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MP News: पटवारी परीक्षा रद्द करने और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग, भोपाल में जुटे अभ्यार्थी हिरासत में

Wed, 28 Feb 2024 02:37 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Wed, 28 Feb 2024 02:37 PM IST
सार

मध्य प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने विरोध शुरू कर दिया है। इसको लेकर भोपाल में जुटे अभ्यार्थियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन की चेतावनी दी है।  

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MP News: Demand to cancel Patwari recruitment exam and make investigation report public, candidates protest in
पटवारी भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर अभ्यार्थी धरने पर बैठे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग तेज होती जा रही है। बुधवार को भोपाल में नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के बैनर तले अभ्यार्थी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर एकजुट हुए। एमपी नगर चौराहे पर एकजुट होने के बाद अभ्यार्थी वल्लभ भवन की तरफ बढ़े। पुलिस ने उनको व्यापम चौराहे के पास बैरिकेटिंग कर रोक लिया। इसके बावजूद आगे बढ़ने की बात पर अड़े कुछ अभ्यार्थियों को हिरासत में ले लिया। अभ्यार्थी पटवारी परीक्षा की नियुक्ति प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने, परीक्षा की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने, मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में तकनीकी विशेषज्ञों की कमेटी से जांच कराने, दोषियों को सख्त सजा दिलाने और दोबारा परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे है। उनका कहना है कि उनकी मांग नहीं मानी गई तो दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करेंगे। 
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कर्मचारी चयन मंडल ने ग्रुप-2, सबग्रुप-4 और पटवारी परीक्षा के लिए नवंबर-2022 में 9200 पद के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। 15 मार्च से 26 अप्रैल तक 78 सेंटर पर परीक्षाएं आयोजित हुई। इस परीक्षा में 12 लाख 7663 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया। जिसमें से 9 लाख 78 हजार 270 अभ्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा का 30 जून 2023 को परिणाम आया। इसमें 8617 चयनित अभ्यार्थियों की मेरिट सूची जारी हुई। बाकी पद के लिए रिजल्ट रोक दिए गए। इसके बाद ग्वालियर के एक ही सेंटर से 7 टॉपर के नाम सामने आने के बाद परीक्षा पर सवाल खड़े हुए। जिसके बाद रिजल्ट रोक दिया गया और सेवानिवृत्त न्यायाधीश राजेंद्र वर्मा के नेतृत्व में एक सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में परीक्षा को क्लीन चिट दे दी। जिस पर 15 फरवरी को नियुक्ति देने के सरकार ने आदेश भी जारी कर दिए। अभ्यार्थियों का कहना है कि एक सदस्य जांच कमेटी के पास जांच के तकनीकी संसाधन ही नहीं थी। ऐसे में सिर्फ बयानों पर ही जांच रिपोर्ट बना क्लीन चिट दे दी गई। उन्होंने सवाल खड़े किए कि ऑनलाइन परीक्षा की जांच बिना टेक्नीकल सपोर्ट के एक व्यक्ति के करना संभव नहीं है। अभ्यार्थी सरकार से रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी मांग कर रहे है। 
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इन सवालों के जवाब पूछ रहे अभ्यार्थी 
- जांच समिति ने परीक्षा में टॉपर अभ्यार्थी के बयान लिए। 
- क्या टॉपर के आपसी संबंधी और कनेक्शन की जांच की। 
- ग्वालियर के एक सेंटर से 10 में से सात और प्रदेश के केवल तीन केंद्रों से 50 में से 34 टॉपर कैसे आ गए? 
- क्या टॉपर की 10वीं और 12वीं की मार्कशीट की जांच की गई? क्या टॉपर में बोर्ड परीक्षा 35 प्रतिशत अंक से पास करने वाले भी है? 
- पटवारी भर्ती परीक्षा में पास कुछ अभ्यार्थी दिव्यांग यानी उनके कानों से सुनाई नहीं देता? जबकि वह वनरक्षक की भर्ती में फिट थे? यह कैसे संभव है? 
- क्या टॉपर का लॉग इन टाइम चेक किया गया? उसने कितने बजे सिस्टम में लॉगिन किया? कितने घंटे में पेपर को हल किया। 
- मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड यानी ईएसबी के सर्वर की जांच की गई? 

कमलनाथ ने साधा सरकार पर निशाना 
पूर्व सीएम कमलनाथ ने पटवारी भर्ती परीक्षा को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की भर्तियों में हो रहे भ्रष्टाचार और बहुत से सरकारी पदों पर भरती ना होने के खिलाफ प्रदेश के नौजवान आज भोपाल में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इन युवकों की मांग है कि पटवारी भर्ती परीक्षा को दी गई क्लीन चिट सही नहीं है और गलत तरीके से पास हुए लोगों पर कार्यवाही की जाए। पूर्व सीएम ने आगे लिखा कि प्रदेश में शिवराज सरकार के दौरान लगातार नौजवान यह मुद्दे उठाते रहे और डॉक्टर मोहन यादव सरकार में भी युवाओं को सरकारी नौकरियों में होने वाले इस भ्रष्टाचार और सरकार के उदासीन रवैये से जूझना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश का नौजवान बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सरकारी उदासीनता की तिहरी मार से परेशान है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा सरकार ने युवाओं को नौकरी न देने का मन बना लिया है और प्रदेश को भ्रष्टाचार के रास्ते पर धकेल दिया है। 
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