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MP News; एमएसपी पर धान, ज्वार और बाजरा की उपार्जन नीति जारी, 22 नवंबर से खरीदी शुरू

Sun, 10 Nov 2024 09:22 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sun, 10 Nov 2024 09:22 PM IST
सार

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस वर्ष किसानों से औसत अच्छी गुणवत्ता की फसल एमएसपी पर खरीदी जाएगी।

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MP News; Procurement policy of paddy, jowar and millet on MSP continues, procurement starts from November 22
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर लगे हैं गंभीर आरोप। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश सरकार ने आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान, ज्वार और बाजरा की उपार्जन नीति घोषित कर दी है। सरकार धान 2300, ज्वार 3371 और बाजरा 2625 रुपए क्विंटल एमएसपी की दर पर खरीदेंगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस वर्ष किसानों से औसत अच्छी गुणवत्ता की फसल एमएसपी पर खरीदी जाएगी। उपार्जन की प्रक्रिया 22 नवंबर से ज्वार और बाजरा की शुरू होगी, जबकि धान की खरीदी दो दिसंबर से प्रारंभ होगी। राजपूत ने कहा कि उपार्जन नीति का पालन सुनिश्चित करने के लिए समस्त कलेक्टर, नागरिक आपूर्ति निगम और वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए उपार्जन कार्य में लापरवाही करने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कृषि मंत्री ने बताया कि उपार्जन केंद्रों का निर्धारण किसानों की सुविधा के अनुसार किया जाएगा, जिनकी प्राथमिकता गोदाम और कैप परिसर में होगी। यदि गोदाम या कैप उपलब्ध नहीं होते, तो अन्य स्थलों पर भी उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उपार्जन केंद्रों की संख्या का निर्धारण किसानों के पंजीकरण और बोए गए रकबे के आधार पर किया जाएगा। उपार्जन कार्य के लिए सहकारी समितियां, बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थाएं, महिला स्व-सहायता समूह और अन्य संस्थाएं शामिल की जाएंगी। इन संस्थाओं की पात्रता का निर्धारण विभाग द्वारा किया जाएगा।
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धान उपार्जन के लिए 46 प्रतिशत पुराने और 54 प्रतिशत नए जूट बारदाने का उपयोग किया जाएगा। ज्वार और बाजरे का उपार्जन नवीन जूट बारदाने में किया जाएगा। धान, ज्वार और बाजरा की गुणवत्ता परीक्षण का दायित्व उपार्जन केंद्र और भंडारण स्थल पर उपार्जन एजेंसियों का होगा। किसानों को अपनी फसल की उपार्जन केंद्र में बिक्री के लिए स्लॉट बुकिंग करनी होगी, जो www.mpeuparjan.nic.in पर उपलब्ध होगी। उपार्जित खाद्यान्न का परिवहन जिम्मेदारी उपार्जन एजेंसी और मिलर्स के बीच बांटी जाएगी।
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