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MP News: जल संचय को जन आंदोलन बनाने की पहल, सीएम मोहन यादव बोले- मप्र में सतना से हुई इसकी शुरुआत
Thu, 05 Dec 2024 04:17 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/ भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/ भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 05 Dec 2024 04:17 PM IST
सार
कार्यक्रम के तहत राजस्थान में 1,60,000 और मध्यप्रदेश में 15,000 बोर बनवाए जाने हैं। बिहार राज्य के 10 जिलों में प्रत्येक गांव में 4 बोर बनवाए जाने का निर्णय लिया गया है।
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वर्षा जल संचय को लेकर हुए कार्यक्रम में पहुंचे सीएम मोहन यादव
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज श्रम शक्ति भवन में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ 'कर्मभूमि से जन्मभूमि' कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर त्रिपक्षीय बैठक की। बैठक में इस योजना के तहत जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त करने, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से योजना को लागू करने, और इसके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के विषय में विस्तृत चर्चा की गई।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री पाटिल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "जलसंचय संकल्प" को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से 'कर्मभूमि से जन्मभूमि' कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इसमें गुजरात में रह रहे मध्यप्रदेश, राजस्थान और बिहार के प्रवासी व्यवसायी अपनी जन्मभूमि में जलसंचय के लिए बोरवेल की व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि कार्यक्रम के तहत राजस्थान में 1,60,000 और मध्यप्रदेश में 15,000 बोर बनवाए जाने हैं। बिहार राज्य के 10 जिलों में प्रत्येक गांव में 4 बोर बनवाए जाने का निर्णय लिया गया है। केंद्रीय मंत्री ने राज्यों के सहयोग से इस योजना की सफलता की आशा व्यक्त की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'कर्मभूमि से जन्मभूमि' योजना वर्षाजल को संग्रहित कर भूगर्भ जल भंडारण क्षमता को बढ़ाने के लिए एक अभिनव पहल है। गुजरात के अप्रवासी व्यापारियों द्वारा अपने संसाधनों के माध्यम से अपने जन्मभूमि राज्यों में बोरवेल निर्माण का काम शुरू हो चुका है। मध्यप्रदेश के सतना जिले से इसकी शुरुआत की गई है, और पूरे प्रदेश में 15,000 बोरवेल निर्माण का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि शासकीय संसाधनों के बिना प्रवासी व्यापारियों की भागीदारी से चल रहा यह जल संरक्षण अभियान अत्यंत प्रशंसनीय है।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर सूरत के व्यापारियों द्वारा शुरू की गई यह योजना राजस्थान के सिरोही और जोधपुर जिलों में क्रियान्वित हो रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह योजना राजस्थान में भूगर्भ जल स्तर को सुधारने में सहायक सिद्ध होगी।
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केंद्रीय जलशक्ति मंत्री पाटिल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "जलसंचय संकल्प" को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से 'कर्मभूमि से जन्मभूमि' कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इसमें गुजरात में रह रहे मध्यप्रदेश, राजस्थान और बिहार के प्रवासी व्यवसायी अपनी जन्मभूमि में जलसंचय के लिए बोरवेल की व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि कार्यक्रम के तहत राजस्थान में 1,60,000 और मध्यप्रदेश में 15,000 बोर बनवाए जाने हैं। बिहार राज्य के 10 जिलों में प्रत्येक गांव में 4 बोर बनवाए जाने का निर्णय लिया गया है। केंद्रीय मंत्री ने राज्यों के सहयोग से इस योजना की सफलता की आशा व्यक्त की।
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'कर्मभूमि से जन्मभूमि' योजना वर्षाजल को संग्रहित कर भूगर्भ जल भंडारण क्षमता को बढ़ाने के लिए एक अभिनव पहल है। गुजरात के अप्रवासी व्यापारियों द्वारा अपने संसाधनों के माध्यम से अपने जन्मभूमि राज्यों में बोरवेल निर्माण का काम शुरू हो चुका है। मध्यप्रदेश के सतना जिले से इसकी शुरुआत की गई है, और पूरे प्रदेश में 15,000 बोरवेल निर्माण का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि शासकीय संसाधनों के बिना प्रवासी व्यापारियों की भागीदारी से चल रहा यह जल संरक्षण अभियान अत्यंत प्रशंसनीय है।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर सूरत के व्यापारियों द्वारा शुरू की गई यह योजना राजस्थान के सिरोही और जोधपुर जिलों में क्रियान्वित हो रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह योजना राजस्थान में भूगर्भ जल स्तर को सुधारने में सहायक सिद्ध होगी।
