{"_id":"65f1ccf0a544f62bdb0cfbd2","slug":"mp-news-lalwani-firoziya-get-another-chance-bisen-and-darbar-ticket-canceled-bunty-sahu-will-challenge-nak-2024-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: लालवानी, फिरोजिया को फिर मौका, बिसेन और दरबार का टिकट कटा, बंटी साहू देंगे नकुल को चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: लालवानी, फिरोजिया को फिर मौका, बिसेन और दरबार का टिकट कटा, बंटी साहू देंगे नकुल को चुनौती
Wed, 13 Mar 2024 09:29 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 13 Mar 2024 09:29 PM IST
सार
भाजपा ने ने बुधवार को 72 प्रत्याशियों की सूची जारी की, जिसमें मध्य प्रदेश की पांच रुकी हुई सीटें शामिल हैं। इंदौर, उज्जैन के सांसदों का टिकट रिपीट किया है। धार और बालाघाट में मौजूदा सांसदों का टिकट काटा है।
विज्ञापन
भाजपा
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को 72 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। इसमें मध्य प्रदेश की उन पांच सीटों पर प्रत्याशी शामिल हैं, जिन पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ था। पार्टी ने उज्जैन और इंदौर से मौजूदा सांसदों यानी अनिल फिरोजिया और शंकर लालवानी को फिर से टिकट दिया है। वहीं, धार से छतरसिंह दरबार का टिकट काटकर सावित्री ठाकुर को बालाघाट से ढाल सिंह बिसेन का टिकट काटकर डॉ. भारती पारधी को टिकट दिया है। छिंदवाड़ा में कमलनाथ से विधानसभा चुनाव हारे विवेक बंटी साहू को लोकसभा चुनावों में उनके बेटे नकुल नाथ के सामने उतारा है।
2019 के लोकसभा चुनावों में मध्य प्रदेश की 29 में से 28 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। सिर्फ छिंदवाड़ा सीट ही नकुलनाथ कांग्रेस को जिताने में कामयाब रहे थे। इस बार भी नकुलनाथ मैदान में हैं, जिन्हें विवेक बंटी साहू चुनौती देंगे। कांग्रेस की बात करें तो उसकी एक लिस्ट में दस नाम ही घोषित हुए हैं। वहीं, भाजपा अब तक सभी 29 सीटों के लिए प्रत्याशी तय कर चुकी है। भाजपा ने सात सांसदों को विधानसभा चुनावों में उतारा था। उनमें से पांच ने चुनाव जीता और अब उन्हें टिकट नहीं दिया गया है।
भाजपा ने आठ सांसदों के टिकट काटे
भाजपा ने पहली सूची में मध्य प्रदेश की 24 सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित किए थे। उसमें छह सांसदों के टिकट काटे गए थे। वहीं, पांच रिक्त सीटों पर नए चेहरे उतारे थे। पांच नामों की दूसरी सूची की बात करें तो दो सांसदों के टिकट काटे हैं। इसे मिलाकर पार्टी ने इस बार आठ सांसदों के टिकट काटे हैं और कुल 13 नए चेहरे चुनावों में उतारे हैं।
विज्ञापन
जानिए किसे कहां क्यों मिला टिकट
छिंदवाड़ाः भाजपा को विधानसभा चुनावों में छिंदवाड़ा जिले में करारी हार का सामना करना पड़ा था। कमलनाथ के गढ़ में कांग्रेस ने जिले की सभी सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा को कमलनाथ के परिवार के सामने चुनाव लड़ने के लिए कोई जिताऊ चेहरा नहीं मिला। बंटी साहू भाजपा के जिला अध्यक्ष होने के साथ ही पार्टी के सबसे बड़े नेता भी हैं। दो बार कमलनाथ से विधानसभा चुनाव हारे विवेक बंटी साहू पर ही पार्टी ने भरोसा जताया है। दो हफ्ते पहले यह अटकलें भी लगी थी कि नकुलनाथ भाजपा में जा सकते हैं। छिंदवाड़ा, भोपाल और दिल्ली तक राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई। हालांकि, कमलनाथ ने कांग्रेस छोड़ने की अटकलों पर विराम लगाया और पार्टी ने एक बार फिर नकुल को टिकट दिया।
