फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: SC reprimands MP govt in 17-year old missing boy case

MP News: 17 साल से गुम लड़के के मामले में मप्र सरकार को फटकार, सुप्रीम कोर्ट ने दिए एसआईटी बनाने के निर्देश

Sat, 12 Nov 2022 03:17 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल/नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल/नई दिल्ली Published by: रवींद्र भजनी Updated Sat, 12 Nov 2022 03:17 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को मध्यप्रदेश सरकार को निर्देश दिए कि 17 साल से गुम लड़के की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई जाए। याचिका गुम लड़के के पिता ने लगाई है।   
 

विज्ञापन
MP News: SC reprimands MP govt in 17-year old missing boy case
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने 17 साल से गुम नाबालिग अपराधी की तलाश करने के लिए राज्य सरकार को एसआईटी बनाने के आदेश दिए हैं। नाबालिग अपराधी के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद से ही वह नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर रही है। 

विज्ञापन


जस्टिस अजय रस्तोगी और सीटी रविकुमार की बेंच ने मध्यप्रदेश सरकार को एसआईटी बनाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि हम राज्य सरकार को जांच के लिए एसआईटी गठित करने का आदेश देते हैं। इस कोर्ट के आदेश पर बनी एसआईटी ही आगे की जांच करेगी और स्टेटस रिपोर्ट देगी। इसका नेतृत्व आईजी स्तर का अधिकारी करेगा। शिकायतकर्ता का बेटा 17 साल से गुम है। इस मामले में संबंधित एजेंसियों ने सही तरीके से जांच नहीं की। जो आखिरी स्टेटस रिपोर्ट फाइल की गई थी, वह भी कागजी जमाखर्च ही है। उसमें यह ही बताया है कि पास के गांवों में सर्च वारंट निकले गए और उससे कुछ भी हासिल नहीं हुआ। 
विज्ञापन


कोर्ट ने यह भी कहा कि नाबालिग बेटा 17 साल से गुम है, जाहिर है कि सर्च वारंट से कुछ नहीं निकलना था। पास के गांवों में उसकी उपलब्धता सामान्य तौर पर हो ही नहीं सकती थी। कोर्ट ने कहा कि हर तारीख पर राज्य सरकार स्टेटस रिपोर्ट में कागजी खानापूर्ति कर देती है और हमें लगता है कि इससे कुछ सकारात्मक नहीं मिल रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है मामला 
याचिकाकर्ता अत्तू ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी कि उसका नाबालिग बेटा 18 जनवरी 2005 को दर्ज एफआईआर में नामजद आरोपी था। तब से वह गुम है और मिल नहीं रहा है। यह अपराध आईपीसी की धारा 354, 506, 294 के तहत दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई थी। जिसे मई 2020 में खारिज कर दिया गया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed