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MP News: देह व्यापार में लिप्त महिलाओं को अब पुलिस न तो पकड़ सकेगी और न ही आरोपी बना सकेगी
Fri, 04 Apr 2025 10:43 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 04 Apr 2025 10:43 PM IST
सार
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए शुक्रवार को गाइडलाइन जारी की। इसके तहत अब होटल या ढाबा संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
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पीएचक्यू भोपाल
- फोटो : SOCIAL MEDIA
विस्तार
देह व्यापार में लिप्त महिलाओं को अब पुलिस न तो पकड़ सकेगी न ही आरोपी बना सकेगी। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने शुक्रवार को नई गाइडलाइन जारी की और भोपाल, इंदौर पुलिस कमिश्नर के साथ ही सभी जिलों के एसपी को भेजी। इसके अनुसार यदि होटल और ढाबों में अनैतिक व्यापार किया जा रहा है तो केवल होटल या ढाबा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी न कि वहां काम करने वाली महिलाओं के खिलाफ। विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा) प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव की तरफ से जारी गाइडलाइन में लिखा है कि कुछ जिलों में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत पंजीबद्ध अपराध में होटल एवं ढाबों के संचालकों द्वारा पैसा लेकर होटल एवं ढाबों के कमरों को, वेश्यालयों के रूप में चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा दबिश देने के बाद बरामद की गई महिलाओं को आरोपी बनाया जाता है।
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सुप्रीम कोर्ट दे चुकी है आदेश
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देकर कहा गया है कि यदि होटल और ढाबों में अनैतिक व्यापार किया जा रहा है तो केवल होटल या ढाबा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। गाइडलाइन में साफ लिखा है कि वहां काम करने वाली महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस आदेश में सुप्रीम कोर्ट के बुद्धदेव कर्मास्कर विरुद्ध पश्चिम बंगाल राज्य एवं अन्य में मामले में दिए आदेश का जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि वेश्यालयों पर छापों के दौरान यह ध्यान रखा जाए कि स्वेच्छा से लैंगिक कार्य करना अवैध नहीं है। केवल वेश्यालय चलाना अवैध है। ऐसे मामलों में सेक्स वर्कर को गिरफ्तार, दंडित अथवा परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
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सुप्रीम कोर्ट दे चुकी है आदेश
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देकर कहा गया है कि यदि होटल और ढाबों में अनैतिक व्यापार किया जा रहा है तो केवल होटल या ढाबा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। गाइडलाइन में साफ लिखा है कि वहां काम करने वाली महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस आदेश में सुप्रीम कोर्ट के बुद्धदेव कर्मास्कर विरुद्ध पश्चिम बंगाल राज्य एवं अन्य में मामले में दिए आदेश का जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि वेश्यालयों पर छापों के दौरान यह ध्यान रखा जाए कि स्वेच्छा से लैंगिक कार्य करना अवैध नहीं है। केवल वेश्यालय चलाना अवैध है। ऐसे मामलों में सेक्स वर्कर को गिरफ्तार, दंडित अथवा परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
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