{"_id":"6a8d3697c3863c719d0da18e","slug":"mp-news-major-boost-for-mp-under-the-khelo-india-scheme-with-a-budget-of-36-441-crore-10-times-more-athletes-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: खेलो इंडिया योजना में एमपी को बड़ा फायदा,36,441 करोड़ का बजट;10 गुना ज्यादा खिलाड़ियों को मिलेगा मौका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: खेलो इंडिया योजना में एमपी को बड़ा फायदा,36,441 करोड़ का बजट;10 गुना ज्यादा खिलाड़ियों को मिलेगा मौका
Tue, 25 Aug 2026 12:00 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 25 Aug 2026 12:00 PM IST
सार
खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि नई खेलो इंडिया योजना 2026 से 2031 तक चलेगी। मध्यप्रदेश में 52 खेलो इंडिया सेंटर मजबूत होंगे, भोपाल में स्पोर्ट्स हब बनेगा और स्कूल स्तर से AI के जरिए प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी।
विज्ञापन
मंत्री विश्वास सारंग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
खेलो इंडिया योजना के नए चरण में मध्यप्रदेश को खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। मंगलवार को खेल मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि वर्ष 2026 से 2031 तक लागू रहने वाली नई खेलो इंडिया योजना का कुल बजट 36,441 करोड़ रुपये है, जो पिछली योजना के मुकाबले करीब आठ गुना अधिक है। इसका लाभ पहले की तुलना में करीब 10 गुना ज्यादा खिलाड़ियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया जाएगा। भोपाल में स्पोर्ट्स हब विकसित करने की दिशा में काम होगा। प्रदेश में पहले से संचालित 52 खेलो इंडिया सेंटर को और मजबूत किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खेल प्रतिभा और क्षमता के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।
ये भी पढ़ें- MP News: भाजपा के प्रदेश प्रभारियों की नई सूची का इंतजार, बदलाव के मिले संकेत, नजरें दिल्ली पर टिकीं
स्कूलों से होगी खिलाड़ियों की पहचान
मंत्री ने कहा कि नई योजना में स्कूल स्तर से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान पर जोर रहेगा। इसके लिए एआई और वीडियो आधारित टैलेंट स्काउटिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। उभरते खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में अधिक अवसर और अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए अलग प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के साथ उनकी डाइट पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP News: सरकारी खजाने पर नजर रखने वालों पर शिकंजा, 530 से ज्यादा पर FIR; 223 करोड़ की रकम वापस
तीन स्तरों पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर काम किया जाएगा। इनमें स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर मेडल स्ट्रेटजी, स्ट्रेंथनिंग स्ट्रेटजिक स्पोर्ट्स एसेट्स और स्टेट एक्शन प्लान फॉर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में लागत साझा की जाएगी।
ये भी पढ़ें- MP: एमपी की सड़कों की बदहाली पर BJP MLA ने उठाए सवाल, बोले-कम रेट पर ठेके और भ्रष्टाचार से बिगड़ रही गुणवत्ता
ओलंपिक की तैयारी पर फोकस
मंत्री ने कहा कि लक्ष्य केवल खेल सुविधाएं बढ़ाना नहीं, बल्कि ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर देश और प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर करना है। हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी और जरूरत के अनुसार विदेशी कोचों की सेवाएं भी ली जाएंगी। पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को ज्यादा प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका देने से उन्हें अनुभव मिलेगा। “देश को हिट करना है तो देश को फिट करना है” के संदेश के साथ समाज, परिवार और अभिभावकों को भी बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही ड्रग्स के खिलाफ अभियान को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP News: भाजपा के प्रदेश प्रभारियों की नई सूची का इंतजार, बदलाव के मिले संकेत, नजरें दिल्ली पर टिकीं
विज्ञापन
स्कूलों से होगी खिलाड़ियों की पहचान
मंत्री ने कहा कि नई योजना में स्कूल स्तर से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान पर जोर रहेगा। इसके लिए एआई और वीडियो आधारित टैलेंट स्काउटिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। उभरते खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में अधिक अवसर और अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए अलग प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के साथ उनकी डाइट पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP News: सरकारी खजाने पर नजर रखने वालों पर शिकंजा, 530 से ज्यादा पर FIR; 223 करोड़ की रकम वापस
तीन स्तरों पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर काम किया जाएगा। इनमें स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर मेडल स्ट्रेटजी, स्ट्रेंथनिंग स्ट्रेटजिक स्पोर्ट्स एसेट्स और स्टेट एक्शन प्लान फॉर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में लागत साझा की जाएगी।
ये भी पढ़ें- MP: एमपी की सड़कों की बदहाली पर BJP MLA ने उठाए सवाल, बोले-कम रेट पर ठेके और भ्रष्टाचार से बिगड़ रही गुणवत्ता
ओलंपिक की तैयारी पर फोकस
मंत्री ने कहा कि लक्ष्य केवल खेल सुविधाएं बढ़ाना नहीं, बल्कि ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर देश और प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर करना है। हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी और जरूरत के अनुसार विदेशी कोचों की सेवाएं भी ली जाएंगी। पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को ज्यादा प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका देने से उन्हें अनुभव मिलेगा। “देश को हिट करना है तो देश को फिट करना है” के संदेश के साथ समाज, परिवार और अभिभावकों को भी बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही ड्रग्स के खिलाफ अभियान को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
