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MP News: एमपी में डिफेंस इनोवेशन एंड डेवलपमेंट विंग की स्थापना की तैयारी, एआई लैब भी बनेगी
Wed, 22 May 2024 11:49 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 22 May 2024 11:49 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में डिफेंस इनोवेशन एंड डेवलपमेंट विंग की स्थापना की जा रही है। इससे प्रदेश में आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक विकास की नई संभावनाओं को साकार करने में मदद मिलेगी।
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मंत्रालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में डिफेंस इनोवेशन एंड डेवलपमेंट विंग की स्थापना होगी। मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) ने विंग की स्थापना के लिए टेरिटोरियल आर्मी इनोवेशन सेल के साथ करारनामा किया। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी अनुसंधान, विकास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में डिफेंस इनोवेशन एंड डेवलपमेंट विंग काम करेगी। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी नवाचारों, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देते हुए रोजगार के नए अवसरों को पैदा करने में यह विंग सहयोगी बनेगी। इसके साथ ही भोपाल को रक्षा नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बनाकर सामाजिक, आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के विकास को प्रोत्साहन भी मिलेगा। इस विंग की स्थापना से मध्य प्रदेश को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी डिफेंस इनोवेशन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में मदद मिलेगी, जिससे राज्य की आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया का आव्हान कर युवाओं को निरंतर प्रेरित किया। इस नाते मध्यप्रदेश में इनोवेशन विंग की स्थापना एक अहम कदम है। मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकॉस्ट) के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने बताया कि मध्यप्रदेश में डिफेंस इनोवेशन एंड डेवलपमेंट विंग की स्थापना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इनोवेशन- प्रेरित विकास और समावेशी विकास की दृष्टि के अनुरूप है। इसके लिए 10 स्टार्टअप का चयन किया गया है।
रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैब
भोपाल में एक समर्पित रक्षा अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो नवाचार और रक्षा के लिए सहयोग का एक केंद्र बनेगा। यह केंद्र अनुसंधान और विकास गतिविधियों का समर्थन करने के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं से सुसज्जित होगा।
आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस लैब
भोपाल में एक समर्पित एआई लैब स्थापित की जाएगी, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, कमांड और नियंत्रण, सूचना के क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास के काम करेगी। जिससे सेना के लिए मिशन-क्रिटिकल समाधान विकसित होगा। एक प्रतिभा विकास कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जो सेना की तकनीकी परियोजनाओं में रूचि रखने वाले व्यक्तियों के कौशल को विकसित करेगा। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षण, कार्यशालाएं और मार्गदर्शन के अवसर शामिल होंगे। इसके अलावा उद्योग साझेदारों के साथ सहयोग और ज्ञान साझा करने को बढ़ावा दिया जाएगा, इसके अंतर्गत कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन होगा। कोलेबोरेशन प्लेटफार्म को विकसित कर स्टेक होल्डर्स के विचारों, ज्ञान और संसाधनों को साझा करने का कार्य किया जाएगा। यह मंच शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और सेना के लिए सुलभ रहेगा।
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इन संस्थाओं पर होगा संचालन का जिम्मा
डिफेंस इनोवेशन एंड डेवलपमेंट विंग के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद, टेरीटोरियल आर्मी इनोवेशन सेल और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के नेतृत्व में इस अद्भुत पहल के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
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रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैब
भोपाल में एक समर्पित रक्षा अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो नवाचार और रक्षा के लिए सहयोग का एक केंद्र बनेगा। यह केंद्र अनुसंधान और विकास गतिविधियों का समर्थन करने के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं से सुसज्जित होगा।
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आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस लैब
भोपाल में एक समर्पित एआई लैब स्थापित की जाएगी, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, कमांड और नियंत्रण, सूचना के क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास के काम करेगी। जिससे सेना के लिए मिशन-क्रिटिकल समाधान विकसित होगा। एक प्रतिभा विकास कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जो सेना की तकनीकी परियोजनाओं में रूचि रखने वाले व्यक्तियों के कौशल को विकसित करेगा। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षण, कार्यशालाएं और मार्गदर्शन के अवसर शामिल होंगे। इसके अलावा उद्योग साझेदारों के साथ सहयोग और ज्ञान साझा करने को बढ़ावा दिया जाएगा, इसके अंतर्गत कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन होगा। कोलेबोरेशन प्लेटफार्म को विकसित कर स्टेक होल्डर्स के विचारों, ज्ञान और संसाधनों को साझा करने का कार्य किया जाएगा। यह मंच शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और सेना के लिए सुलभ रहेगा।
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इन संस्थाओं पर होगा संचालन का जिम्मा
डिफेंस इनोवेशन एंड डेवलपमेंट विंग के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद, टेरीटोरियल आर्मी इनोवेशन सेल और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के नेतृत्व में इस अद्भुत पहल के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
