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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Elephant Task Force will be formed in MP, CM suspends Field Director of Bandhavgarh Tiger Reserve

MP News: 10 हाथियों के मौत की खबर सुन फील्ड डायरेक्टर ने कर लिया था फोन स्विच ऑफ, सीएम यादव ने किया निलंबित

Sun, 03 Nov 2024 09:42 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sun, 03 Nov 2024 09:42 PM IST
सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 72 घंटे में 10 हाथियों की मौत के मामले में सख्त एक्शन लिया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। चौधरी छुट्टी पर गए और हाथियों की मौत की सूचना मिलने पर मोबाइल भी बंद कर लिया था। 

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MP News: Elephant Task Force will be formed in MP, CM suspends Field Director of Bandhavgarh Tiger Reserve
सीएम मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 72 घंटे में 10 हाथियों की मौत के मामले में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम निवास में वन विभाग के अफसरों की क्लास ली। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में राज्य स्तरीय हाथी टास्कफोर्स गठित किया जाएगा। हाथी-मानव सह अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए हाथी मित्र बनाए जाएंगे। इसके साथ ही सीएम ने बांधवगढ़ के फील्ड डायरेक्टर और प्रभारी एसीएफ को सस्पेंड करने का आदेश दिया। 
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सोलर फेंसिंग लगाई जाएगी
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही अधिक है, वहां किसानों की फसलों को बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की व्यवस्था होगी। यही नहीं किसानों को कृषि के अलावा कृषि वानिकी एवं अन्य वैकल्पिक कार्यों से भी जोड़ने के प्रयास होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में आने वाले समय में ऐसे वन क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिसमें हाथियों की बसाहट के साथ सह अस्तित्व की भावना मजबूत हो सके। केंद्रीय वन मंत्री से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। वे मार्ग दर्शन करेंगे, जिससे वन विभाग इस क्षेत्र में ठोस कार्यवाही कर सके। जिन जिलों में हाथी वन क्षेत्रों में रह रहे हैं वहां हाथी मित्र जन जागरूकता के लिए कार्य करेंगे। 
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प्रारंभिक रिपोर्ट में मानवीय साजिश का एंगल नहीं 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उमरिया जिले के वन क्षेत्र में पिछले दिनों 10 हाथियों की अलग-अलग दिन हुई मृत्यु की घटना दुखद एवं दर्दनाक है, जिसे राज्य शासन ने गंभीरता से लिया है। वन राज्य मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों के दल ने क्षेत्र का भ्रमण किया है। प्रारंभिक रिपोर्ट में हाथियों के पेट में कोई कीटनाशक नहीं पाया गया है। पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट आना शेष है। हाथियों के बड़े दल के रूप में आने की घटना गत दो तीन वर्ष में एक नया अनुभव भी है। उमरिया और सीधी जिले में बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी दिख रही है। ऐसे में फील्ड डायरेक्टर एवं अन्य अधिकारियों को सतर्क और सजग रहने की जरूरत है। 
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फील्ड डायरेक्टर ने सूचना मिलने पर मोबाइल बंद कर लिया था
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि हाथियों की मृत्यु की इतनी बड़ी घटना के समय फील्ड डायरेक्टर का अवकाश से वापस न आना और पूर्व में हाथियों के दल आने के संदर्भ में जो आवश्यक चिंता की जाना चाहिए, वह नहीं की गई। इस लापरवाही के लिए फील्ड डायरेक्टर गौरव चौधरी को सस्पेंड किया गया है। चौधरी ने हाथियों की मौत की सूचना मिलने के बाद मोबाइल बंद कर दिया। वहीं, प्रभारी एसीएफ फतेहसिंह निनामा को भी निलंबित किया गया है। 

कर्नाटक, केरल और असम जाकर अध्ययन करेंगे 
मध्य प्रदेश में हाथियों की सुरक्षा और उनके साथ मानव सहअस्तित्व को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधिकारियों को कर्नाटक, केरल और असम जैसे राज्यों में अध्ययन के लिए भेजा जाएगा। इन राज्यों में बड़ी संख्या में हाथी रहते हैं, और वहां इनकी देखभाल के श्रेष्ठ तौर तरीकों को मध्य प्रदेश में लागू करने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों को इन राज्यों में भेजकर बफर और कोर एरिया में मानव-हाथी सहअस्तित्व को मजबूत करने के तरीके सीखने के लिए कहा गया है।

स्थाई प्रबंधन के लिए बनेगी टास्कफोर्स
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से आए हाथियों के दल अब बांधवगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में स्थाई रूप से रहने लगे हैं। इस स्थिति को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने हाथियों के स्थाई प्रबंधन के लिए एक टास्कफोर्स बनाने का निर्णय लिया है। इस टास्कफोर्स का मुख्य उद्देश्य होगा हाथियों के साथ रहने की सावधानियों पर काम करना और सहअस्तित्व को बढ़ावा देना होगा।

हाथियों के हमले में मौत पर मिलेंगे 25 लाख
हाल की घटना में जनहानि को लेकर मुआवजा राशि को बढ़ाकर 8 लाख से 25 लाख प्रति व्यक्ति कर दिया गया है। इस निर्णय के तहत जिन परिवारों के सदस्य हाथियों के हमले में मारे गए हैं, उन्हें भी इस योजना के तहत लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें आर्थिक मदद मिल सकेगी।


हाथियों की रेडियो टैगिंग की जाएगी 
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन क्षेत्र में जो अकेले हाथी घूमते हैं और अपने दल से अलग हो जाते हैं, इनकी रेडियो टैगिंग का निर्णय लिया गया है। इससे ट्रेकिंग कर उन पर नजर रखी जा सकेगी। आने वाले समय में ऐसी घटना न हो, भविष्य में इसका ध्यान रखा जा सकेगा। यह इस दिशा में ठोस कार्यवाही होगी। ऐसे अन्य महत्वपूर्ण उपायों को लागू करने के लिए विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा।

 
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