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MP News: अब नीट में डेढ़ लाख के अंदर रैंकिंग आने पर ही मिलेगा मेधावी विद्यार्थी योजना लाभ
Wed, 11 Jun 2025 09:22 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 11 Jun 2025 09:22 AM IST
सार
नीट परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री मेधावी योजना में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। इसके बाद ऑल इंडिया रैंकिंग में 1.5 लाख के भीतर आने वाले विद्यार्थी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए ट्यूशन फीस और शुल्क में छूट का लाभ ले सकेंगे।
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वल्लभ भवन, भोपाल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अब नीट परीक्षा में ऑल इंडिया रैकिंग में डेढ़ लाख के अंदर अंक पाने वाले विद्याथिर्यों को एमबीबीएस की फीस में मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत छूट का लाभ मिलेगा। इस प्रस्ताव को मंगलवार को आयोजित कैबिनेट में रखा गया। तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के प्रस्ताव के अनुसार शासकीय मेडिकल कॉलेजों की फीस और ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए विद्याथिर्यों को योजना के तहत अधिकतम शुल्क की राशि प्रतिपूर्ति के रूप में स्कॉलरशिप के रूप में मिलेगी।
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यदि पाठयक्रम में प्रवेश पर अधिक राशि लगती है तो शेष राशि योजना में बिना ब्याज के ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। यह ऋण पूर्ण रूप से तब माफ होगी, जब विद्यार्थी एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद पांच वर्ष तक ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देंगे। अगर पढ़ाई करने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं नहीं देते हैं तो उन्हें यह राशि ब्याज सहित चुकाना होगा। ढाई वर्ष तक सेवाएं करने पर फीस की राशि का 50 फीसदी लोन चुकना माना जाएगा। यह माना जा रहा है कि यह व्यवस्था आगामी सत्र के विद्यार्थियों पर लागू करने की तैयारी की जा रही है।
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यदि पाठयक्रम में प्रवेश पर अधिक राशि लगती है तो शेष राशि योजना में बिना ब्याज के ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। यह ऋण पूर्ण रूप से तब माफ होगी, जब विद्यार्थी एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद पांच वर्ष तक ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देंगे। अगर पढ़ाई करने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं नहीं देते हैं तो उन्हें यह राशि ब्याज सहित चुकाना होगा। ढाई वर्ष तक सेवाएं करने पर फीस की राशि का 50 फीसदी लोन चुकना माना जाएगा। यह माना जा रहा है कि यह व्यवस्था आगामी सत्र के विद्यार्थियों पर लागू करने की तैयारी की जा रही है।
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