इंदौरः सांसद शंकर लालवानी का टिकट इंदौर की प्रसिद्ध ताई (सुमित्रा महाजन) और भाई (कैलाश विजयवर्गीय) की लड़ाई में उलझा था। पार्टी ने एक बार फिर सांसद शंकर लालवानी पर ही भरोसा जताया है। सुमित्रा महाजन ने ही लालवानी को टिकट दिलाया था और इस बार कैलाश विजयवर्गीय के साथ सहमति नहीं बन रही थी। इंदौर में सिंधी आबादी भी बड़ी संख्या में है। कुछ दिन पहले तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर के एक कार्यक्रम में कह दिया था कि उडती खबर आई है कि शंकर लालवानी का टिकट कट गया है। किसी महिला को टिकट दिया जा सकता है। हालांकि, उनकी उड़ती खबर फेक न्यूज निकली और लालवानी पर पार्टी ने फिर भरोसा जताया।
उज्जैनः मौजूदा सांसद अनिल फिरोजिया पर ही भाजपा ने भरोसा जताया है। फिरोजिया ने भी टिकट पाने के लिए पूरी मेहनत की थी। पहले कहा जा रहा था कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के उज्जैन में किसी महिला को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। हालांकि, फिरोजिया किसी तरह टिकट बचाने में कामयाब रहे।
धारः इस सीट पर भाजपा ने पूर्व सांसद सावित्री ठाकुर को टिकट दिया है। 2019 में ठाकुर का टिकट काटकर ही छतरसिंह दरबार को मौका दिया गया था। अब उनका टिकट काटकर सावित्री ठाकुर को फिर मौका दिया है। छतरसिंह दरबार की बढ़ती उम्र और विधानसभा चुनावों में धार जिले में भाजपा का उम्मीद से कमतर प्रदर्शन उनका टिकट कटने की वजह बताया जा रहा है। उनके टिकट कटने को एंटी- इनकम्बेंसी के रूप में में भी देखा जा रहा है।
बालाघाटः भाजपा ने डॉ. भारती पारधी को टिकट दिया है। डॉ. भारती भाजपा से पार्षद हैं। यहां पर संगठन भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष वैभव पवार का नाम आगे बढ़ा रहा था, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने महिला एवं जमीनी कार्यकर्ता डॉ. भारती पारधी को प्रत्याशी बनाकर चौंका दिया। डॉ. भारती पारधी समाज सेवा में सक्रिय हैं। उनके नाम को संघ और संगठन के वरिष्ठ नेताओं की पसंद बताया जा रहा है। सांसद ढालसिंह बिसेन को लेकर जनता में नाराजगी थी और एंटी-इनकम्बेंसी भी बड़ी वजह थी। इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व नए चेहरे की तलाश में था।
विज्ञापन
2019 के लोकसभा चुनावों में मध्य प्रदेश की 29 में से 28 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। सिर्फ छिंदवाड़ा सीट ही नकुलनाथ कांग्रेस को जिताने में कामयाब रहे थे। इस बार भी नकुलनाथ मैदान में हैं, जिन्हें विवेक बंटी साहू चुनौती देंगे। कांग्रेस की बात करें तो उसकी एक लिस्ट में दस नाम ही घोषित हुए हैं। वहीं, भाजपा अब तक सभी 29 सीटों के लिए प्रत्याशी तय कर चुकी है। भाजपा ने सात सांसदों को विधानसभा चुनावों में उतारा था। उनमें से पांच ने चुनाव जीता और अब उन्हें टिकट नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
भाजपा ने आठ सांसदों के टिकट काटे
