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MP News: मोहन कैबिनेट ने एमएसएमई समेत सात पॉलिसी को दी मंजूरी, निवेश बढ़ने से 86 लाख रोजगार मिलने की उम्मीद

Tue, 18 Feb 2025 11:54 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश Published by: आनंद पवार Updated Tue, 18 Feb 2025 11:54 PM IST
सार

मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई अहम नीतिगत निर्णयों पर मुहर लगाई। इन फैसलों के तहत सात नई पॉलिसियों को मंजूरी दी गई, जिनमें एमएसएमई, स्टार्टअप, ईवी, टाउनशिप, विमानन, नवकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों से संबंधित पॉलिसी शामिल हैं।

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MP News: Mohan Cabinet approves seven policies including MSME, 86 lakh jobs expected due to increase in invest
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। सरकार ने जीआईएस-2025 से पहले सात नई पॉलिसियों को मंजूरी दी। इसमें एमएसएमई, स्टार्टअप, ईवी, टाउनशिप, विमानन, नवकरणीय ऊर्जा नीति समेत अन्य पॉलिसी है। इसके साथ ही ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना और होटल लेक व्यू रेसीडेंसी होटल के पीपीपी मॉडल पर विकास और लीज बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इन नीतियों के जरिए सरकार का दावा है कि प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। 
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एमएसएमई पॉलिसी 2025 - इस नई पॉलिसी में अब प्रदेश में अविकसित भूमि का एमएसएमई को आवंटन होगा। फ्लैट आधारित उद्योग लगाने को मंजूरी दी गई। जहां भूखंडों के एक से अधिक आवेदन आएंगे, उनको नीलामी से आवंटन किया जाएगा। वहीं, औद्योगिक क्षेत्रों का विकास और रखरखाव संगठनों के माध्यम से हो सकेगा। इस नीति के तहत 53 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 86 लाख रोजगार का सृजन होगा। 
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एमएसएमई को औद्योगिक भूमि एवं आवास आवंटन नीति में संशोधन- मध्य प्रदेश एमएसएमई को औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम 2021 मे संशोधन का अनुमोदन दिया गया। निर्णय अनुसार विकसित औद्योगिक भूखंडों एवं फ्लैटेड इंडस्ट्रियल एरिया/कॉम्प्लेक्स का आवंटन 'ई-बिडिंग' पद्धति से तथा अविकसित भूमि का आवंटन ऑन लाइन प्रक्रिया आधारित पारदर्शी तरीके से आवेदन प्राप्त कर किया जाएगा। साथ ही अधिक सरल एवं पारदर्शी प्रक्रिया से गंभीर निवेशक को त्वरित गति से आवंटन किया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों का संधारण उद्योग संघ अथवा अन्य एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा। 
एकीकृत टाउनशिप पॉलिसी- इस पॉलिसी के तहत अब किसानों को भी टाउनशिप बनाने का अधिकार होगा। टाउनशिप बनाने की अनुमति के लिए राज्य और जिला स्तर पर साधिकार समिति का गठन किया जाएगा। सभी वैधानिक अनुमतियां 60 दिनों के अंदर जारी होगी। लैंड पुलिस नीति को मंजूरी दी गई है और किफायती आवास पर सब्सिडी मिलेगी। 

एकीकृत टाउनशिप पॉलिसी 2025- इसके तहत लैंड पुलिंग नीति को मंजूरी दी गई है। अब किसानों को भी टाउनशिप बनाने का अधिकार होगा। अनुमति के लिए राज्य और जिला स्तर पर साधिकार समिति का गठन होगा। सभी अनुमतियां जारी करने के लिए 60 दिन का समय तय होगा। साथ ही कॉलोनी नियमों में छूट, ग्रीन एफएआर मिलेगा।

ईवी पालिसी 2025- चार्जिंग स्टेशन लगाने पर सब्सिडी दी जाएगी। पेट्रोल पंप पर चार्जिंग स्टेशन लगाने प्रोत्साहित किया जाएगा। हर 20 किमी में एक चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था की जाएगी। महिला और दिव्यांग द्वारा चार्जिंग स्टेशन लगाने पर वित्तीय सहायता दी जाएगी। राज्य मार्गों पर 100 किमी की दूरी पर एक फास्ट चार्जिंग की व्यवस्था दोनों तरफ होगी। पांच साल के अंदर सरकारी 80 प्रतिशत वाहनों को ईवी में बदला जाएगा। 

विमानन नीति 2025 - प्रदेश में रीजनल कनेक्टविटी बढ़ाने के लिए विमानन नीति बनाई गई है। इसमें 75 किमी के दायरे में एक हवाई पट्टी, 150 किमी पर हवाई अड्डा बनाया जाएगा। साथ ही 45 किमी पर हेलीपैड की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में कार्गों व्यवस्था की दिशा में काम किया जाएगा। विमानन नीति के माध्यम से भविष्य में 3 एमआरओ हब विकसित करने का प्रयास। ईवी मॉडल शहर में प्रत्येक एक किमी की परिधि में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा।


नवकरणीय ऊर्जा 2025 - प्रदेश से बाहर बिजली भेजने पर लगने वाला 10 प्रतिशत हरित प्रभार अब नहीं लगेगा। इसके साथ ही विद्युत परियोजनाओं को फ्यूल योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन की दिशा पर काम होगा। वहीं, सार्वजनिक उपक्रमों को ग्रीन हाइड्रोजन से जोड़ा जाएगा। 10 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाले निवेशकों को 1.3 गुना अनुदान दिया जाएगा। साथ ही इस क्षेत्र में निवेश करने वालों को 40 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा। अजा-जजा, महिला उद्यमी इकाई को 48 प्रतिशत की सहायता के साथ पिछड़े विकासखंडों में 1.3 गुना सहायता। निर्यात प्रोत्साहन के रूप में निर्यातक इकाई को निवेश पर 52 प्रतिशत तक की सहायता। 

स्टार्टअप पॉलिसी 2025 -  स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए यह नीति बनाई गई है, जिसमें 10 हजार स्टार्टअप्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक स्टार्टअप को 12 एक वर्ष तक आंतरप्रेन्योर-इन-रेसिडेंस (ईआईआर) के रूप में 10 हजार रुपये प्रति माह की वितीय सहायता। 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप कैपिटल फंड बनाया जाएगा। सीएम उद्यमक्रांति में 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान और ऋण गारंटी शुल्क प्रतिपूर्ति की जाएगी।
 
 
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