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MP News: भोपाल में बाल वैज्ञानिकों का महाकुंभ शुरू, CM बोले-नवाचार और विज्ञान ही भारत के उज्जवल भविष्य की नींव
Tue, 18 Nov 2025 07:07 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 18 Nov 2025 07:07 PM IST
सार
भोपाल में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी की शुरुआत की। देश के 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए करीब 900 छात्र-शिक्षकों ने विज्ञान पर आधारित 240 मॉडल प्रदर्शित किए हैं।
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प्रदर्शनी देखते सीएम डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल में मंगलवार को 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी-2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्यामला हिल्स स्थित क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (RIE) में दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर देशभर से आए करीब 900 विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए 240 इनोवेटिव साइंस मॉडल प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शनी के प्रवेश द्वार पर पहुंचते ही बाल वैज्ञानिकों द्वारा डिज़ाइन किए गए रोबोट ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया, जिसने लोगों का ध्यान खूब खींचा।
मुख्यमंत्री बोले- विज्ञान के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान, नवाचार और शोध को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि भारत ने आधुनिक विज्ञान के दम पर पड़ोसी देशों को करारा जवाब दिया। कोविड काल में दुनिया ने योग और भारतीय वैदिक ज्ञान की शक्ति को महसूस किया। मून मिशन और गगनयान जैसे प्रोजेक्ट में प्रधानमंत्री हर चरण में वैज्ञानिकों के साथ खड़े रहे। बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीएम ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्यभट्ट, भास्कराचार्य से लेकर महर्षि पतंजलि तक-भारत का वैज्ञानिक इतिहास हमेशा से समृद्ध रहा है।
52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में क्या खास?
- 6 दिन तक चलेगी प्रदर्शनी (18 से 23 नवंबर)
- 31 राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों से विद्यार्थी शामिल
- सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी मुख्य थीम
मॉडल्स के प्रमुख विषय
-खाद्य, स्वास्थ्य और स्वच्छता
-प्राकृतिक खेती
-परिवहन व संचार
-कंप्यूटेशनल थिंकिंग
-गणितीय मॉडलिंग
-आपदा प्रबंधन
-अपशिष्ट और संसाधन प्रबंधन
यह भी पढ़ें-उज्जैन में लैंड पुलिंग एक्ट की वापसी पर सियासी घमासान तेज, कांग्रेस ने उठाए कैबिनेट के फैसले पर सवाल
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विशेष: वैज्ञानिकों से संवाद का भी मौका
बाल वैज्ञानिक मैनिट, IISER और AISECT के विशेषज्ञ वैज्ञानिकों से इंटरैक्ट करेंगे। इससे बच्चों को शोध, नवाचार और नई तकनीक की दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार प्रदेशभर में ICT लैब की संख्या बढ़ा रही है ताकि हर विद्यार्थी डिजिटल और वैज्ञानिक शिक्षा से जुड़ सके।
यह भी पढ़ें-जयपुर स्टेशन री-डेवलपमेंट का असर, भोपाल होकर चलने वाली कई ट्रेनें आंशिक निरस्त, कुछ का रूट बदला
योग को वैश्विक पहचान मिली
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर योग को संयुक्त राष्ट्र ने मान्यता दी। आज दुनिया के हर हिस्से में लोग योग को अपनाकर स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित एनसीईआरटी निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी, मंत्री डॉ. विजय शाह, कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, सहित अनेक शिक्षाविद, शिक्षक व विद्यार्थी इस अवसर पर शामिल हुए।
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मुख्यमंत्री बोले- विज्ञान के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान, नवाचार और शोध को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि भारत ने आधुनिक विज्ञान के दम पर पड़ोसी देशों को करारा जवाब दिया। कोविड काल में दुनिया ने योग और भारतीय वैदिक ज्ञान की शक्ति को महसूस किया। मून मिशन और गगनयान जैसे प्रोजेक्ट में प्रधानमंत्री हर चरण में वैज्ञानिकों के साथ खड़े रहे। बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीएम ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्यभट्ट, भास्कराचार्य से लेकर महर्षि पतंजलि तक-भारत का वैज्ञानिक इतिहास हमेशा से समृद्ध रहा है।
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52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में क्या खास?
- 6 दिन तक चलेगी प्रदर्शनी (18 से 23 नवंबर)
- 31 राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों से विद्यार्थी शामिल
- सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी मुख्य थीम
मॉडल्स के प्रमुख विषय
-खाद्य, स्वास्थ्य और स्वच्छता
-प्राकृतिक खेती
-परिवहन व संचार
-कंप्यूटेशनल थिंकिंग
-गणितीय मॉडलिंग
-आपदा प्रबंधन
-अपशिष्ट और संसाधन प्रबंधन
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विशेष: वैज्ञानिकों से संवाद का भी मौका
बाल वैज्ञानिक मैनिट, IISER और AISECT के विशेषज्ञ वैज्ञानिकों से इंटरैक्ट करेंगे। इससे बच्चों को शोध, नवाचार और नई तकनीक की दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार प्रदेशभर में ICT लैब की संख्या बढ़ा रही है ताकि हर विद्यार्थी डिजिटल और वैज्ञानिक शिक्षा से जुड़ सके।
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योग को वैश्विक पहचान मिली
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर योग को संयुक्त राष्ट्र ने मान्यता दी। आज दुनिया के हर हिस्से में लोग योग को अपनाकर स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित एनसीईआरटी निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी, मंत्री डॉ. विजय शाह, कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, सहित अनेक शिक्षाविद, शिक्षक व विद्यार्थी इस अवसर पर शामिल हुए।
