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MP News: मंत्रालय में दो आईएएस में विवाद, जाने क्यों भिड़ गए पीएस मनीष रस्तोगी और सचिव ललित दाहिमा
Thu, 21 Mar 2024 11:29 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 21 Mar 2024 11:29 PM IST
सार
जेल विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ने विभाग के सचिव ललित दाहिमा को अपने कक्ष से बाहर जाने का कह दिया। दोनों अधिकारियों के बीच फाइल पर टीप लिखने को लेकर विवाद हुआ।
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वल्लभ भवन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश जेल विभाग के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। जेल विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ने विभाग के सचिव ललित दाहिमा को अपने कक्ष से बाहर जाने का कह दिया। दोनों अधिकारियों के बीच फाइल पर टीप लिखने को लेकर विवाद हुआ। दाहिमा के कक्ष के बाहर नहीं जाने पर रस्तोगी खुद कक्ष से बाहर चले गए।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनीष रस्तोगी सामान्य प्रशासन विभाग के साथ-साथ जेल विभाग के भी प्रमुख सचिव हैं। जानकारी के अनुसार उन्होंने बुधवार को जेल विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इसमें सचिव ललित दाहिमा और उप सचिव कमल नागर पहुंचे। मनीष रस्तोगी को विभागीय फाइल पर टीप लिखने को लेकर आपत्ति जताई। इस पर दाहिमा ने कहा कि वे विभाग में सचिव हैं और अपना पक्ष नियमानुसार रखा है। इस बात पर दोनों के बीच बहस होने लगी। इस पर रस्तोगी ने दाहिमा को कक्ष से बाहर जाने के लिए कह दिया, लेकिन दाहिमा ने कहा कि आपको जो निर्देश देना है दीजिए। अमर्यादित व्यवहार ना करें। दाहिमा के कक्ष के बाहर नहीं जाने पर रस्तोगी खुद ही उठ कर बाहर निकल गए। इस पर दाहिमा ने कहा कि आप मत जाइये। दाहिमा ने इस पूरी मामले की जानकारी मुख्य सचिव को दी। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय में भी जानकारी दे दी।
यह है विवाद का कारण
सूत्रों ने बताया कि दोनों अधिकारियों में फाइल पर टीप को लेकर विवाद हुआ। एक मामले में ललित दाहिमा ने एक ही मामले में दो अधिकारियों के आरोपी होने पर फाइल पर टीप दी कि एक को दोष मुक्त करना और दूसरे पर विभागीय जांच शुरू करना उचित नहीं है। दोनों ही अधिकारियों पर समान आरोप होने पर दोनों पर ही एक्शन होना चाहिए। वहीं, दूसरा मामला हाईकोर्ट में कंटेंप्ट केस की फाइल को लेकर है। इसमें पीएस ने कंटेंप्ट केस के बाद तत्काल आदेश जारी करने को कहा था, जबकि दाहिमा ने फाइल पर टीप दी कि मामला कर्मचारी आयोग और वित्त विभाग को भेजा है। वित्त विभाग ने निर्णय नहीं लिया है। विभाग अपनी कार्रवाई पूरी कर चुका है। वित्त विभाग के निर्णय के बाद ही आदेश जारी किए जा सकेंगे।
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वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनीष रस्तोगी सामान्य प्रशासन विभाग के साथ-साथ जेल विभाग के भी प्रमुख सचिव हैं। जानकारी के अनुसार उन्होंने बुधवार को जेल विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इसमें सचिव ललित दाहिमा और उप सचिव कमल नागर पहुंचे। मनीष रस्तोगी को विभागीय फाइल पर टीप लिखने को लेकर आपत्ति जताई। इस पर दाहिमा ने कहा कि वे विभाग में सचिव हैं और अपना पक्ष नियमानुसार रखा है। इस बात पर दोनों के बीच बहस होने लगी। इस पर रस्तोगी ने दाहिमा को कक्ष से बाहर जाने के लिए कह दिया, लेकिन दाहिमा ने कहा कि आपको जो निर्देश देना है दीजिए। अमर्यादित व्यवहार ना करें। दाहिमा के कक्ष के बाहर नहीं जाने पर रस्तोगी खुद ही उठ कर बाहर निकल गए। इस पर दाहिमा ने कहा कि आप मत जाइये। दाहिमा ने इस पूरी मामले की जानकारी मुख्य सचिव को दी। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय में भी जानकारी दे दी।
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यह है विवाद का कारण
सूत्रों ने बताया कि दोनों अधिकारियों में फाइल पर टीप को लेकर विवाद हुआ। एक मामले में ललित दाहिमा ने एक ही मामले में दो अधिकारियों के आरोपी होने पर फाइल पर टीप दी कि एक को दोष मुक्त करना और दूसरे पर विभागीय जांच शुरू करना उचित नहीं है। दोनों ही अधिकारियों पर समान आरोप होने पर दोनों पर ही एक्शन होना चाहिए। वहीं, दूसरा मामला हाईकोर्ट में कंटेंप्ट केस की फाइल को लेकर है। इसमें पीएस ने कंटेंप्ट केस के बाद तत्काल आदेश जारी करने को कहा था, जबकि दाहिमा ने फाइल पर टीप दी कि मामला कर्मचारी आयोग और वित्त विभाग को भेजा है। वित्त विभाग ने निर्णय नहीं लिया है। विभाग अपनी कार्रवाई पूरी कर चुका है। वित्त विभाग के निर्णय के बाद ही आदेश जारी किए जा सकेंगे।
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