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MP News: स्कूल शिक्षा विभाग में निजी वाहन टैक्सी कोटे में किराए पर ले घोटाला! 13 माह में करोड़ों का भुगतान
Wed, 28 Feb 2024 03:12 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 28 Feb 2024 03:12 PM IST
सार
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में निजी वाहनों को टैक्सी कोटे में किराए पर लेकर कांग्रेस ने घोटाले के गंभीर आरोप लगाए है। राज्य शिक्षा केंद्र ने निजी वाहनों के ना पर 13 महा में करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपए का भुगतान एक निजी एजेंसी को करने की जानकारी दी है। इस मामले में लोकायुक्त को संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है।
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मध्य प्रदेश कांग्रेस की प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ ने बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग में वाहनों को किराए पर लेने के नाम पर बड़ा भष्टाचार करने का आरोप लगाया है। मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा, मप्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष जेपी धनोपिया और मप्र कांग्रेस सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि राज्य शिक्षा केंद्र से सूचना के अधिकार में मिली जानकारी के अनुसार केंद्र में लगे प्राइवेट वाहनों के नाम पर 13 महीनो में करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपए का भुगतान श्री ट्रैवल एजेंसी को किया गया।
बिल में मारूति सियास, परिवहन विभाग में क्रेटा
उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन स्कूल शिक्षा मंत्री को राज्य शिक्षा केंद्र की तरफ से वाहन क्रमांक एमपी 04 सीडब्ल्यू 9950 आवंटित बताया गया है। इसके बिल में वाहन मारूति सियाज कंपनी का दर्ज है, जबकि परिवहन विभाग में उक्त नंबर पर हुडई कंपनी की क्रेटा गाड़ी दर्ज है। इस वाहन का 13 माह का कुल 8 लाख 62 हजार 236 रुपए का भुगतान किया गया। यह जांच का विषय है। मंत्री स्टाफ के लिए स्कूल शिक्षा राज्य शिक्षा केंद्र के नाम पर एमपी 04 जेड के 4477 मारूति सियाज के नाम पर बिल का भुगतान किया जाना दर्ज है। जबकि परिवहन विभाग ने संबंधित नंबर का कोई वाहन रजिस्टर्ड नहीं होने की जानकारी सूचना के अधिकार में मांगी जानकारी में दी गई है।
स्कार्पियों को एक माह का 1.80 लाख रुपए का भुगतान
स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम पर आवंटित वाहन क्रमांक एमपी 04 बीसी 7480 बिल में गाड़ी इनोवा किस्टा दर्ज है, जबकि परिवहन विभाग में संबंधित नंबर की गाड़ी स्कार्पियों दर्ज है। उक्त वाहन का एक माह का बिल भुगतान 01 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2023 तक का 1,80,628 रू. का भुगतान किया गया। जबकि वाहन स्कार्पियों है। अनुबंध के अनुसार इनोवा किस्टा को प्रतिमाह लगभग 75,000 रू. प्रतिमाह किराया एवं अतिरिक्त चलने पर 18.50 रू. प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया गया, जो बिल में उल्लेखित है।
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एक वाहन का 11 माह का किराया 17.92 लाख
वहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री को आवंटित वाहन एमपी 04 बीसी 7755 इनोवा क्रिस्टा वाहन को 11 माह में कुल 17.92 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने इस बिल की जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम पर आवंटित इनोवा क्रिस्टा क्रमांक एमपी 04 जेडएच 5566 की दो माह की राशि 3.92 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। यह वाहन परिवहन विभाग में प्राइवेट कोटे पर दर्ज है। एक और वाहन एमपी 04 सी.ए. 9529 मारूती शिफ्ट डिजायर के नाम से बिल भुगतान हेतु दर्ज है, जबकि परिवहन विभाग में उक्त वाहन मारूती 800 वाहन के नाम पर दर्ज है और जिसका 6 माह में राशि 2,25,000 रू. का भुगतान किया गया है। जो कि अपने आप में भ्रष्टचार की श्रेणी में आता है।
