फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Maheshwari saree weaver Meenakshi Thakle becomes self-reliant, feels proud after meeting PM Modi

MP News: महेश्वरी साड़ी बुनकर मीनाक्षी ठाकले बनीं आत्मनिर्भर, पीएम मोदी से मिलकर कर रहीं गौरवान्वित महसूस

Sat, 31 May 2025 09:47 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश Published by: आनंद पवार Updated Sat, 31 May 2025 09:47 PM IST
सार

महेश्वरी साड़ी बुनाई से जुड़ी मीनाक्षी न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल हैं, बल्कि उन्होंने 18 महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा है। प्रधानमंत्री से हुई इस मुलाकात ने मीनाक्षी और उनके परिवार के साथ पूरे समूह के उत्साह को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।

विज्ञापन
MP News: Maheshwari saree weaver Meenakshi Thakle becomes self-reliant, feels proud after meeting PM Modi
बुनकर मीनाक्षी ठाकले ने पीएम मोदी का मंच पर अभिवादन किया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर आयोजित महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महेश्वरी साड़ी निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय नागेश्वरी स्वयं सहायता समूह महेश्वर की मीनाक्षी ठाकले ने अभिनंदन किया। इस अवसर पर उनसे पीएम ने बातचीत की। मीनाक्षी ने बताया कि प्रधानमंत्री से मिलकर मुझे विश्वास ही नहीं हुआ कि यह मोदी जी हैं। मेरी मम्मी ने फोन पर कहा कि 'बेटा, तूने बहुत नाम कमाया है, मुझे तेरी मां होने पर गर्व हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने मंच पर मीनाक्षी से नाम, निवास और व्यवसाय पूछा। मीनाक्षी ने उत्तर दिया, 'मैं महेश्वर, खरगोन की हूं और हैंडलूम से साड़ी बनाती हूं।' जब मोदी जी ने कमाई के बारे में पूछा, तो उत्साह से उन्होंने कहा, 'पूरा समूह मिलाकर हमें लगभग 60,000 रुपये महीने मिलते हैं। 
विज्ञापन


समूह में 18 महिलाएं  
महेश्वर निवासी मीनाक्षी पिछले 12 वर्षों से महेश्वरी साड़ी बुनाई से जुड़ी हैं। वे स्वयं सहायता समूह में 18 महिलाओं को जोड़कर काम कर रही हैं, जिससे सभी आत्मनिर्भर बन रही हैं। मीनाक्षी ने बताया कि सरकार की समर्थ योजना का लाभ मिला है, जिससे अब हमारे पास पांच हैंडलूम हो गए। इनसे मैं प्रतिमाह लगभग 8,000 रुपये कमाती हूं, लेकिन पूरे समूह के साथ मिलकर जितना उपार्जन होता है, वह  60,000 रुपये से ज्यादा हो जाता है। मीनाक्षी ने बताया कि उनके पति, सास-ससुर और अन्य परिवार के सदस्य भी बुनाई का काम करते हैं। इस सामूहिक प्रयास ने परिवार का आर्थिक स्वरूप बदल दिया है।
विज्ञापन


देवी अहिल्या ने गुजरात से बुलाए थे कारीगर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि लगभग 250 साल पहले देवी अहिल्याबाई ने गुजरात के जूनागढ़ से कुछ कारीगर परिवारों को महेश्वर बुलाया था। उन्हीं परिवारों के सहयोग से महेश्वरी साड़ियों का उद्योग शुरू हुआ। इसकी कलाकारी आज भी देश-विदेश में सराही जाती है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों को साथ लेकर चलने का मार्गदर्शन दिया था और वर्तमान सरकार भी उनसे प्रेरणा लेकर इसी दिशा में काम कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed