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MP News: शिक्षा विभाग का यू-टर्न, एक हफ्ते गैरहाजिर तो रिलीव वाला आदेश वापस, अतिथि शिक्षकों ने किया था विरोध
Thu, 26 Feb 2026 05:22 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 26 Feb 2026 05:22 PM IST
सार
लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने अतिथि शिक्षकों की 7 दिन की लगातार अनुपस्थिति पर रिलीव/सेवा समाप्ति का सख्त आदेश वापस ले लिया है। अतिथि शिक्षकों के विरोध के बाद आदेश निरस्त कर दिया गया। विभाग ने कहा है कि एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर तकनीकी व्यवस्था बनने के बाद नए निर्देश जारी किए जाएंगे।
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डीपीआई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने अतिथि शिक्षकों की अनुपस्थिति को लेकर जारी सख्त आदेश को वापस ले लिया है। 20 फरवरी को जारी निर्देशों में कहा गया था कि जो अतिथि शिक्षक लगातार एक सप्ताह तक स्कूल नहीं आते, उन्हें पोर्टल पर दर्ज अटेंडेंस के आधार पर तत्काल रिलीव किया जाए। तर्क यह दिया गया था कि नियमित शिक्षकों के रिक्त पद और अवकाश की स्थिति में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है। अतिथि शिक्षकों के बगैर सूचना के अनुपस्थित रहने पर सेवा समाप्ति संबंधी इस आदेश का प्रदेशभर में विरोध हुआ। अतिथि शिक्षकों ने इसे कठोर बताते हुए आपत्ति जताई, जिसके बाद विभाग को कदम पीछे खींचना पड़ा।
क्या थे सख्त निर्देश?
लगातार 7 दिन अनुपस्थित रहने पर अतिथि शिक्षक को कार्यमुक्त (रिलीव) करने का आदेश।
स्कूल प्रभारी और प्राचार्यों पर कार्रवाई की चेतावनी, यदि वे लंबी अनुपस्थिति के बावजूद कदम नहीं उठाते।
पोर्टल आधारित अटेंडेंस के आधार पर एक सप्ताह से अधिक गैरहाजिर शिक्षकों को तुरंत हटाने के निर्देश।
कार्रवाई नहीं करने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात।
यह भी पढ़ें-सिंगरौली कोल ब्लॉक पर विधानसभा में बवाल, JPC जांच की मांग, कांग्रेस का सदन से वॉकआउट
अब क्या बदला?
26 फरवरी को जारी नए पत्र में पहले वाले आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर आवश्यक तकनीकी व्यवस्था उपलब्ध होने के बाद इस संबंध में अलग से नए निर्देश जारी किए जाएंगे। इस फैसले के बाद अतिथि शिक्षकों को फिलहाल राहत मिली है, जबकि आगे की कार्रवाई पोर्टल अपडेट के बाद तय होगी।
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यह भी पढ़ें- 7 दिन गायब तो जाएगी नौकरी, शिक्षा विभाग का सख्त फरमान, शिक्षा मंत्री बोले-लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
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क्या थे सख्त निर्देश?
लगातार 7 दिन अनुपस्थित रहने पर अतिथि शिक्षक को कार्यमुक्त (रिलीव) करने का आदेश।
स्कूल प्रभारी और प्राचार्यों पर कार्रवाई की चेतावनी, यदि वे लंबी अनुपस्थिति के बावजूद कदम नहीं उठाते।
पोर्टल आधारित अटेंडेंस के आधार पर एक सप्ताह से अधिक गैरहाजिर शिक्षकों को तुरंत हटाने के निर्देश।
कार्रवाई नहीं करने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात।
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अब क्या बदला?
26 फरवरी को जारी नए पत्र में पहले वाले आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर आवश्यक तकनीकी व्यवस्था उपलब्ध होने के बाद इस संबंध में अलग से नए निर्देश जारी किए जाएंगे। इस फैसले के बाद अतिथि शिक्षकों को फिलहाल राहत मिली है, जबकि आगे की कार्रवाई पोर्टल अपडेट के बाद तय होगी।
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