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MP News: कमलनाथ भी शिवराज की राह पर, चुनाव जीतने पर सेन आयोग बनाने का किया वादा
Mon, 17 Apr 2023 06:24 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 17 Apr 2023 06:24 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों की तैयारियों को दोनों ही पार्टियों ने तेजी दे दी है। कांग्रेस भी योजनाओं के लिहाज से शिवराज सरकार को फॉलो करती नजर आ रही है। शिवराज ने छोटी जातियों के लिए वेलफेयर बोर्ड बनाने की घोषणा की तो कमलनाथ भी उनकी तर्ज पर वादे कर रहे हैं।
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कमलनाथ और शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : Social Media
विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सोमवार को सेन महाराज की जयंती पर सेन आयोग बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव जीतकर सरकार बनाती है तो वे सेन आयोग बनाएंगे। इसके अध्यक्ष को मंत्री का दर्जा दिया जाएगा। एक दिन पहले ही ग्वालियर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छोटी जातियों के लिए वेलफेयर बोर्ड बनाने की घोषणा की थी। इस तरह कांग्रेस भी भाजपा को फॉलो करती नजर आ रही है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ग्वालियर में आंबेडकर सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा था कि अनुसूचित जाति समाज की प्रमुख उप-जातियों के अलग-अलग कल्याण बोर्ड बनाएंगे, जैसे- कोरी कल्याण बोर्ड, जाटव कल्याण बोर्ड। इनके अध्यक्ष और सदस्य भी बनाएंगे। अध्यक्ष को मंत्री का दर्जा दिया जाएगा। इनकी जिम्मेदारी समाज के बीच दौरा करना और समस्याओं को जानने का होगा। इसी तर्ज पर सोमवार को कमलनाथ ने भी घोषणा की। सेन महाराज की जयंती पर पीएंडटी चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनी तो सेन आयोग का गठन किया जाएगा। सेन समाज की जन्मस्थली बांधवगढ़ में भव्य स्मारक बनाया जाएगा। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस के बड़े नेता शामिल हुए। इससे पहले रविवार को कमलनाथ ने ट्वीट किया था कि सरकार बनते ही भोजपुरी समाज को उनकी मांगों के अनुरूप सामाजिक कार्यों के लिए भूमि का आवंटन किया जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया था कि कांग्रेस ने ही प्रदेश में छठ महापर्व का ऐच्छिक अवकाश प्रारंभ किया था।
शिवराज सरकार एक कदम आगे
भले ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ वादे कर रहे हो, लेकिन इस मामले में शिवराज सरकार उनसे एक कदम आगे चल रही है। शिवराज सरकार तेलघानी बोर्ड, रजक कल्याण बोर्ड, स्वर्णकार कल्याण बोर्ड, विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड का गठन कर चुकी है। इन बोर्डों में चार-चार सदस्य भी बनेंगे। प्रदेश सरकार किसी भी वर्ग और जाति को नाराज नहीं करना चाहती। इस वजह से सभी को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
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पिछली हार से शिवराज ने लिया सबक
भाजपा 2018 जैसी कोई गलती नहीं दोहराना चाहती है। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हर समाज को साधने के प्रयास कर रहे हैं। 2018 में 230 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा को 109 और कांग्रेस को 114 सीटें मिली थी। वोट प्रतिशत बढ़ने के बाद भी भाजपा कुछ सीट कम पड़ने से सरकार बनाने से चुक गई थी। इस बार शिवराज सरकार उत्तरप्रदेश की तर्ज पर उप-जातियों और छोटे समाजों को साध रही है। कांग्रेस भी पीछे नहीं रहना चाहती।
कमलनाथ कर रहे हैं फॉलो
कमलनाथ की कोशिश है कि शिवराज सरकार की घोषणाओं या योजनाओं को अगले स्तर तक ले जाना। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पात्र महिलाओं को एक हजार रुपये देने की लाड़ली बहना योजना की घोषणा की तो कमलनाथ ने एक कदम आगे बढ़कर घोषणा की। उन्होंने कहा कि जीतकर आने पर वह पात्र महिलाओं को एक के बजाय डेढ़ हजार रुपया महीना देंगे। इसी तरह के वादे वे समाजों के लिए भी करते नजर आ रहे हैं।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ग्वालियर में आंबेडकर सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा था कि अनुसूचित जाति समाज की प्रमुख उप-जातियों के अलग-अलग कल्याण बोर्ड बनाएंगे, जैसे- कोरी कल्याण बोर्ड, जाटव कल्याण बोर्ड। इनके अध्यक्ष और सदस्य भी बनाएंगे। अध्यक्ष को मंत्री का दर्जा दिया जाएगा। इनकी जिम्मेदारी समाज के बीच दौरा करना और समस्याओं को जानने का होगा। इसी तर्ज पर सोमवार को कमलनाथ ने भी घोषणा की। सेन महाराज की जयंती पर पीएंडटी चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनी तो सेन आयोग का गठन किया जाएगा। सेन समाज की जन्मस्थली बांधवगढ़ में भव्य स्मारक बनाया जाएगा। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस के बड़े नेता शामिल हुए। इससे पहले रविवार को कमलनाथ ने ट्वीट किया था कि सरकार बनते ही भोजपुरी समाज को उनकी मांगों के अनुरूप सामाजिक कार्यों के लिए भूमि का आवंटन किया जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया था कि कांग्रेस ने ही प्रदेश में छठ महापर्व का ऐच्छिक अवकाश प्रारंभ किया था।
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शिवराज सरकार एक कदम आगे
भले ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ वादे कर रहे हो, लेकिन इस मामले में शिवराज सरकार उनसे एक कदम आगे चल रही है। शिवराज सरकार तेलघानी बोर्ड, रजक कल्याण बोर्ड, स्वर्णकार कल्याण बोर्ड, विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड का गठन कर चुकी है। इन बोर्डों में चार-चार सदस्य भी बनेंगे। प्रदेश सरकार किसी भी वर्ग और जाति को नाराज नहीं करना चाहती। इस वजह से सभी को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
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पिछली हार से शिवराज ने लिया सबक
भाजपा 2018 जैसी कोई गलती नहीं दोहराना चाहती है। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हर समाज को साधने के प्रयास कर रहे हैं। 2018 में 230 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा को 109 और कांग्रेस को 114 सीटें मिली थी। वोट प्रतिशत बढ़ने के बाद भी भाजपा कुछ सीट कम पड़ने से सरकार बनाने से चुक गई थी। इस बार शिवराज सरकार उत्तरप्रदेश की तर्ज पर उप-जातियों और छोटे समाजों को साध रही है। कांग्रेस भी पीछे नहीं रहना चाहती।
कमलनाथ कर रहे हैं फॉलो
कमलनाथ की कोशिश है कि शिवराज सरकार की घोषणाओं या योजनाओं को अगले स्तर तक ले जाना। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पात्र महिलाओं को एक हजार रुपये देने की लाड़ली बहना योजना की घोषणा की तो कमलनाथ ने एक कदम आगे बढ़कर घोषणा की। उन्होंने कहा कि जीतकर आने पर वह पात्र महिलाओं को एक के बजाय डेढ़ हजार रुपया महीना देंगे। इसी तरह के वादे वे समाजों के लिए भी करते नजर आ रहे हैं।
