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MP News: वित्त मंत्री ने जय श्री महाकाल के जयघोष से बजट पढ़ाना शुरू किया और अटल जी की कविता पढ़ समापन
Wed, 01 Mar 2023 07:44 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 01 Mar 2023 07:44 PM IST
सार
वित्त मंत्री ने बजट भाषण पढते हुए कहा कि भारत मध्ये स्वयंभू ज्योतिर्लिंग, यज्ञामहे, हे पारब्रहम परमेश्वर शिव शम्भू, दयामहे, जय श्री महाकाल, जय जय श्री महाकाल। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार का यह निरंत प्रयास रहा है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की धारा से पूरी तरह जोड़ें, एवं उनके जीवन स्तर में सुधार हो।
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जगदीश देवड़ा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिवराज सरकार के वर्तमान कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट बुधवार को विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रस्तुत कर दिया है। अपना बजट भाषण प्रस्तुत करने से पहले मंत्री देवड़ा ने देवाधिदेव महाकाल का आह्वान किया है। साथ ही बजट को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी की कविता पढ़कर समापन किया।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण पढते हुए कहा कि भारत मध्ये स्वयंभू ज्योतिर्लिंग, यज्ञामहे, हे पारब्रहम परमेश्वर शिव शम्भू, दयामहे, जय श्री महाकाल, जय जय श्री महाकाल। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार का यह निरंत प्रयास रहा है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की धारा से पूरी तरह जोड़ें, एवं उनके जीवन स्तर में सुधार हो। वहीं, अंत में वित्त मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की कविता टूटे हुए तारों से फूटे बासंती स्वर, पत्थर की छाती में उगाया नव अंकुर, झरे सब पीले पात, कोयल की कुहुक रात, प्राची में अरुणिमा की रेख देख पाता हूं, गीत नया गाता हूं। कविता पढ़कर अपना भाषण समाप्त किया।
मुझे आखिरी घर तक दिया जलाना है
बजट भाषण के अंतिम पैरा प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने फिर शायराना अंदाज में विपक्षी दलों को चुप करा दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि - नया बजट अनुमान है, परंतु हमारी सरकार का 'वादा’ भी है। प्रदेश की जनता से बिना समझौता किए हर मुश्किल आसान करेंगे। सभी जरूरतों का ध्यान रखेंगे। बेहतर सेवा का वादा है, पूरा करेंगे। मेरा विनम्र प्रयास रहेगा कि 'तुम अपने पास रखो अपने सूरजों का हिसाब मुझे आखिरी घर तक दिया जलाना है।
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वित्त मंत्री ने बजट भाषण पढते हुए कहा कि भारत मध्ये स्वयंभू ज्योतिर्लिंग, यज्ञामहे, हे पारब्रहम परमेश्वर शिव शम्भू, दयामहे, जय श्री महाकाल, जय जय श्री महाकाल। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार का यह निरंत प्रयास रहा है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की धारा से पूरी तरह जोड़ें, एवं उनके जीवन स्तर में सुधार हो। वहीं, अंत में वित्त मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की कविता टूटे हुए तारों से फूटे बासंती स्वर, पत्थर की छाती में उगाया नव अंकुर, झरे सब पीले पात, कोयल की कुहुक रात, प्राची में अरुणिमा की रेख देख पाता हूं, गीत नया गाता हूं। कविता पढ़कर अपना भाषण समाप्त किया।
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मुझे आखिरी घर तक दिया जलाना है
बजट भाषण के अंतिम पैरा प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने फिर शायराना अंदाज में विपक्षी दलों को चुप करा दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि - नया बजट अनुमान है, परंतु हमारी सरकार का 'वादा’ भी है। प्रदेश की जनता से बिना समझौता किए हर मुश्किल आसान करेंगे। सभी जरूरतों का ध्यान रखेंगे। बेहतर सेवा का वादा है, पूरा करेंगे। मेरा विनम्र प्रयास रहेगा कि 'तुम अपने पास रखो अपने सूरजों का हिसाब मुझे आखिरी घर तक दिया जलाना है।
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