में पेट्रोल एवं डीजल पर भी एक बड़ी दिक्कत सामने आ गई। शहडोल जिले में कुल 40 पेट्रोल पंप हैं, जिसमें से सोमवार दोपहर पांच बंद हो गए हैं और 35 पेट्रोल टंकियां के पास आज तक का ही स्टॉक बचा हुआ है। पेट्रोल पंप संगठन के जिला अध्यक्ष माहिप सिंह का कहना है कि अगर टैंकर नहीं पहुंचते तो कल से जिले में पेट्रोल और डीजल लोगों को नहीं मिल पाएगा।
पेट्रोल पंपों में लोगों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं, जिन स्थानों पर पेट्रोल मिल रहे हैं, उन टंकियां पर भारी भरकम भीड़ है। लोग लंबी कतार लगाकर अपने नंबर आने का इंतजार कर रहे हैं और अपने वाहनों में फुल टैंक पेट्रोल व डीजल डलवा रहे हैं।
परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मेरा जनप्रतिनिधि और नागरिक होने के नाते हड़ताल करने वाले साथियों से अनुरोध है कि यह अंतिम विकल्प नहीं है। चक्का जाम होने जैसी स्थिति नहीं आनी थी। इससे पूरा जनजीवन प्रभावित होता है। कानून बनने से यह नहीं माना जाना चाहिए कि आप दोषी हैं। कोई चीज यदि पब्लिक डोमेन में आई है तो इसका यह मतलब नहीं है कि आपको दंड देने के लिए बनाया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दंड संहिता को अलग करके न्याय संहिता को लाया गया है। जब न्याय संहिता है तो निश्चित रूप से सभी व्यक्ति को न्याय मिलेगा। किसी भी व्यक्ति को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। फिर भी यदि उनके मन में कोई चिंता है तो उसका बातचीत से हल निकल सकता है। हमारे सिस्टम में हमेशा बातचीत को प्राथमिकता दी गई है।
Drivers Strike in MP Live: नए साल पर मध्यप्रदेश की जनता के हाल बेहाल, हड़ताल के चलते थमे टैंकर के पहिए
मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में ट्रक ऑपरेटर और बस ड्राइवर की हड़ताल का सीधा असर देखने मिल रहा है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सुबह से ही ट्रक ऑपरेटर और बस ड्राइवर का विरोध-प्रदर्शन जारी है, जहां अलग-अलग क्षेत्र से चक्का जाम की खबर भी सामने आते रही।
जानकारी के मुताबिक, ड्राइवर एक से तीन जनवरी तक हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान बस और टैंकर के पहिए थामे रहेंगे। वहीं, पेट्रोल पंप पर टैंकर्स न पहुंच पाने के चलते समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पेट्रोल-डीजल खत्म होने की खबर जैसे ही लोगों तक पहुंच रही है, वैसे ही लोग बड़ी संख्या में अपने-अपने वाहन लेकर पेट्रोल पंप पहुंच गए हैं। जहां लोग अपने वाहनों में पेट्रोल डलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करते नजर आ रहे हैं। इस बीच पेट्रोल पंप पर लंबी-लंबी कतार देखी जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि सोमवार शाम तक सभी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल समाप्त हो जाएगा।
इंदौर में पेट्रोल पंप बंद
मध्यप्रदेश में बस ऑपरेटर और ट्रक चालकों की हड़ताल का सीधा असर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, नीमच, गुना, झाबुआ, धार, शिवपुरी, शहडोल और मंडला जिले में देखा जा रहा है। इस दौरान पुलिस प्रशासन के अधिकारी अलग-अलग स्थान पर पहुंचकर बस ऑपरेटर और ट्रक संचालकों को समझाइए देते नजर आ रहे हैं। अलग-अलग स्थान पर हुए चक्का जाम के चलते ट्रैफिक व्यवस्था भी बाधित हुई, जहां अधिकारियों की समझाइश के बाद ट्रक और बस ड्राइवर ने चक्का जाम खोल दिया। बहरहाल, अब देखने वाली बात होगी कि आखिर कब तक देश में बस ऑपरेटर और ट्रक चालकों की हड़ताल जारी रहती है।