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MP News: राज्यसभा की पांच सीटों पर 27 फरवरी को चुनाव, विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस का गणित गड़बड़ाया
Mon, 29 Jan 2024 03:18 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 29 Jan 2024 03:18 PM IST
सार
भारत चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश की पांच सीटों समेत देशभर की राज्यसभा की खाली हो रही सीटों के लिए चुनाव की तारीख का एलान कर दिया है। राज्यसभा सीटों के लिए 27 फरवरी को चुनाव होंगे।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश की राज्यसभा की पांच सीटें अप्रैल 2024 में खाली हो रही है। भारत चुनाव आयोग ने प्रदेश की पांच समेत देशभर की 56 सीटों पर चुनाव के लिए तारीख का एलान कर दिया है। राज्यसभा के चुनाव 27 फरवरी को होंगे। इसी दिन मतगणना भी होगी। विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद कांग्रेस का गणित गड़बड़ा गया है। विधानसभा चुनाव में भाजपा को 163 और कांग्रेस को 66 सीटें मिली है। पिछली बार से कांग्रेस की सीटें कम हुई है। जिसका सीधा असर राज्यसभा चुनाव पर दिखेगा। जिस दल की संख्या विधानसभा में अधिक होगी, उसके उतने उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे।
प्रदेश की खाली हो रही पांच सीटों के लिए अप्रैल 2018 में मतदान हुआ था। उस समय भी भाजपा ही बहुमत में थी। भाजपा से अजय प्रताप सिंह, कैलाश सोनी, धर्मेंद्र प्रधान और थावरचंद्र गेहलोत चुने गए। एक सीट पर कांग्रेस के राजमणि पटेल चुने गए। सितंबर 2021 में थावरचंद गेहलोत के त्यागपत्र देने से रिक्त सीट पर भाजपा के ही डॉ. एल मुरूगन चुन लिए गए। इन सभी का कार्यकाल दो अप्रैल को समाप्त हो रहा है। जिसके लिए आयोग 27 फरवरी को चुनाव कराएंगा।
यह है निर्धारित फॉर्मूला
प्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें है। पांच सीटों के लिए चुनाव होना है। चुनाव के लिए तय फार्मूले के अनुसार 39 विधायक एक सदस्य का चुनाव करेंगे। अभी भाजपा के पास 163 विधायक है। इससे साफ है कि भाजपा को चार सीटें अभी भी मिल जाएगी। वहीं, कांग्रेस के पास 66 विधायक है, उसे एक सीट ही मिल पाएगी। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 11 सीटें है। इनमें से आठ पर भाजपा का कब्जा है। वहीं, तीन पर कांग्रेस उम्मीदवार काबिज है।
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दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 2026 तक हैं
भाजपा की तरफ से राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुमित्रा वाल्मिकी, कविता पाटीदार, सुमेर सिंह सोलंकी है। सुमर सिंह सोलंकी का कार्यकाल 2026, कविता पाटीदार और सुमित्रा वाल्मिकी का कार्यकाल 2028 तक है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा और राजमणि पटेल है। पटेल का कार्यकाल अप्रैल 2024 में समाप्त हो रहा है। दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 2026 और विवेक तन्खा का कार्यकाल 2028 तक है।
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प्रदेश की खाली हो रही पांच सीटों के लिए अप्रैल 2018 में मतदान हुआ था। उस समय भी भाजपा ही बहुमत में थी। भाजपा से अजय प्रताप सिंह, कैलाश सोनी, धर्मेंद्र प्रधान और थावरचंद्र गेहलोत चुने गए। एक सीट पर कांग्रेस के राजमणि पटेल चुने गए। सितंबर 2021 में थावरचंद गेहलोत के त्यागपत्र देने से रिक्त सीट पर भाजपा के ही डॉ. एल मुरूगन चुन लिए गए। इन सभी का कार्यकाल दो अप्रैल को समाप्त हो रहा है। जिसके लिए आयोग 27 फरवरी को चुनाव कराएंगा।
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यह है निर्धारित फॉर्मूला
प्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें है। पांच सीटों के लिए चुनाव होना है। चुनाव के लिए तय फार्मूले के अनुसार 39 विधायक एक सदस्य का चुनाव करेंगे। अभी भाजपा के पास 163 विधायक है। इससे साफ है कि भाजपा को चार सीटें अभी भी मिल जाएगी। वहीं, कांग्रेस के पास 66 विधायक है, उसे एक सीट ही मिल पाएगी। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 11 सीटें है। इनमें से आठ पर भाजपा का कब्जा है। वहीं, तीन पर कांग्रेस उम्मीदवार काबिज है।
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दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 2026 तक हैं
भाजपा की तरफ से राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुमित्रा वाल्मिकी, कविता पाटीदार, सुमेर सिंह सोलंकी है। सुमर सिंह सोलंकी का कार्यकाल 2026, कविता पाटीदार और सुमित्रा वाल्मिकी का कार्यकाल 2028 तक है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा और राजमणि पटेल है। पटेल का कार्यकाल अप्रैल 2024 में समाप्त हो रहा है। दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 2026 और विवेक तन्खा का कार्यकाल 2028 तक है।
