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MP News: कलियासोत नदी पर अतिक्रमण मामले में भोपाल ननि के मुख्य नगर निवेशक को शासन ने भेजा कारण बताओ नोटिस
Wed, 06 Sep 2023 07:39 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 06 Sep 2023 07:39 PM IST
सार
भोपाल मुख्य नगर निवेशक को एनजीटी की सुनवाई को गंभीरता से नहीं लेने से विभाग की क्षवि धूमिल होने का दोषी पाया गया है।
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मंत्रालय भवन, वल्लभ भवन, भोपाल
- फोटो : File
विस्तार
नगर निगम भोपाल के मुख्य नगर निवेशक नीरज आनंद लिखार के विरुद्ध कलियासोत नदी पर हुए अतिक्रमण को लेकर मध्यप्रदेश शासन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें मुख्य नगर निवेशक को एनजीटी की सुनवाई को गंभीरता से नहीं लेने से विभाग की क्षवि धूमिल होने का दोषी पाया गया है। इसको लेकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उप सचिव वीएस चौधरी कोलसानी की तरफ से आदेश जारी किया गया है। इसमें लिखार को एनजीटी की सुनवाई में तथ्यात्मक अभिलेखों के साथ प्रस्तुत नहीं होने और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत नहीं कराने का दोषी पाया गया है। इस मामले में लिखार से सात दिवस के अंदर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने की बात कही है।
बता दें डॉ. सुभाष सी पांडे ने कलियासोत नदी के संरक्षण एवं उसके क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण को हटाने को लेकर एनजीटी में याचिका दायर की। इसको एनजीटी ने सुभाष सी पांडे विरुद्ध मुख्य सचिव मध्य प्रदेशशासन एवं अन्य के रूप में दर्ज किया गया है। इस मामले में भोपाल नगर पालिक निगम के सहायक आयुक्त ने मुख्य नगर निवशक को 21 मार्च और 4 अगस्त को संबंधित दस्तावेजों के साथ अधिवक्ता सचिन वर्मा संपर्क कर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा था।
इसके बावजूद तय तिथि को नीरज लिखार की तरफ से संबंधित मामले में एनजीटी में भोपाल नगर निगम का पक्ष रखा और नाही कोई कार्रवाई की। इस मामले में एनजीटी ने आदेशों का पालन नहीं होने पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में तलब किया। जहां सीएस संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर एनजीटी ने 5 लाख रुपए की पैनाल्टी पर एक माह का समय दिया। साथ ही सीएस को कहा कि आप खुद तय करें कि इसके लिए कौन सा विभाग या एजेंसी जिम्मेदार है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 सितंबर को है। जिसमें एनजीटी ने पूरी रिपोर्ट मांगी है।
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बता दें डॉ. सुभाष सी पांडे ने कलियासोत नदी के संरक्षण एवं उसके क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण को हटाने को लेकर एनजीटी में याचिका दायर की। इसको एनजीटी ने सुभाष सी पांडे विरुद्ध मुख्य सचिव मध्य प्रदेशशासन एवं अन्य के रूप में दर्ज किया गया है। इस मामले में भोपाल नगर पालिक निगम के सहायक आयुक्त ने मुख्य नगर निवशक को 21 मार्च और 4 अगस्त को संबंधित दस्तावेजों के साथ अधिवक्ता सचिन वर्मा संपर्क कर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा था।
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इसके बावजूद तय तिथि को नीरज लिखार की तरफ से संबंधित मामले में एनजीटी में भोपाल नगर निगम का पक्ष रखा और नाही कोई कार्रवाई की। इस मामले में एनजीटी ने आदेशों का पालन नहीं होने पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में तलब किया। जहां सीएस संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर एनजीटी ने 5 लाख रुपए की पैनाल्टी पर एक माह का समय दिया। साथ ही सीएस को कहा कि आप खुद तय करें कि इसके लिए कौन सा विभाग या एजेंसी जिम्मेदार है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 सितंबर को है। जिसमें एनजीटी ने पूरी रिपोर्ट मांगी है।
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