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MP News: मोहन सरकार सिंहस्थ की तैयारी में जुटी, सीएम की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति गठित
Fri, 07 Jun 2024 06:23 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 07 Jun 2024 06:23 PM IST
सार
समिति सिंहस्थ-2028 के अलग-अलग विभागों द्वारा संपन्न कराए गए कार्यों की समीक्षा, कार्योत्तर स्वीकृति, अतिरिक्त राशि आवंटन के प्रस्ताव आदि पर निर्णय लेगी।
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महाकाल उज्जैन
- फोटो : istock
विस्तार
उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ की तैयारी में डॉ. मोहन यादव सरकार जुट गई है। उज्जैन में प्रयागराज की तर्ज पर महाकुंभ का आयोजन होगा। इसका अध्ययन करके सरकार उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारी की रूपरेखा बनाकर क्रियान्वयन कराएगी। सिंहस्थ 2028 के लिए विभिन्न विभागों के किए जाने वाले कार्यों के लिए राज्य शासन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति गठित की है। समिति सिंहस्थ-2028 के अलग-अलग विभागों द्वारा संपन्न कराए गए कार्यों की समीक्षा, कार्योत्तर स्वीकृति, अतिरिक्त राशि आवंटन के प्रस्ताव आदि पर निर्णय लेगी।
मुख्य सचिव मध्य प्रदेश शासन समिति के सचिव होंगे
मंत्रिमंडलीय समिति में दोनों उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी और तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल को सदस्य नामित किया गया है। मुख्य सचिव मध्य प्रदेश शासन समिति के सचिव बनाए गए है।
उज्जैन के साथ आसपास के जिलों में भी होंगे विकास कार्य
इससे पहले सरकार ने एसीएस और प्रमुख सचिवों की सदस्यता वाली 12 सदस्यीय समिति का जनवरी में गठन किया गया। अधिकारियों की समिति को मेला क्षेत्र के लिए भूमि के आरक्षण और भूमि के उपयोग की जानकारी एकत्रित करने को कहा गया। प्रमुख अखाड़े, संस्थाएं की विस्तृत सूची और पिछले दो सिंहस्थ मेलों में इनके मांग और संख्या का ट्रेंड भी तैयार करने को कहा गया है। उज्जैन के साथ साथ सिंहस्थ के लिए पूरे मालवा और निमाड़ के जिलों में भी विकास कार्य होंगे। सरकार क्षिप्रा के शुद्धिकरण के लिए अभियान को तेज करेगी, घाटों को विकसित करने का काम, उज्जैन शहर में जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके अलावा क्षिप्रा और कान्ह नदी में मिलने वाले सभी नालों का दिसंबर 2027 तक ट्रीटमेंट प्लान पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सिंहस्थ के लिए पार्किंग, यातायात, भूमि अधिग्रहण को लेकर पूरी योजना तैयारी की जाएगी।
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14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
जानकारी के अनुसार सिंहस्थ में 14 करोड़ लोगों के आने का अनुमान लगाया गया है। केंद्र के सहयोग से बनाए जा रहे यूनिटी मॉल को जल्द से जल्द तैयार कराया जाएगा। शहर से 12 किमी दूर स्पिरिचुअल सिटी बनाई जाएगी। यहां भगवान की शिव की मूर्ति के साथ ही 12 ज्योतिर्लिंग के स्वरूप को स्थापित किया जाएगा।
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मुख्य सचिव मध्य प्रदेश शासन समिति के सचिव होंगे
मंत्रिमंडलीय समिति में दोनों उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी और तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल को सदस्य नामित किया गया है। मुख्य सचिव मध्य प्रदेश शासन समिति के सचिव बनाए गए है।
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उज्जैन के साथ आसपास के जिलों में भी होंगे विकास कार्य
इससे पहले सरकार ने एसीएस और प्रमुख सचिवों की सदस्यता वाली 12 सदस्यीय समिति का जनवरी में गठन किया गया। अधिकारियों की समिति को मेला क्षेत्र के लिए भूमि के आरक्षण और भूमि के उपयोग की जानकारी एकत्रित करने को कहा गया। प्रमुख अखाड़े, संस्थाएं की विस्तृत सूची और पिछले दो सिंहस्थ मेलों में इनके मांग और संख्या का ट्रेंड भी तैयार करने को कहा गया है। उज्जैन के साथ साथ सिंहस्थ के लिए पूरे मालवा और निमाड़ के जिलों में भी विकास कार्य होंगे। सरकार क्षिप्रा के शुद्धिकरण के लिए अभियान को तेज करेगी, घाटों को विकसित करने का काम, उज्जैन शहर में जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके अलावा क्षिप्रा और कान्ह नदी में मिलने वाले सभी नालों का दिसंबर 2027 तक ट्रीटमेंट प्लान पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सिंहस्थ के लिए पार्किंग, यातायात, भूमि अधिग्रहण को लेकर पूरी योजना तैयारी की जाएगी।
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14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
जानकारी के अनुसार सिंहस्थ में 14 करोड़ लोगों के आने का अनुमान लगाया गया है। केंद्र के सहयोग से बनाए जा रहे यूनिटी मॉल को जल्द से जल्द तैयार कराया जाएगा। शहर से 12 किमी दूर स्पिरिचुअल सिटी बनाई जाएगी। यहां भगवान की शिव की मूर्ति के साथ ही 12 ज्योतिर्लिंग के स्वरूप को स्थापित किया जाएगा।
