फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Irregularities in newborn baby warmer tender, 900 inverters supplied instead of UPS units, a scam wor

MP News: नवजात शिशु वार्मर खरीदी में बड़ी गड़बड़ी, UPS की जगह 900 इन्वर्टर कर दिए सप्लाई, करोड़ों का खेल!

Wed, 14 Jan 2026 05:41 AM IST
Anand Pawar आनंद पवार
Updated Wed, 14 Jan 2026 05:41 AM IST
सार

मध्य प्रदेश में नवजात शिशुओं के इलाज से जुड़े उपकरणों की खरीदी में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। टेंडर में UPS की शर्त होने के बावजूद अस्पतालों में इन्वर्टर की सप्लाई कर दी गई। अब जिम्मेदार एक दूसरे की जिम्मेदारी बता कर खानापूर्ति कर रहे हैं। 

विज्ञापन
MP News: Irregularities in newborn baby warmer tender, 900 inverters supplied instead of UPS units, a scam wor
एनएचएम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों, जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नवजात शिशुओं के लिए लगाए गए बच्चों के वार्मर की आपूर्ति में गंभीर अनियमितता सामने आई है। आरोप है कि मध्य प्रदेश हेल्थ सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPHSCL) द्वारा जारी टेंडर में जहां वार्मर के साथ यूपीएस (UPS) की आपूर्ति करना था, वहीं सप्लायर ने यूपीएस की जगह इन्वर्टर सप्लाई कर दिया। अब मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग और एजेंसियां एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर औपचारिकता निभाती नजर आ रही हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  Bhopal News: BMC बैठक में हंगामा, गोमांस विवाद पर वॉकआउट, जानें कौन सी सेवाएं हुईं सस्ती
विज्ञापन


900 वार्मर की खरीदी, टेंडर में यूपीएस की शर्त
नेशनल हेल्थ मिशन, मध्य प्रदेश की ओर से प्रदेशभर के स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 7 करोड़ रुपए में करीब 900 नवजात शिशु रेडिएंट वार्मर की खरीदी की गई। यह पूरी प्रक्रिया मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से की गई थी। जारी टेंडर दस्तावेज में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि बिजली बाधित होने की स्थिति में लगातार बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए वार्मर के साथ यूपीएस दिया जाना है, जिसमें कम से कम 60 मिनट का पावर बैकअप होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Bhopal News: भोपाल में गौमांस विवाद पर सड़क पर उतरा जय मां भवानी संगठन, स्लॉटर हाउस के डॉक्टर पर गिरी गाज

यूपीएस की जगह इन्वर्टर की सप्लाई
टेंडर की शर्तों के विपरीत ग्वालियर की फर्म यश इंटरप्राइजेज द्वारा अस्पतालों में यूपीएस के स्थान पर इन्वर्टर सप्लाई कर दिया । इस पर भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हमीदिया अस्पताल ने आपत्ति दर्ज कराई। हमीदिया अस्पताल के शिशु रोग विभाग की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि 
इन्वर्टर के साथ वार्मर को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट करना मुश्किल होता है। इसके बाद टेंडर में देखा गया तो सामने आया कि वॉर्मर के साथ यूपीएस देना था। इसका जिक्र टेंडर के स्पेशिफिकेशन में भी हैं। यूपीएस की तुलना में इन्वर्टर तकनीकी रूप से कमजोर होता है। इन्वर्टर की कीमत यूपीएस से कम होती है। इसी आधार पर मिलीभगत के जरिए करोड़ों रुपये के वित्तीय नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

ये भी पढ़ें-  Bhopal News: सरगना के गिरफ्तार होते ही ईरानी गैंग में कब्जे की जंग, पूछताछ में राजू ने किए चौंकाने वाले खुलासे


यूपीएस और इन्वर्टर में क्या है फर्क
विशेषज्ञों के अनुसार नवजात शिशु वार्मर जैसे संवेदनशील मेडिकल उपकरण के लिए यूपीएस और इन्वर्टर में बड़ा अंतर है। यूपीएस बिजली जाते ही 0 सेकंड में सप्लाई देता है, आउटपुट स्थिर और शुद्ध होता है तथा वोल्टेज में उतार-चढ़ाव नहीं होता। इन्वर्टर में बिजली कटते ही 2 से 10 सेकंड का गैप आता है, कई बार यह मॉडिफाइड साइन वेव देता है, जिससे वोल्टेज फ्लक्चुएशन का खतरा रहता है। जानकारों का कहना है कि यूपीएस नवजात वार्मर के लिए अधिक सुरक्षित होता है, जिससे मशीन के इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, अलार्म, सेंसर और कंट्रोल सिस्टम सही तरीके से काम करते हैं।

ये भी पढ़ें- MP News: एमपी बोर्ड परीक्षा की नई तारीख, 10वीं-12वीं का शेड्यूल बदला, हिंदी सहित कई पेपर आगे खिसके

क्या बोले जिम्मेदार 
टेंडर के अनुसार ही उपकरण सप्लई करना होता है 

मध्य प्रदेश हेल्थ सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPHSCL) के प्रबंध संचालक मयंक अग्रवाल ने कहा कि सप्लायर को टेंडर की शर्तों के अनुसार ही उपकरण सप्लाई करना होता है। यदि कहीं गड़बड़ी है तो संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को जानकारी देनी चाहिए। जांच में अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई का प्रावधान है।

ये भी पढ़ें-  'मैं सीता नहीं हूं': 'सुंदर साध्वी' हर्षा रिछारिया ने धर्म के मार्ग से अलग होने का किया एलान; क्या वजह बताई?

स्पेशिफिकेशन के अनुसार सप्लाई करना कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी 
मध्य प्रदेश नेशनल हेल्थ मिशन के शिशु स्वास्थ्य पोषण शाखा की उप संचालक डॉ. हिमानी यादव ने कहा कि टेंडर के स्पेशिफिकेशन के अनुसार सप्लाई सुनिश्चित करना कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी है। हमारे पास इस संबंध में जानकारी आई है और मामले की जांच कराई जा रही है। 

ये भी पढ़ें- MP: ईरानी गैंग में पावर वॉर, राजू की गिरफ्तारी के बाद सरदारी की जंग तेज, मुन्ने का बेटा उतरा मैदान में

सप्लायर बोले- डेमो में इन्वर्टर ही दिखाया 
वहीं, ग्वालियर की यश इंटरप्राइजेज के संचालक मनोज कुकरेजा ने कहा कि डेमो के समय इन्वर्टर ही दिखाया गया था, उस दौरान किसी ने आपत्ति नहीं की। दोनों एक ही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed