फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: In the nursing scam and bribery case, CBI officers were working as a gang, everyone's rates were fixe

MP News: नर्सिंग घोटाला रिश्वतकांड में सीबीआई अधिकारी गिरोह बना कर कर रहे थे काम, सबके रेट तय थे

Wed, 22 May 2024 11:45 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Wed, 22 May 2024 11:45 PM IST
सार

बर्खास्त सीबीआई निरीक्षक राहुल राज बिचौलियों के साथ नियमित संपर्क में रहता था। ताकि अलग-अलग नर्सिंग कॉलेज प्रमुखों के साथ सीबीआई निरीक्षण की समय-सारिणी साझा की जाती थी। ताकि कॉलेज की कमियों के अनुसार रिश्वत की राशि तय की जाए सके और मापदंडों पर खरे नहीं उतरने वाले कॉलेजों की सूटेबल रिपोर्ट प्रदान की जा सके।

विज्ञापन
MP News: In the nursing scam and bribery case, CBI officers were working as a gang, everyone's rates were fixe
सीबीआई - फोटो : पीटीआई

विस्तार

मध्य प्रदेश के नर्सिंग घोटाले की जांच से जुड़े रिश्वतकांड में सीबीआई की टीम के अधिकारियों की गिरफ्तारी के साथ ही जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। इसमें सीबीआई के अधिकारियों के साथ ही नर्सिंग अधिकारियों, विशेषज्ञों और पटवारियों को संबंधित कॉलेज की 'सूटेबल रिपोर्ट' बनाने के रेट तय थे। जानकारी के अनुसार इस गिरोह द्वारा प्रत्येक नर्सिंग कॉलेज से दो लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक की रिश्वत वसूली की जाती थी। बाद में यह रिश्वत राशि निरीक्षण दल के सीबीआई अधिकारियों तथा बिचौलियों के बीच बांटी जाती थी। इसके अलावा प्रत्येक निरीक्षण के लिए सीबीआई की टीम के साथ जुड़े प्रत्येक नर्सिंग अधिकारी और विशेषज्ञ को 25 से 50 हजार रुपये की रिश्वत दी जाती है। सीबीआई टीम के साथ जुड़े प्रत्येक पटवारी को भी पांच हजार से 20 हजार रुपये की रिश्वत दी जाती है। नर्सिंग अधिकारी और पटवारी के लिए रिश्वत की राशि निजी व्यक्तियों द्वारा निरीक्षण के उसी दिन/अगले दिन पहुंचाई जाती थी।
विज्ञापन


राहुल राज दलालों के साथ करता था बैठक 
निरीक्षक राहुल राज को सीबीआई ने बर्खास्त कर दिया है। जानकारी के अनुसार  सीबीआई निरीक्षक राहुल राज बिचौलियों के साथ नियमित संपर्क में रहता था। ताकि अलग-अलग नर्सिंग कॉलेज प्रमुखों के साथ सीबीआई निरीक्षण की समय-सारिणी साझा की जाती थी। ताकि कॉलेज की कमियों के अनुसार रिश्वत की राशि तय की जाए सके और मापदंडों पर खरे नहीं उतरने वाले कॉलेजों की सूटेबल रिपोर्ट प्रदान की जा सके। राहुल राज नियमित दलालों के साथ बैठक करता था। जुगल किशोर सीबीआई की टीम और ग्वालियर, रतलाम, मंदसौर, उज्जैन जिलों के नर्सिंग कॉलेजों के बीच मध्यस्थता का काम करता था। सीबीआई की तरफ से वह नर्सिंग कॉलेजों से संपर्क करता था। फिर सीबीआई की तरफ से सूटेबल रिपोर्ट दिलाने का वादा करके रिश्वत की रकम वसूलता था। डॉ. एमबी शर्मा नर्सिंग कॉलेज, आयुष ग्राम, बंजली, शासकीय महाविद्यालय के सामने, सेजावता रोड, रतलाम, इंद्रा एकेडमी ऑफ नर्सिंग, इंदौर; अखंड ज्योति कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मंडलेश्वर और खरगोन, मंडलेश्वर समेत प्रदेश के अन्य कई कॉलेज संचालकों ने  जुगल किशोर से संपर्क कर रिश्वत की रकम जांच टीम तक पहुंचाई थी। रिश्वत की रकम वसूलने और पहुंचाने में अशोक नागर, रोहित शर्मा और राधा रमन और अन्य उनका सहयोग करते थे।
विज्ञापन


इंदौर का ओम गोस्वामी बड़ा बिचौलिया था
ओम गोस्वामी नामक बिचौलिया इंदौर, धार, खरगोन, मंडलेश्वर, रतलाम और मंदसौर जिलों के नर्सिंग कॉलेजों और सीबीआई निरीक्षण दल के बीच मध्यस्थता करता था। सीबीआई निरीक्षण दल की ओर से वह विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों से संपर्क कर उन्हें सीबीआई निरीक्षण दल द्वारा अनुकूल रिपोर्ट देने का वादा कर रिश्वत की रकम वसूलता था। इन जिलों के कई कॉलेजों के चेयरमैनों ने संपर्क कर रिश्वत की रकम ओम गोस्वामी को पहुंचाई थी, जो इसे सीबीआई निरीक्षण दल तक पहुंचाता था। इसमें उसके सहयोगी रवि भदौरिया, कमल ईरानी, आशीष चौहान, मुकेश गिरी गोस्वामी, मोहित निरोगे, गौरव शर्मा और वेद शर्मा, जुबेर शेख और प्रीति तिलकवार, तनवीर खान और अन्य अज्ञात लोग शामिल हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि कई मौकों पर जुगल किशोर शर्मा इंस्पेक्टर राहुल राज के निर्देश पर रिश्वत की रकम राधारमण शर्मा के जरिए जयपुर में राहुल शर्मा को पहुंचाता था। श्री गंगानगर निवासी धरमपाल राहुल राज का मित्र है, जो उसके लिए जयपुर में रिश्वत की रकम वसूलता था।  सूत्रों के अनुसार आठ मई को ओम गोस्वामी के निर्देश पर उनके कर्मचारी वेद शर्मा ने 15 लाख रुपये मोहम्मद तनवीर खान, सीईओ, पटेल मोटर्स, इंदौर को दिए। इसके बाद 10 मई को ओम गोस्वामी ने अपने कर्मचारी वेद शर्मा के माध्यम से मोहम्मद तनवीर खान को 16 लाख रुपये पहुंचाए। जानकारी के अनुसार मोहम्मद तनवीर ने ओम गोस्वामी से प्राप्त रिश्वत की रकम से रतलाम से बुलियन गोल्ड (400 ग्राम) भी खरीदा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


सचिन जैन ने भोपाल भेजे 10 लाख
ओम गोस्वामी के निर्देश पर प्रीति तिलकवार ने रिश्वत की 10 लाख रुपये की रकम इंदौर से भोपाल ट्रांसफर करने की व्यवस्था की थी। यह राशि दलाल सचिन जैन को दी गई थी, जिसे आगे राहुल राज, इंस्पेक्टर, सीबीआई को दिया जाना था। सूत्र ने आगे बताया कि 18 मई को अनिल भास्करन पुत्र एओ भास्करन, चेयरमैन, मलय कॉलेज ने सचिन जैन के कार्यालय से यह राशि प्राप्त की। जिसे राहुल राज को देते हुए सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। 


अब तक इन पर केस 
सीबीआई ने भोपाल सीबीआई डीएसपी आशीष प्रसाद, निरीक्षक ऋषिकांत असाठे, निरीक्षक राहुल राज, निरीक्षक सुशील कुमार मजोका पर एफआईआर दर्ज की है। इसमें राहुल राज और सुशील कुमार मजोका गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके अलावा अनिल भास्करन, जुगल किशोर, ओम गोस्वामी, रवि भदौरिया, प्रीति तिलकवार, वेद शर्मा, जुबेर खान, अशोक नागर, सचिन जैन, राधा रमन, रोहित शर्मा, कमल ईरानी, आशीष चौहान, मुकेश गिरि गोस्वामी, मोहित निरोगे, गौरव शर्मा, राहुल शर्मा, मोहम्मद तनवीर खान, धर्मपाल समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed