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MP News: विकास योजनाओं के चलते भोपाल में तीन साल में 8754 पेड़ काटे, इंदौर में 92
Sun, 19 Mar 2023 07:12 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 19 Mar 2023 07:12 PM IST
सार
2020 में पयर्यावरण वानिकी वन मंडल भोपाल ने लगाए पेड़ों के संधारण पर 74 लाख 38 हजार 910 रुपए, 2021 में 72 लाख 22 हजार 869 रुपए और 2022 में 5 लाख 88 हजार 974 रुपए खर्च किए गए।
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भोपाल और इंदौर शहर में तीन सालों में 8846 पेड़ काटे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
स्मार्ट सिटी और अन्य विकास योजनाओं के चलते भोपाल और इंदौर शहर में तीन सालों में 8846 पेड़ काटे गए। इसमें सबसे ज्यादा भोपाल में 8754 और इंदौर में 92 पेड़ काटे गए। हालांकि भोपाल में काटे पेड़ों की जगह 83 हजार 255 पेड़ लगाए गए। वहीं, इंदौर में कोई पेड़ नहीं लगाया गया।
कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के विधानसभा में भोपाल और इंदौर में पेड़ काटने को लेकर पूछे सवाल के जवाब में नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने लिखित जवाब दिया। इसमें बताया कि 2020 में पर्यावरण वानिकी वन मंडल भोपाल ने लगाए पेड़ों के संधारण पर 74 लाख 38 हजार 910 रुपए, 2021 में 72 लाख 22 हजार 869 रुपए और 2022 में 5 लाख 88 हजार 974 रुपए खर्च किए गए।
वहीं, भोपाल और इंदौर में दूषित हवा और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को लेकर सुधारात्मक प्रयासों को लेकर बताया कि नदी नालों में कचरा फैलाने वालों पर फाइन लगाने की कार्रवाई की जा रही है। नदी-नालों के किनारे विभिन्न क्षमता के एसटीपी स्थापित किए गए हैं। ताकि ट्रीटेड वाटर ही नदियों में छोड़ा जाए। शहर के मुख्य चौराहों पर एयर प्यूरीफायर स्थापित किए गए है। विद्युत बसों को बढ़ावा दिया जा रहा है। डीजल लोडिंग वाहनों की सीएनजी वाहन के रूप में परिवर्तित करने का प्रयास किया गया है। पीयूसी जांच केंद्र शहर के पेट्रोल पंपों पर स्थापित किए गए हैं। परिवहन विभाग द्वारा बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता है।
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कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के विधानसभा में भोपाल और इंदौर में पेड़ काटने को लेकर पूछे सवाल के जवाब में नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने लिखित जवाब दिया। इसमें बताया कि 2020 में पर्यावरण वानिकी वन मंडल भोपाल ने लगाए पेड़ों के संधारण पर 74 लाख 38 हजार 910 रुपए, 2021 में 72 लाख 22 हजार 869 रुपए और 2022 में 5 लाख 88 हजार 974 रुपए खर्च किए गए।
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वहीं, भोपाल और इंदौर में दूषित हवा और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को लेकर सुधारात्मक प्रयासों को लेकर बताया कि नदी नालों में कचरा फैलाने वालों पर फाइन लगाने की कार्रवाई की जा रही है। नदी-नालों के किनारे विभिन्न क्षमता के एसटीपी स्थापित किए गए हैं। ताकि ट्रीटेड वाटर ही नदियों में छोड़ा जाए। शहर के मुख्य चौराहों पर एयर प्यूरीफायर स्थापित किए गए है। विद्युत बसों को बढ़ावा दिया जा रहा है। डीजल लोडिंग वाहनों की सीएनजी वाहन के रूप में परिवर्तित करने का प्रयास किया गया है। पीयूसी जांच केंद्र शहर के पेट्रोल पंपों पर स्थापित किए गए हैं। परिवहन विभाग द्वारा बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता है।
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