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MP News: चहेते को ठेका देने में टेंडर के नियम बदल डाले, कॉलेजों में लैब उपकरण खरीदी में की गड़बड़ी
Tue, 16 Jul 2024 10:14 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 16 Jul 2024 10:14 AM IST
सार
कांग्रेस विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शिकायत की है। वहीं, विभाग के अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता ने मामले की जांच के लिए आयुक्त को निर्देश दिए हैं।
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मंत्रालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग में चहेते को ठेका देने के लिए अधिकारियों ने टेंडर की शर्तों में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। 17 करोड़ के टेंडर में कॉलेजों में लैब के उपकरण खरीदी का काम होना है। अब इस मामले में कांग्रेस विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शिकायत की है। वहीं, विभाग के अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता ने मामले की जांच के लिए आयुक्त को निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग में केंद्र सरकार की योजना राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत कॉलेजों में लैब के उपकरण खरीदी के लिए इसी साल जनवरी 2024 में टेंडर जारी किए, इसको बाद में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते रोक दिया गया। इसके बाद आचार संहिता समाप्त होने के बाद 21 दिनों की जगह 14 दिन के लिए टेंडर प्रक्रिया में आवेदन करने का समय दिया गया। फिर इसे 10 दिन में ही खोल दिया गया। यह स्टेट पर्चेस रूल का सीधा उल्लंघन है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में कम समय कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए दिया गया।
टेंडर की प्रक्रिया को पोर्टल पर भी अपडेट नहीं किया गया। खास बात तो यह है कि पोर्टल पर जब टेंडर प्रक्रिया में दिख रहा है, उसके पहले ही डेमोंस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इससे साफ है कि टेंडर में भाग लेने वाले लोगों से प्रक्रिया को छिपाया जा रहा है। वहीं, डेमोंस्ट्रेशन के लिए भी एक दिन का समय देने का आरोप है, ताकि दूसरे राज्यों से भाग लेने वाले डेमोंस्ट्रेशन में शामिल ही नहीं हो सकें। इसके अलावा टेंडर में भारी भरकम ईएमडी और करोड़ों रुपये का टर्नओवर मांगा गया। इससे कई सप्लायर प्रतिस्पर्धा से ही बाहर हो गए।
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सीएम से कार्रवाई की मांग
वहीं, कांग्रेस विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने मुख्यमंत्री को टेंडर की छह खामियों को लेकर पत्र लिखा है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के अधिकारी समूह बनाकर गड़बड़ियों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले से संबंधित मुद्दों पर गहन जांच कराने और आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है।
आयुक्त से जांच करने को कहा
मामले में अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता ने कहा कि इस संबंध में शिकायत मिली है। उसे वर्तमान आयुक्त को जांच के लिए लिखा है। शिकायत में मामला किस समय का है स्पष्ट नहीं है। आयुक्त से रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।
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मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग में केंद्र सरकार की योजना राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत कॉलेजों में लैब के उपकरण खरीदी के लिए इसी साल जनवरी 2024 में टेंडर जारी किए, इसको बाद में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते रोक दिया गया। इसके बाद आचार संहिता समाप्त होने के बाद 21 दिनों की जगह 14 दिन के लिए टेंडर प्रक्रिया में आवेदन करने का समय दिया गया। फिर इसे 10 दिन में ही खोल दिया गया। यह स्टेट पर्चेस रूल का सीधा उल्लंघन है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में कम समय कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए दिया गया।
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टेंडर की प्रक्रिया को पोर्टल पर भी अपडेट नहीं किया गया। खास बात तो यह है कि पोर्टल पर जब टेंडर प्रक्रिया में दिख रहा है, उसके पहले ही डेमोंस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इससे साफ है कि टेंडर में भाग लेने वाले लोगों से प्रक्रिया को छिपाया जा रहा है। वहीं, डेमोंस्ट्रेशन के लिए भी एक दिन का समय देने का आरोप है, ताकि दूसरे राज्यों से भाग लेने वाले डेमोंस्ट्रेशन में शामिल ही नहीं हो सकें। इसके अलावा टेंडर में भारी भरकम ईएमडी और करोड़ों रुपये का टर्नओवर मांगा गया। इससे कई सप्लायर प्रतिस्पर्धा से ही बाहर हो गए।
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सीएम से कार्रवाई की मांग
वहीं, कांग्रेस विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने मुख्यमंत्री को टेंडर की छह खामियों को लेकर पत्र लिखा है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के अधिकारी समूह बनाकर गड़बड़ियों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले से संबंधित मुद्दों पर गहन जांच कराने और आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है।
आयुक्त से जांच करने को कहा
मामले में अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता ने कहा कि इस संबंध में शिकायत मिली है। उसे वर्तमान आयुक्त को जांच के लिए लिखा है। शिकायत में मामला किस समय का है स्पष्ट नहीं है। आयुक्त से रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।