सरकार के निर्देशों का खुला उल्लंघन
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार के वित्त विभाग की तरफ से जारी सर्कुलर के अनुसार विभाग और कार्यालय क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में टैक्सी कोटे में रजिस्टर्ड वाहन ही किराए पर ले सकते है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य शिक्षाकेंद्र ने वाहन कार्यालय/ स्कूल शिक्षा मंत्री और मंत्री के स्टाफ के लिए ट्रेवल एजेंसी से टैक्सी कोटे की जगह प्राइवेट वाहन लिए गए।
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बिल में मारूति सियास, परिवहन विभाग में क्रेटा
उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन स्कूल शिक्षा मंत्री को राज्य शिक्षा केंद्र की तरफ से वाहन क्रमांक एमपी 04 सीडब्ल्यू 9950 आवंटित बताया गया है। इसके बिल में वाहन मारूति सियाज कंपनी का दर्ज है, जबकि परिवहन विभाग में उक्त नंबर पर हुडई कंपनी की क्रेटा गाड़ी दर्ज है। इस वाहन का 13 माह का कुल 8 लाख 62 हजार 236 रुपए का भुगतान किया गया। यह जांच का विषय है। मंत्री स्टाफ के लिए स्कूल शिक्षा राज्य शिक्षा केंद्र के नाम पर एमपी 04 जेड के 4477 मारूति सियाज के नाम पर बिल का भुगतान किया जाना दर्ज है। जबकि परिवहन विभाग ने संबंधित नंबर का कोई वाहन रजिस्टर्ड नहीं होने की जानकारी सूचना के अधिकार में मांगी जानकारी में दी गई है।
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स्कार्पियों को एक माह का 1.80 लाख रुपए का भुगतान
स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम पर आवंटित वाहन क्रमांक एमपी 04 बीसी 7480 बिल में गाड़ी इनोवा किस्टा दर्ज है, जबकि परिवहन विभाग में संबंधित नंबर की गाड़ी स्कार्पियों दर्ज है। उक्त वाहन का एक माह का बिल भुगतान 01 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2023 तक का 1,80,628 रू. का भुगतान किया गया। जबकि वाहन स्कार्पियों है। अनुबंध के अनुसार इनोवा किस्टा को प्रतिमाह लगभग 75,000 रू. प्रतिमाह किराया एवं अतिरिक्त चलने पर 18.50 रू. प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया गया, जो बिल में उल्लेखित है।
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एक वाहन का 11 माह का किराया 17.92 लाख
वहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री को आवंटित वाहन एमपी 04 बीसी 7755 इनोवा क्रिस्टा वाहन को 11 माह में कुल 17.92 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने इस बिल की जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम पर आवंटित इनोवा क्रिस्टा क्रमांक एमपी 04 जेडएच 5566 की दो माह की राशि 3.92 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। यह वाहन परिवहन विभाग में प्राइवेट कोटे पर दर्ज है। एक और वाहन एमपी 04 सी.ए. 9529 मारूती शिफ्ट डिजायर के नाम से बिल भुगतान हेतु दर्ज है, जबकि परिवहन विभाग में उक्त वाहन मारूती 800 वाहन के नाम पर दर्ज है और जिसका 6 माह में राशि 2,25,000 रू. का भुगतान किया गया है। जो कि अपने आप में भ्रष्टचार की श्रेणी में आता है।
सरकार के निर्देशों का खुला उल्लंघन
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार के वित्त विभाग की तरफ से जारी सर्कुलर के अनुसार विभाग और कार्यालय क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में टैक्सी कोटे में रजिस्टर्ड वाहन ही किराए पर ले सकते है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य शिक्षाकेंद्र ने वाहन कार्यालय/ स्कूल शिक्षा मंत्री और मंत्री के स्टाफ के लिए ट्रेवल एजेंसी से टैक्सी कोटे की जगह प्राइवेट वाहन लिए गए।
