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MP News: नर्सिंग घोटाले के व्हिसलब्लोअर की जान को खतरा, पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से मांगा समय
Sun, 26 May 2024 05:27 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 26 May 2024 05:27 PM IST
सार
नर्सिंग घोटाले को उजागर करने में अहम भूमिका निभाने वाले व्हिसलब्लोअर रवि परमार ने अपनी जान को खतरा बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर मिलने की इच्छा जताई है।
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नर्सिंग घोटाले को उजागर करने वाले व्हिसलब्लोअर रवि परमार ने अपनी जान को खतरा बताया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग महाघोटाले में भ्रष्टाचार की एक के बाद एक नई परतें खुल रही हैं। नर्सिंग घोटाले को उजागर करने वाले व्हिसलब्लोअर रवि परमार ने अपनी जान को खतरा बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा जताई है। दरअसल रवि की शिकायत के बाद दिल्ली सीबीआई की जांच में पता चला है कि कॉलेजों की जांच कर रही सीबीआई टीम भी भ्रष्टाचार में संलिप्त थी। ऐसे में सीबीआई इंस्पेक्टर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं सीबीआई इंस्पेक्टर और नर्सिंग कॉलेज संचालक 29 मई तक रिमांड पर हैं। इधर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अनियमितता को लेकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गड़बड़ी करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाएगा। ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों की पहचान कराई जा रही है, जिन्होंने गलत रिपोर्ट देकर अनफिट नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दिलाने करने में मदद की थी।
घोटाले को दबाने की गई थी कोशिश
वहीं रविवार को व्हिसलब्लोअर एनएसयूआई रवि परमार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मुलाकात के लिए समय मांगते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में लंबे समय से नर्सिंग फर्जीवाड़ा चल रहा था। इसको लेकर हम निरंतर शिकायत कर रहे थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया बल्कि घोटाले को दबाने के लिए अथक प्रयास किए गए।
परमार ने पत्र में लिखा कि मध्यप्रदेश के नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा से प्रदेश के लाखों नर्सिंग छात्र छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। पूरे भारत में मध्यप्रदेश की छवि धूमिल हुई है। इस नर्सिंग फर्जीवाड़े में कई बड़े शिक्षा माफ़िया, हवाला कारोबारी एवं मप्र शासन के ज़िम्मेदार अधिकारी शामिल हैं। रवि ने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए आगे लिखा कि नर्सिंग घोटाले को उजागर करने के परिणाम स्वरूप पुलिस प्रशासन द्वारा मेरे ऊपर कई मुकदमे दर्ज कर दिए गए और मुझे आलोकतांत्रिक तरीक़े से जेल तक भेजा गया, लेकिन अब घोटाला सीबीआई की कार्यवाही से उजागर हो चुका है, नर्सिंग घोटाले के सभी साक्ष्य मेरे पास हैं। इसके चलते इसमें शामिल कई बड़े रसूखदार लोगों और वरिष्ठ अधिकारी जो मुझ जैसे छोटे से छात्र प्रतिनिधि के खिलाफ कुछ भी षड्यंत्र कर मेरी हत्या भी करवा सकते हैं या झूठे पुलिस प्रकरणों में भी फंसवा सकते हैं।
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परमार ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि आप मुझे मुलाकात के लिए समय प्रदान करें। हम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ आपसे मुलाकात कर नर्सिंग घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य आपको सौंप कर इस पूरी कार्यवाही में शासन और आपका सहयोग करना चाहता हूं। ताकि इस महाघोटाले के सभी दोषियों पर सख़्त से सख़्त सजा दिलाई जा सके और शिक्षा माफ़ियाओ को जड़ से उखाड़ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को स्वच्छ किया जाए।
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घोटाले को दबाने की गई थी कोशिश
वहीं रविवार को व्हिसलब्लोअर एनएसयूआई रवि परमार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मुलाकात के लिए समय मांगते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में लंबे समय से नर्सिंग फर्जीवाड़ा चल रहा था। इसको लेकर हम निरंतर शिकायत कर रहे थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया बल्कि घोटाले को दबाने के लिए अथक प्रयास किए गए।
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परमार ने पत्र में लिखा कि मध्यप्रदेश के नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा से प्रदेश के लाखों नर्सिंग छात्र छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। पूरे भारत में मध्यप्रदेश की छवि धूमिल हुई है। इस नर्सिंग फर्जीवाड़े में कई बड़े शिक्षा माफ़िया, हवाला कारोबारी एवं मप्र शासन के ज़िम्मेदार अधिकारी शामिल हैं। रवि ने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए आगे लिखा कि नर्सिंग घोटाले को उजागर करने के परिणाम स्वरूप पुलिस प्रशासन द्वारा मेरे ऊपर कई मुकदमे दर्ज कर दिए गए और मुझे आलोकतांत्रिक तरीक़े से जेल तक भेजा गया, लेकिन अब घोटाला सीबीआई की कार्यवाही से उजागर हो चुका है, नर्सिंग घोटाले के सभी साक्ष्य मेरे पास हैं। इसके चलते इसमें शामिल कई बड़े रसूखदार लोगों और वरिष्ठ अधिकारी जो मुझ जैसे छोटे से छात्र प्रतिनिधि के खिलाफ कुछ भी षड्यंत्र कर मेरी हत्या भी करवा सकते हैं या झूठे पुलिस प्रकरणों में भी फंसवा सकते हैं।
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परमार ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि आप मुझे मुलाकात के लिए समय प्रदान करें। हम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ आपसे मुलाकात कर नर्सिंग घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य आपको सौंप कर इस पूरी कार्यवाही में शासन और आपका सहयोग करना चाहता हूं। ताकि इस महाघोटाले के सभी दोषियों पर सख़्त से सख़्त सजा दिलाई जा सके और शिक्षा माफ़ियाओ को जड़ से उखाड़ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को स्वच्छ किया जाए।
