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MP News: किसानों पर फर्जी आंकड़े पेश करने का सिंघार ने लगाया आरोप, सारंग बोले-पहले पढ़कर आएं फिर बोलें

Thu, 19 Dec 2024 11:41 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Thu, 19 Dec 2024 11:41 PM IST
सार

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने खाद की किल्लत को लेकर चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुपस्थित रहने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश में खाद संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सदन में नहीं हैं। यह शर्मनाक है।  सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के नीतियों के कारण खाद की भारी कमी हो गई है और इसका खामियाजा किसान उठा रहे हैं।

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MP News: Singhar accused farmers of presenting fake data, Sarang said - first come forward and then speak.
मध्य प्रदेश विधानसभा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन किसानों के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के बीच तीखी नोकझोंक हुई। उमंग सिंघार ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों के मुद्दों को दबाने के लिए फर्जी आंकड़े पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की जादूगरी मुझे मत दिखाइए। वहीं, मंत्री विश्वास सारंग ने सिंघार को जवाब देते हुए कहा कि पढ़कर आएं, फिर बात करें। सदन में आंकड़ों को लेकर बहस और हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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सीएम की गैर मौजूदगी पर सवाल 
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने खाद की किल्लत को लेकर चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुपस्थित रहने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश में खाद संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सदन में नहीं हैं। यह शर्मनाक है।  सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के नीतियों के कारण खाद की भारी कमी हो गई है और इसका खामियाजा किसान उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रीवा में 60 प्रतिशत बोनी नहीं हो पाई है और खाद की कमी के चलते किसानों को गंभीर नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को छह हजार रुपये मिल रहे हैं, लेकिन किसान केवल पैसा नहीं चाहता, वह फसल और खाद की मांग कर रहा है। सिंघार ने प्रदेश में किसानों की आत्महत्या के आंकड़ों को भी उठाया, जिसमें पिछले पांच सालों में 1226 किसानों ने आत्महत्या की है।
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खाद की कमी नहीं, वितरण में देरी: कंसाना
कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि मैंने कभी यह नहीं कहा कि यह विभाग मेरे पास नहीं है। यह हमारी जिम्मेदारी है। कंसाना ने कहा कि खाद की कमी नहीं है, लेकिन वितरण में देरी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गुमराह कर रही है। हमारी सरकार में एक भी किसान को खरोंच तक नहीं आई है। कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि खाद की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं है, लेकिन यूक्रेन और इस्राइल  के युद्ध के कारण आपूर्ति में कुछ समय की देरी हुई। हमारी सरकार ने किसानों को बीमा राशि का भुगतान किया है और कृषि का रकबा भी बढ़ा है।
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इल्जाम आईने पर लगाना भूल है: सारंग
सहकारिता एवं खेल मंत्री विश्वास सारंग ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि खाद की समस्या का कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि 92 हजार मीट्रिक टन खाद बड़वानी में वितरित किया जा चुका है। 71 लाख टन खाद का स्टोरेज किया गया है। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। सारंग ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष केवल आरोप लगाने का काम कर रहा है, जबकि सरकार किसानों के लिए बेहतर काम कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि अगर खाद नहीं मिल रहा है तो बुवाई कैसे हो रही है। उन्होंने कविता के माध्यम से विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सच मानिए हुजूर, चेहरे पर धूल है, इल्जामर् आइने पर लगाना भूल है। 

कांग्रेस ने सरकार की नीतियों की आलोचना की
कांग्रेस ने भाजपा सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। बाला बच्चन ने कहा कि सरकार ने खाद की समस्या को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि सदन में खाद का संकट उठाया गया, लेकिन सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वहीं, कांग्रेस ने सरकार से यह भी मांग की कि खाद की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई की जाए और किसानों के लिए उचित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सदन में भारी हंगामे के बाद विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।  

विपक्ष ने कहा पटवारी, तहसीलदार और आरआई बने किसानों के दुश्मन 
कांग्रेस विधायक रामकिशोर दोगने ने कहा कि प्रत्येक जिले में नामांतरण और सीमांकन के नाम पर किसानों को लूटने का काम किया जा रहा है। मुनारो के नाम से परेशान किया जा रहा है। सीमांकन नहीं करते, पारिवारिक बंटवारे तक नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सब के रेट फिक्स है। हर जगह पैसा देना पड़ता है। आज सरकार से जब जवाब मांगा तो जवाब भी सही नहीं मिल पाया और झूठ बोलने का काम सरकार करती है। उन्होंने कहा कि रजिस्टर में एंट्री जब नहीं होती तो आंकड़े ने सही कहां से मिलेंगे। पटवारी, तहसीलदार और आरआई सब उगाई की मशीन हैं। सरकार तक पैसा जा रहा है।

सरकारी स्कूलों में पढ़ें सभी अधिकारी और विधायकों के बच्चे: कटारे
उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने सरकार से  मांग की है कि सरकारी स्कूलों में सभी अधिकारी और सभी विधायकों के बच्चे पढ़ें। इस संबंध में कानून बनाया जाए। इसके बाद ही सरकारी स्कूलों के हालत सुधरेंगे और प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक लगेगी। कटारे ने कहा कि प्राइवेट स्कूल दलाली का अड्डा बन गए हैं। अभिभावकों के खून चूसने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बड़ा आरोप लगाया कि  शिक्षा माफिया के द्वारा की उगाई का पैसा मंत्रियों तक जा रहा है। 


सदन में यह विधेयक हुए पारित 
सदन में माल एवं सेवा कर तृतीय संशोधन विधेयक 2024, विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ;वेतन एवं भत्ता संशोधन विधेयक 2024, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष ;वेतन एवं भत्ता संशोधन विधेयक 2024, नगर पालिक निगम ;संशोधन विधेयक 2024, नगर पालिका  द्वितीय संशोधन विधेयक 2024, जन विश्वास ;उपबंधों का संशोधन विधेयक 2024 और मध्य प्रदेश निजी विद्यालय फीस तथा संबंधित नियमों का विनियमन, संशोधन विधेयक 2024 को चर्चा के बाद सदन में पारित कर दिया गया।
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