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MP News: मंत्री राजपूत बोले- तकनीक से बदला राशन वितरण, दो वर्षों में 5.25 करोड़ लोगों तक पहुंचा मुफ्त अनाज
Wed, 24 Dec 2025 08:56 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 24 Dec 2025 08:56 PM IST
सार
प्रदेश के खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सरकार के दो साल पूरे होने पर उपलब्धियां गिनाई हैं। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, तकनीक और निगरानी से सार्वजनिक वितरण प्रणाली बदली। ई-केवाईसी में 93% प्रगति और 49 करोड़ से अधिक का राजस्व अर्जन किया।
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मंत्री गोविंद सिंह राजपूत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि विभाग ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, तकनीक आधारित निगरानी और समयबद्ध सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राजपूत राजधानी भोपाल में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। खाद्य मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रदेश के 5 करोड़ 25 लाख से अधिक हितग्राहियों को लगभग 22 हजार 800 करोड़ रुपये मूल्य का नि:शुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया। राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम लागू किया गया, जिसके माध्यम से हितग्राहियों को एसएमएस द्वारा राशन आगमन और वितरण की सूचना दी जा रही है।
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उन्होंने बताया कि विभाग ने ई-केवाईसी प्रक्रिया में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। बीते दो वर्षों में लगभग 1 करोड़ 70 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी सत्यापन किया गया है। अब तक कुल 4 करोड़ 97 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जो लगभग 93 प्रतिशत है। खाद्य मंत्री ने बताया कि वन नेशन–वन राशन कार्ड योजना के अंतर्गत प्रतिमाह औसतन 39 हजार परिवार अन्य राज्यों में तथा लगभग 6 हजार परिवार अन्य राज्यों से मध्य प्रदेश में नि:शुल्क राशन प्राप्त कर रहे हैं। वहीं, लगभग 16 लाख परिवार हर माह अंतर-जिला पोर्टेबिलिटी का लाभ ले रहे हैं। मुख्यमंत्री अन्नदूत योजना के तहत वाहनों में जीपीएस प्रणाली लगाकर राज्य स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर से निगरानी की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन से गैस आपूर्ति के लिए शहरी गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।
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वेयरहाउसिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा नमी मापक, फ्यूमिगेशन और निरीक्षण से संबंधित तीन मोबाइल एप विकसित किए गए हैं, जिससे अनाज भंडारण की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हुई है। किसान हित में समर्थन मूल्य पर गेहूं और धान की खरीदी कर 28 लाख किसानों से फसल लेकर 51 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। गेहूं पर 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देकर 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया गया।
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राजपूत ने बताया कि नाप-तौल विभाग द्वारा सत्यापन और निरीक्षण से बीते दो वर्षों में 49 करोड़ 14 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया गया। अनियमितताओं पर 11 हजार 700 प्रकरण दर्ज कर लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपये का दंड वसूला गया। उपभोक्ता आयोगों के कंप्यूटरीकरण से दो वर्षों में 3 लाख 7 हजार से अधिक प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया। उन्होंने बताया कि आगामी अवधि में राशन दुकानों को मुख्यमंत्री पोषण मार्ट के रूप में विकसित करने, सॉफ्टवेयर सिस्टम के एकीकरण, उन्नत तकनीक से राशन वितरण और सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में राशन व गैस आपूर्ति की विस्तृत कार्ययोजना भी तैयार की गई है।
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उन्होंने बताया कि विभाग ने ई-केवाईसी प्रक्रिया में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। बीते दो वर्षों में लगभग 1 करोड़ 70 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी सत्यापन किया गया है। अब तक कुल 4 करोड़ 97 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जो लगभग 93 प्रतिशत है। खाद्य मंत्री ने बताया कि वन नेशन–वन राशन कार्ड योजना के अंतर्गत प्रतिमाह औसतन 39 हजार परिवार अन्य राज्यों में तथा लगभग 6 हजार परिवार अन्य राज्यों से मध्य प्रदेश में नि:शुल्क राशन प्राप्त कर रहे हैं। वहीं, लगभग 16 लाख परिवार हर माह अंतर-जिला पोर्टेबिलिटी का लाभ ले रहे हैं। मुख्यमंत्री अन्नदूत योजना के तहत वाहनों में जीपीएस प्रणाली लगाकर राज्य स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर से निगरानी की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन से गैस आपूर्ति के लिए शहरी गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।
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राजपूत ने बताया कि नाप-तौल विभाग द्वारा सत्यापन और निरीक्षण से बीते दो वर्षों में 49 करोड़ 14 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया गया। अनियमितताओं पर 11 हजार 700 प्रकरण दर्ज कर लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपये का दंड वसूला गया। उपभोक्ता आयोगों के कंप्यूटरीकरण से दो वर्षों में 3 लाख 7 हजार से अधिक प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया। उन्होंने बताया कि आगामी अवधि में राशन दुकानों को मुख्यमंत्री पोषण मार्ट के रूप में विकसित करने, सॉफ्टवेयर सिस्टम के एकीकरण, उन्नत तकनीक से राशन वितरण और सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में राशन व गैस आपूर्ति की विस्तृत कार्ययोजना भी तैयार की गई है।