भाजपा ने पहली सूची में मध्य प्रदेश की 24 सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित किए थे। उसमें छह सांसदों के टिकट काटे गए थे। वहीं, पांच रिक्त सीटों पर नए चेहरे उतारे थे। पांच नामों की दूसरी सूची की बात करें तो दो सांसदों के टिकट काटे हैं। इसे मिलाकर पार्टी ने इस बार आठ सांसदों के टिकट काटे हैं और कुल 13 नए चेहरे चुनावों में उतारे हैं।
विज्ञापन
जानिए किसे कहां क्यों मिला टिकट
छिंदवाड़ाः भाजपा को विधानसभा चुनावों में छिंदवाड़ा जिले में करारी हार का सामना करना पड़ा था। कमलनाथ के गढ़ में कांग्रेस ने जिले की सभी सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा को कमलनाथ के परिवार के सामने चुनाव लड़ने के लिए कोई जिताऊ चेहरा नहीं मिला। बंटी साहू भाजपा के जिला अध्यक्ष होने के साथ ही पार्टी के सबसे बड़े नेता भी हैं। दो बार कमलनाथ से विधानसभा चुनाव हारे विवेक बंटी साहू पर ही पार्टी ने भरोसा जताया है। दो हफ्ते पहले यह अटकलें भी लगी थी कि नकुलनाथ भाजपा में जा सकते हैं। छिंदवाड़ा, भोपाल और दिल्ली तक राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई। हालांकि, कमलनाथ ने कांग्रेस छोड़ने की अटकलों पर विराम लगाया और पार्टी ने एक बार फिर नकुल को टिकट दिया।
इंदौरः सांसद शंकर लालवानी का टिकट इंदौर की प्रसिद्ध ताई (सुमित्रा महाजन) और भाई (कैलाश विजयवर्गीय) की लड़ाई में उलझा था। पार्टी ने एक बार फिर सांसद शंकर लालवानी पर ही भरोसा जताया है। सुमित्रा महाजन ने ही लालवानी को टिकट दिलाया था और इस बार कैलाश विजयवर्गीय के साथ सहमति नहीं बन रही थी। इंदौर में सिंधी आबादी भी बड़ी संख्या में है। कुछ दिन पहले तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर के एक कार्यक्रम में कह दिया था कि उडती खबर आई है कि शंकर लालवानी का टिकट कट गया है। किसी महिला को टिकट दिया जा सकता है। हालांकि, उनकी उड़ती खबर फेक न्यूज निकली और लालवानी पर पार्टी ने फिर भरोसा जताया।
उज्जैनः मौजूदा सांसद अनिल फिरोजिया पर ही भाजपा ने भरोसा जताया है। फिरोजिया ने भी टिकट पाने के लिए पूरी मेहनत की थी। पहले कहा जा रहा था कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के उज्जैन में किसी महिला को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। हालांकि, फिरोजिया किसी तरह टिकट बचाने में कामयाब रहे।
धारः इस सीट पर भाजपा ने पूर्व सांसद सावित्री ठाकुर को टिकट दिया है। 2019 में ठाकुर का टिकट काटकर ही छतरसिंह दरबार को मौका दिया गया था। अब उनका टिकट काटकर सावित्री ठाकुर को फिर मौका दिया है। छतरसिंह दरबार की बढ़ती उम्र और विधानसभा चुनावों में धार जिले में भाजपा का उम्मीद से कमतर प्रदर्शन उनका टिकट कटने की वजह बताया जा रहा है। उनके टिकट कटने को एंटी- इनकम्बेंसी के रूप में में भी देखा जा रहा है।
बालाघाटः भाजपा ने डॉ. भारती पारधी को टिकट दिया है। डॉ. भारती भाजपा से पार्षद हैं। यहां पर संगठन भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष वैभव पवार का नाम आगे बढ़ा रहा था, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने महिला एवं जमीनी कार्यकर्ता डॉ. भारती पारधी को प्रत्याशी बनाकर चौंका दिया। डॉ. भारती पारधी समाज सेवा में सक्रिय हैं। उनके नाम को संघ और संगठन के वरिष्ठ नेताओं की पसंद बताया जा रहा है। सांसद ढालसिंह बिसेन को लेकर जनता में नाराजगी थी और एंटी-इनकम्बेंसी भी बड़ी वजह थी। इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व नए चेहरे की तलाश में था।
