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MP News: दिग्विजय सिंह ने सीएम से की मुलाकात, नर्सिंग छात्रों की समस्या से कराया अवगत
Fri, 19 Jul 2024 10:23 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 19 Jul 2024 10:23 PM IST
सार
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात में दिग्विजय सिंह ने नर्सिंग घोटाले से प्रभावित छात्र-छात्राओं की समस्याओं को लेकर पांच बिंदुओं को रखा। मुख्यमंत्री ने छात्र हित में निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
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दिग्विजय सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मध्य प्रदेश में कांग्रेस नर्सिंग घोटाले को लेकर भाजपा सरकार पर लगातार हमलावर है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार शाम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को पांच बिंदुओं में नर्सिंग के छात्र-छात्राओं की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि प्रदेश के नर्सिंग घोटाले की वजह से लाखों छात्र-छात्राएं प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने दिग्विजय सिंह की बात सुनने के बाद उनको छात्र-छात्राओं के हित में निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को समस्याएं बताई कि नर्सिंग छात्र छात्राओं की परीक्षा आयोजित होने के लंबे समय के बाद भी हजारों छात्र छात्राओं के परीक्षा परिणाम जारी नहीं किए गए। सत्र 2021-22, 2022-23 के छात्र छात्राओं की नामांकन की प्रक्रिया भी पूरी नहीं कर पाया विश्वविद्यालय ऐसे में परीक्षा कब होगी छात्र 3-4 साल से फर्स्ट ईयर में ही हैं। पीएनएसटी (प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट) 2022 शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) द्वारा आयोजित करवाई गई थी, जिसमें 66 हजार छात्राओं ने परीक्षा दी थी, लेकिन परीक्षा परिणाम आज तक जारी नहीं किए गए। 66 अनसूटेबल (अपात्र) नर्सिंग कॉलेजों के हजारों छात्र छात्राओं को सूटेबल (पात्र) नर्सिंग कॉलेजों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करना चाहिए। सरकार की लापरवाही की वजह से लाखों नर्सिंग छात्र छात्राओं के जो 3 से 4 साल बर्बाद हुए हैं, उसके एवज में सरकार को छात्र छात्राओं को फीस में रियायत देनी चाहिए।
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दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को समस्याएं बताई कि नर्सिंग छात्र छात्राओं की परीक्षा आयोजित होने के लंबे समय के बाद भी हजारों छात्र छात्राओं के परीक्षा परिणाम जारी नहीं किए गए। सत्र 2021-22, 2022-23 के छात्र छात्राओं की नामांकन की प्रक्रिया भी पूरी नहीं कर पाया विश्वविद्यालय ऐसे में परीक्षा कब होगी छात्र 3-4 साल से फर्स्ट ईयर में ही हैं। पीएनएसटी (प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट) 2022 शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) द्वारा आयोजित करवाई गई थी, जिसमें 66 हजार छात्राओं ने परीक्षा दी थी, लेकिन परीक्षा परिणाम आज तक जारी नहीं किए गए। 66 अनसूटेबल (अपात्र) नर्सिंग कॉलेजों के हजारों छात्र छात्राओं को सूटेबल (पात्र) नर्सिंग कॉलेजों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करना चाहिए। सरकार की लापरवाही की वजह से लाखों नर्सिंग छात्र छात्राओं के जो 3 से 4 साल बर्बाद हुए हैं, उसके एवज में सरकार को छात्र छात्राओं को फीस में रियायत देनी चाहिए।
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