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MP: सिंहस्थ-2028 के प्रबंधन को लेकर बैठक, एआई से चलेंगी गोल्फ कार्ट और मिनी बसें, शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
Wed, 19 Feb 2025 11:20 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 19 Feb 2025 11:20 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नवीनतम तकनीकों के इस्तेमाल पर विचार-विमर्श किया।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को सिंहस्थ-2028 के प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सहित नवीनतम तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श के लिए मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में प्रेजेंटेशन देखा। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एआई आधारित गोल्फ कार्ट, मिनी बसों और 9 मीटर लंबी बसें चलाने पर चर्चा हुई। प्रेजेंटेशन में आईआईटी एल्यूमिना काउंसिल के सतीश मेहता ने सुझाव दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संचालित सोलर गोल्फ कार्ट्स और इलेक्ट्रिक मिनी बसें इंदौर, देवास और ओंकारेश्वर से सीधे उज्जैन पहुंचे श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी घाट तक पहुंचाने में मदद कर सकती हैं। इससे लोगों को कम दूरी तय करनी पड़ेगी और यात्रा सुविधाजनक होगी।
मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर कहा कि सिंहस्थ एक बड़ा मेला है, जिसमें हमेशा भीड़ और व्यवस्था की समस्याएं रहती हैं। इसे चलाने के लिए हमें इसे पहले छोटे स्तर पर परीक्षण करना होगा, फिर ही हम आगे का निर्णय ले सकते हैं। उन्होंने इंदौर में इस ट्रायल को आयोजित करने के निर्देश दिए। सिंहस्थ के आयोजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इस बार विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन, आवास, पार्किंग, स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करने की बात की। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सिंहस्थ-2028 को श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बनाने के लिए सभी व्यवस्थाओं का समुचित प्रबंधन किया जाए। इसके तहत सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, सिंहस्थ के आयोजन में विद्युत आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए उज्जैन में छह नए ग्रिड स्थापित किए जाएंगे। इस उद्देश्य से मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी और ट्रांसमिशन कंपनी के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए त्रिवेणी विहार, चिंतामण, हासमपुरा और अन्य क्षेत्रों में नए ग्रिडों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित किया कि सिंहस्थ-2028 के आयोजन में हर पहलू पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
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मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर कहा कि सिंहस्थ एक बड़ा मेला है, जिसमें हमेशा भीड़ और व्यवस्था की समस्याएं रहती हैं। इसे चलाने के लिए हमें इसे पहले छोटे स्तर पर परीक्षण करना होगा, फिर ही हम आगे का निर्णय ले सकते हैं। उन्होंने इंदौर में इस ट्रायल को आयोजित करने के निर्देश दिए। सिंहस्थ के आयोजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इस बार विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन, आवास, पार्किंग, स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करने की बात की। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सिंहस्थ-2028 को श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बनाने के लिए सभी व्यवस्थाओं का समुचित प्रबंधन किया जाए। इसके तहत सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
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इसके अतिरिक्त, सिंहस्थ के आयोजन में विद्युत आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए उज्जैन में छह नए ग्रिड स्थापित किए जाएंगे। इस उद्देश्य से मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी और ट्रांसमिशन कंपनी के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए त्रिवेणी विहार, चिंतामण, हासमपुरा और अन्य क्षेत्रों में नए ग्रिडों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित किया कि सिंहस्थ-2028 के आयोजन में हर पहलू पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
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